{"_id":"9ba029cb25fa0dd75f116a85fba2831d","slug":"fraud-by-bank-personnel-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंक कैशियर और मैनेजर ने मिलकर की लूट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बैंक कैशियर और मैनेजर ने मिलकर की लूट
टीम डिजिटल/अमर उजाला,लखनऊ
Updated Thu, 14 Aug 2014 12:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माल ब्लॉक में गरीब विधवाओं के लिए संचालित भैंस खरीद योजना के ऋण बांटने में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है।
विज्ञापन
इस खेल में बैंक के प्रबंधक और कैशियर ने मिलीभगत कर योजना के चयनित एक दर्जन से अधिक महिलाओं के नाम पर बैंक में अलग खाता तो खुलवाया, लेकिन अनुदान ऋण की राशि उनके खातों में जमा किए बिना हड़प ली।
फर्जीवाड़े की शिकायत पर हरकत में आए प्रशासन ने मामले की जांच बीडीओ माल से कराने के बाद इलाहाबाद बैंक प्रबंधन को आरोपी बैंक कर्मियों पर कार्रवाई और हड़पी अनुदान ऋण राशि की वसूली का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
अनुदानित ऋण राशि को फर्जीवाड़े से हड़पने यह पूरा मामला माल ब्लॉक की ग्राम पंचायत रनीपारा में बीते दिनों तब सामने आया, जब गांव की एक दर्जन से अधिक महिलाओं के घरों पर अचानक बैंक से जारी ऋण रिकवरी राशि का नोटिस पहुंचने लगा।
विज्ञापन
इलाहाबाद बैंक से बिना कोई ऋण लिए नोटिस पहुंचने से परेशान ग्रामीणों ने इसकी शिकायत एडीएम प्रशासन राजेश पांडेय से की।
मामले को गंभीर मानते हुए एडीएम प्रशासन ने इसकी समयबद्ध जांच बीडीओ माल दिनकर कुमार विद्यार्थी को सौंपते हुए रिपोर्ट तलब की।
बीडीओ द्वारा कराई गई जांच में उजागर हुआ कि सात माह पूर्व ब्लॉक स्थित इलाहाबाद बैंक शाखा से विधवा महिलाओं को सबल बनाने के लिए संचालित भैंस खरीद अनुदान ऋण योजना के तहत एक दर्जन से अधिक पात्रों को अनुदान ऋण राशि के बतौर 38-38 हजार की राशि उन्हें वितरित दिखाई गई है।
बैंक स्टेटमैन की जांच में पता चला कि तात्कालिक शाखा प्रबंधक व कैशियर ने रनीपारा गांव में रहने वाली महरानी, मय्यालाल, परमेश्वर, गायत्री, मान कुमारी व शिवदुलारी सहित एक दर्जन से अधिक महिलाओं के नाम पर पहले अलग से बैंक खाते खुलवाए।
फिर इसमें भैंस खरीद अनुदान ऋण योजना के तहत 38 हजार रुपयों की राशि खातेदार को वितरित दिखाकर उस राशि को हड़प लिए।
बीडीओ की जांच रिपोर्ट के आधार एडीएम प्रशासन ने अब इलाहाबाद बैंक प्रबंधन को पत्र लिखकर अनुदानित ऋण राशि में हुए फर्जीवाड़े के आरोपी बैंक कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कर हड़पी गई और राशि की रिकवरी कराने का निर्देश दिया गया है।