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बाइक बोट घोटाला: जेल में बंद आरोपी के ऊपर भी घोषित कर दिया पांच लाख का इनाम
Mon, 07 Mar 2022 03:54 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 07 Mar 2022 03:54 PM IST
सार
बाइक बोट घोटाले में वांछित को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद भी शासन ने उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया। इसे निरस्त कराने के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
बाइक बोट घोटाले में तीन दिन पहले जिन चार वांछितों पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है, उसमें से एक आरोपी बीते 38 दिनों से जेल में है। यानी जो व्यक्ति जेल के अंदर है उस पर भी शासन ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया।
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जानकारी के अनुसार 3 मार्च को शासन ने बाइक बोट घोटाले में वांछित चार आरोपियों दीप्ति बहल, लोकेंद्र सिंह, भूदेव और विजेंद्र सिंह हुड्डा पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। यह इनाम अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी की ओर से घोषित किया गया था।
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इसमें बुलंदशहर के रहने वाले लोकेंद्र सिंह को यूपी एसटीएफ ने 27 जनवरी को ही मथुरा से गिरफ्तार किया था। हालांकि शासन के अधिकारियों का कहना है कि डीजी आर्थिक अपराध अनुसंधान की ओर से 24 जनवरी को भेजे गए पत्र के आधार पर आरोपियों पर इनाम 50 हजार रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया गया है।
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एसटीएफ ने लोकेंद्र की गिरफ्तारी 27 जनवरी को की थी, लेकिन इसकी सूचना आर्थिक अनुसंधान के अधिकारियों द्वारा शासन को नहीं दी गई। जिसकी वजह से गिरफ्तारी के बाद भी लोकेंद्र पर इनाम घोषित कर दिया गया।
आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा के डीजी राज कुमार विश्वकर्मा का कहना है कि बाइक बोट घोटाले के चार आरोपियों पर पूर्व से घोषित 50 हजार रुपये के इनाम को बढ़ाकर पांच लाख रुपये किए जाने का प्रस्ताव शासन को 24 जनवरी को भेजा गया था। एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने 27 जनवरी को लोकेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था। अब लोकेंद्र पर बढ़ाए गए इनाम को निरस्त कराए जाने के संबंध में शासन को पत्र भेजा जाएगा।