फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   fatehpur girl murder case

हत्या के बाद धोए गए थे लड़की के खून वाले कपड़े

Mon, 09 Mar 2015 07:00 PM IST
Updated Mon, 09 Mar 2015 07:00 PM IST
विज्ञापन
fatehpur girl murder case

फतेहपुर में एक लड़की की बलि देने के मामले में पुलिस के हाथ अहम सबूत लगे हैं यह अलग बात है कि पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर लिया है जिन्होंने इस घटना से उत्तेजित होते हुए आरोपी के घर आग लगा दी थी।

विज्ञापन


छात्रा पलक को अगवा करने के बाद बड़ी बेरहमी से मौत के घाट उतारा गया था। प्राथमिक छानबीन में आरोपी के घर से पुलिस को अहम साक्ष्य मिले हैं। पुलिस की एक टीम ने आरोपी के घर से खून साफ करने वाले कपड़े बरामद किए हैं।
विज्ञापन


मकान के अंदर उस जगह भी पुलिस पहुंची जहां पर छात्रा की हत्या की गई थी। आरोपियों ने छत पर चढ़ने वाले जीने के बगल में बने भंडारगृह में छात्रा को कूंचा था। उस जगह पर खून के छींटे मिले। हत्या के बाद कपड़ों से खून साफ किया था और उन कपड़ों की भी धुलाई की थी। सारे सबूत जुटाकर पुलिस ने फारेंसिक जांच के लिए भेजे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरोपियों को पहुंचाया जेल

fatehpur girl murder case

कोतवाली पुलिस आरोपियों के खिलाफ इलाके के लोगों में बवाल के बाद व्याप्त रोष से परिचित हो चुकी है। पुलिस ने मुख्य आरोपी संदीप श्रीवास्तव को लोगों की नजरों से बचाकर थरियांव थाने में छिपाकर रखा था।

पुलिस ने गुपचुप तरीके से शनिवार की शाम मुख्य आरोपी और उसकी पत्नी पिंकी व रिटायर्ड दरोगा बहन आशारानी को कोर्ट ले गई थी। कोर्ट के आदेश पर पब्लिक की नजरों से बचाकर सीधे आरोपियों को जेल पहुंचा दिया है।

पुलिस ने वीडियो फुटेज और इलाकाई लोगों से जानकारी जुटाने के बाद बलवे में आरोपियों को नामजद किया है। नामजद आरोपियों में करीब-करीब हर परिवार का एक सदस्य पुलिस की कार्रवाई की जद में आ चुका है। अब पुलिस आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए तैयारी बना रही है।

इलाकाई लोगों के अनुसार कई नामजद आरोपी घटनाकांड के दौरान खुद को पुलिस की मदद में शामिल होने की बात कह रहे हैं। इस बड़ी कार्रवाई में कई दोषी पुलिस की पकड़ से दूर और कई निर्दोष भी फंसे हैं।

आक्रोशित भीड़ पर भी मुकदमा

fatehpur girl murder case

जयराम नगर इलाके में छात्रा को अगवा कर बलि देने के मामले में अपनी नाकामी को छिपाते हुए खिसियाई पुलिस ने उल्टे आक्रोशित भीड़ पर शिकंजा कसा है। पुलिस ने मृतका के परिजनों समेत इलाके के बीस लोगों के खिलाफ नामजद और 20 अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। घरों से लोग इधर-उधर हो गए हैं। कोतवाल केके यादव की तहरीर पर लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस ने मृत छात्रा पलक के दादा राजबहादुर सिंह व मामा बृजेंद्र सिंह समेत इलाके के पुत्तन सिंह, बीनू सिंह, अजय पटेल, पप्पू सिंह चंदेल, बब्लू मिस्त्री, राममिलन भदौरिया, अजय भदौरिया, प्रहलाद गुप्ता, दिनेश सोनी, संजय सविता, प्रमोद सिंह, कुलदीप, राजू शास्त्री, अमित सिंह, सुंदर सिंह, धर्मेंद्र, सत्यम, कल्लू भदौरिया के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस ने इनके खिलाफ बवाल की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। बताते चलें कि चार मार्च की शाम को छात्रा पलक (9) पुत्री बृजेश सिंह को अगवा कर लिया गया था। इसके बाद बलि देकर पड़ोसी संदीप श्रीवास्तव और उसकी रिटायर्ड महिला दरोगा बहन आशारानी व पत्नी पिंकी ने लाश को छह मार्च की सुबह घर के पीछे फें क दिया था।

घटना से नाराज इलाके के लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर बवाल किया था। पुलिस के साथ मारपीट वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया था। आरोपी के घर में भी आग लगाकर गृहस्थी तहस नहस कर दी गई थी। उधर, रिटायर्ड महिला दरोगा आशारानी ने जेल जाने के समय बताया कि उसके घर से उपद्रवियों ने सात लाख रुपये की संपत्ति लूट ली है।

इसमें करीब पांच लाख रुपये के जेवर और 35 हजार रुपये की नकदी घर में रही है। पलक के लापता होने के बाद कस्थानीय पुलिस ने इलाके के कई घरों में छानबीन की। पुलिस आरोपी के घर तक भी पहुंची। लेकिन आरोपी की रिटायर्ड दरोगा बहन की आवभगत में पुलिस पूरे मकान की तलाशी लिए बिना ही खिसक ली। लोगों में आक्रोश है कि पुलिस मुस्तैदी के साथ कार्रवाई करती तो मासूम को बचाया जा सकता था।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed