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वीमेन पॉवर लाइन की कैंटीन में चली गोली, दो घायल
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Thu, 07 Nov 2013 03:07 AM IST
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मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट वीमेन पॉवर लाइन की कैंटीन में गोली चलने से सनसनी फैल गई।
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पॉवर लाइन के प्रभारी की सर्विस पिस्टल से चली गोली से दो सिपाही मामूली रूप से घायल हो गए।
प्रभारी ने दोनों सिपाहियों का एक निजी अस्पताल में इलाज कराकर घर भेजा और अफसरों को भनक नहीं लगने दी।
एक हफ्ते बाद इसकी जानकारी होने पर डीआईजी रेंज ने वीमेन पॉवर लाइन के प्रभारी व अन्य कर्मचारियों की कड़ी फटकार लगाई और मामले की जांच आईपीएस अफसर को सौंपी।
सूत्रों के मुताबिक, वीमेन पॉवर लाइन के प्रभारी कुंवर राघवेंद्र प्रताप सिंह एक हफ्ते पहले कैंटीन में बैठे मातहतों के साथ बातचीत कर रहे थे।
इसी दौरान सर्विस पिस्टल का प्रदर्शन करने लगे। लापरवाही के चलते फायर हो गया। पिस्टल से निकली गोली फर्श से टकराई और पास में बैठे कांस्टेबल प्रमोद व देवेंद्र को जख्मी कर गई।
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गोली चलने से वीमेन पॉवर लाइन में हड़कंप मच गया। बुरी तरह घबराए प्रभारी ने किसी तरह खुद को संभाला।
मातहतों को जुबान बंद रखने की हिदायत देने के साथ प्रमोद को आलमबाग के एक निजी अस्पताल ले गए।
वहां परिचित डॉक्टर से इलाज कराकर प्रमोद को घर भेजा जबकि, देवेंद्र ने एक अन्य अस्पताल में मरहम पट्टी कराई।
प्रभारी के दबाव के चलते पूरा स्टाफ चुप्पी साधे रहा। एक हफ्ते बाद डीआईजी रेंज नवनीत सिकेरा को घटना की भनक लगी।
डीआईजी ने बताया कि मीडिया से पता चलने पर उन्होंने वीमेन पॉवर लाइन में जानकारी की। प्रभारी ने बताया कि सर्विस पिस्टल की मैग्जीन निकालने के बाद एक कारतूस चैंबर में फंसा था।
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ऐसी दशा में फर्श पर फायर करके पिस्टल खाली किया था। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है।
घटना के हफ्ता भर छुपाए रखने के लिए डीआईजी ने पॉवर लाइन के प्रभारी कुंवर राघवेंद्र प्रताप व अन्य कर्मचारियों की कड़ी फटकार लगाई और आईपीएस अफसर शचि घिल्डियाल को मामले की जांच सौंपी।
डीआईजी ने कहा कि इत्तिफाकिया हादसा था लेकिन प्रभारी को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी।
दूसरी तरफ, कुंवर राघवेंद्र प्रताप सिंह ने घटना को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कांस्टेबल प्रमोद अपनी शादी के सिलसिले में छुट्टी पर है और देवेंद्र उनकी टीम में नहीं है।
उन्होंने सफाई दी कि वह सर्विस पिस्टल भी आमतौर पर अपने पास नहीं रखते। गोली चली ही नहीं थी।