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फर्जी कंपनी खोली, पैसे लिए, वापस मांगे तो गाली देकर भगा दिया

Sun, 10 Apr 2016 02:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 10 Apr 2016 02:13 PM IST
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 Fraud on the name of job in lucknow

ठगों का गढ़ बन चुके हजरतगंज में बेरोजगारों से लाखों रुपये झटकने का एक और मामला सामने आया है। ठगों ने सप्रू मार्ग स्थित जीत पैलेस में जीटीएल लिमिटेड कंपनी के नाम से ऑफिस खोलकर उन्नाव, सीतापुर, अमेठी, लखीमपुर और महाराजगंज सहित सूबे के विभिन्न जनपदों में मोबाइल टॉवर में इलेक्ट्रीशियन की नौकरी का प्रचार-प्रसार किया।

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ऑफिस आने वाले युवकों को झांसा देकर सिक्योरिटी मनी के रूप में चालीस हजार से एक लाख रुपये जमा कराए। आठ-दस महीने बाद भी नौकरी नहीं मिली तो पीड़ितों ने रकम वापस मांगी। इस पर संचालकों ने गाली-गलौज करते हुए भगा दिया।
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पुलिस से शिकायत करने पर जान से मरवाने की धमकी दी। कल्याणपुर के पूर्वांचलनगर निवासी इलेक्ट्रीशियन बैजनाथ यादव को भी ठगों ने अस्सी हजार रुपये का चूना लगाया।
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बैजनाथ ने बीते मंगलवार को कंपनी के मैनेजर निर्मल कुमार सहित कंपनी संचालकों के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर विजयमल यादव ने बताया कि विवेचना उपनिरीक्षक मनोज सिंह भदौरिया को सौंपी गई है।

12 हजार रुपये सेलरी का दिया था झांसा

 Fraud on the name of job in lucknow

कंपनी के मैनेजर निर्मल कुमार ने अभ्यर्थियों से कहा था कि मोबाइल टॉवरों में इलेक्ट्रीशियन की भर्ती वही करता है। शुरू में प्रत्येक अभ्यर्थी को प्रतिमाह 12000 रुपये सेलरी मिलेगी। छह महीने बाद वेतन बढ़ा दिया जाएगा।

बिना रसीद के जमा की सिक्योरिटी मनी
कंपनी ने सभी अभ्यर्थियों से अलग-अलग सिक्योरिटी मनी जमा कराई और रसीद नहीं दी। सबसे कैश पेमेंट लिया। रसीद न मिलने और अलग-अलग रकम जमा कराने पर कुछ अभ्यर्थियों ने पूछताछ की। इस पर कंपनी के अधिकारियों ने इलेक्ट्रीशियन के ग्रेड अलग होने की बात कहकर उन्हें समझा दिया।

वेकेंसी न होने की बात कह टरकाते रहे
बैजनाथ ने बताया कि उसके पिता किसान हैं और आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। कंपनी ने अस्सी हजार रुपये मांगे तो रिश्तेदारों से उधार लेकर जमा किए। इसके बाद वह कंपनी के अधिकारियों से संपर्क करता तो टॉवर में वेकेंसी न होने की बात कहकर टरका देते। बैजनाथ लगभग रोज कंपनी के ऑफिस जाने लगा तो उसे वहां आने से मना कर दिया गया।

इनको बनाया शिकार और इतने पैसे लिए

 Fraud on the name of job in lucknow
धन

रियासल अली, उचौलिया लखीमपुर से एक लाख रुपये
बबलू प्रजापति, महाराजगंज सिटी से साठ हजार रुपये
राजकिशोर यादव, धावेट बस्ती से साठ हजार रुपये
नरेश चंद्र, लल्लोआ लखीमपुर से पचास हजार रुपये

इंद्रजीत यादव, पतौला पासी उन्नाव से पचास हजार रुपये
आशीष ओझा, कनुपुरे अमेठी से पचास हजार रुपये
कमलेश यादव, अटोरा सीतापुर से पचास हजार रुपये

दिनेश कुमार, इमलिया शाहजहांपुर से पैंतालीस हजार रुपये
इकरार अहमद, सदर बाजार सीतापुर से चालीस हजार।

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