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महंगी पड़ी फेसबुकिया दोस्ती, ठगे आठ लाख रुपये

Thu, 14 Aug 2014 12:14 PM IST
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 14 Aug 2014 12:14 PM IST
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fraud on facebook

धर्मार्थ कार्य राज्यमंत्री विजय मिश्रा के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर विभूतिखंड निवासी होटल कारोबारी भगवती शरण द्विवेदी से ठगी का मामला सामने आया है।

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द्विवेदी ने ब्राह्मण युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व शामली निवासी आशुतोष पांडे के खिलाफ सीएम से शिकायत की थी। जिसके बाद हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
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द्विवेदी का आरोप है कि पांडे ने फेसबुक पर दोस्ती कर उन्हें ब्राह्मण युवजन सभा का प्रदेश महासचिव मनोनीत कर करीब आठ लाख रुपये ठग लिए।

मई में द्विवेदी बहुखंडी आवास में राज्यमंत्री से मिले तब मामला खुला। मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।

हजरतगंज सीओ राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मूल रूप से अयोध्या निवासी द्विवेदी का फैजाबाद में होटल है और वह राजधानी में रहकर रियल एस्टेट का काम भी करते हैं।
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फेसबुक पर द्विवेदी की ब्राह्मण युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से दोस्ती थी।

सीओ ने बताया कि 25 मार्च 2013 को पांडे ने हजरतगंज के रॉयल कैफे में कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें ब्राह्मण युवजन सभा का प्रदेश महासचिव मनोनीत कर दिया।

मई में उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बना दिया गया। पांडे ने सभा का संरक्षक विजय मिश्रा को बताया था जो उस वक्त वैकल्पिक ऊर्जा राज्य मंत्री थे।

द्विवेदी का कहना है कि राष्ट्रीय महासचिव बनते ही राज्यमंत्री की फेसबुक आईडी से उनके पास फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। इसके बाद फेसबुक के जरिए ही राज्यमंत्री समय-समय पर उन्हें निर्देश देते रहे।

बकौल द्विवेदी, उनसे पार्टी के हित में सभा की तरफ से प्रदेश के विभिन्न जिलों में बैठकें, कार्यक्रम, सम्मेलन करने के लिए कहा गया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष पांडे को साथ लेकर दौरे करने के भी निर्देश दिए गए। अक्सर पांडे को मोबाइल और अच्छे कपड़े दिलाने के लिए कहा जाता।

द्विवेदी ने बताया कि पांडे ने उन्हें राज्यमंत्री का फोन नंबर (8881935550) भी दिया था। इस नंबर से अक्सर कोई व्यक्ति राज्यमंत्री बनकर कॉल करता था और सभा की गतिविधियों का हालचाल लेता था।

बीती 31 मई को नोएडा में सभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई। द्विवेदी बैठक में पहुंचे तो वहां पांच-छह लोग ही दिखे। शंका होने पर उन्होंने राज्यमंत्री का नंबर मिलाकर बातचीत की।

राज्यमंत्री ने खुद के लखनऊ में होने की बात कहते हुए उन्हें मिलने के लिए बुलाया। द्विवेदी ने राजधानी पहुंचकर उक्त नंबर मिलाया तो वह स्विच ऑफ मिला।

इसके बाद सूचना डायरी से राज्यमंत्री के बहुखंडी स्थित आवास का पता लेकर द्विवेदी वहां पहुंच गए। राज्यमंत्री से मिलकर उन्होंने पूरा घटनाक्रम बताया तब एक साल से चल रहे ठगी के इस धंधे की पोल खुली।

राज्यमंत्री ने मौके पर ही उनसे प्रार्थनापत्र लिखवाकर सीएम से शिकायत की। सीएम के निर्देश पर द्विवेदी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

द्विवेदी ने बताया कि मंगलवार को अयोध्या सीओ ने फोन कर सीएम के यहां से शिकायत मिलने की बात कही। सीओ का कहना है कि फेसबुक के जरिए फ्रॉड किया गया है इसलिए मामले की जांच क्राइम ब्रांच को भेजी गई है।

राज्यमंत्री और आयोग का सदस्य बनाने का झांसा देता था
ब्राह्मण युवजन सभा का प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष पांडे सदस्य बनाने और संगठन के फंड में रुपये जमा कराने के लिए पार्टी के सभी जिलाध्यक्षों को पत्र लिखता था।

उसने फैजाबाद के जिलाध्यक्ष महेंद्र शुक्ल को पत्र लिखकर प्रदेश की सदस्यता शुल्क 21 हजार मंडल की 11 हजार और जिले के लिए 5001 रुपये जमा कराने की बात कही।


पत्र में उसने जिलाध्यक्ष से कहा है कि यह काम आपको व्यक्तिगत रूप से करना है। संगठन इसकी रसीद जल्द जारी करेगा।

पांडे सभी से कहता था कि अच्छा काम करने वालों को राज्यमंत्री विजय मिश्रा किसी आयोग की सदस्यता दिलवा देंगे या राज्यमंत्री बनवा देंगे।

उसने राज्यमंत्री बनकर कई लोगों को फोन करके अच्छे काम की बधाई भी दी। ठगी के शिकार भगवती शरण द्विवेदी का कहना है कि कथित राज्यमंत्री अक्सर उसे फोन कर सभा की गतिविधियों के बारे में जानकारी लेता था।

द्विवेदी के मुताबिक वह कहता था कि सीएम और नेताजी से कहकर जल्द ही उसे किसी आयोग का सदस्य बनवा देंगे।

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