{"_id":"bf673388885eabc9fa2104aab0dbdb3d","slug":"fake-doctor-kill-her-wife","type":"story","status":"publish","title_hn":"झोलाछाप ने हत्या कर रची ऐसी साजिश की पुलिस भी खाई धोखा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
झोलाछाप ने हत्या कर रची ऐसी साजिश की पुलिस भी खाई धोखा
संजय त्रिपाठी/लखनऊ
Updated Thu, 05 Sep 2013 02:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगराम क्षेत्र में एक झोलाछाप डॉक्टर ने दो साल से साथ रह रही प्रेमिका की हत्या की और लाश रायबरेली में फेंक आया।
विज्ञापन
इसके बाद प्रेमिका के बच्चों को हफ्ता भर बंधक बनाए रखने के साथ पुलिस को पत्नी समेत बाइक लेकर इंदिरा नहर में गिरने की कहानी सुनाकर अस्पताल में भर्ती हो गया। भांडा फूटता देख अस्पताल से फरार हो गया।
पुलिस ने हफ्ता भर टालमटोल के बाद रिपोर्ट दर्ज की है। खास बात यह है कि झोलाछाप डॉक्टर ने दो साल पहले प्रेमिका के साथ मिलकर उसके पति की हत्या की थी।
नगराम के गांव उतरावां के मजरा रमपुरा के राजेंद्र कुमार ने रायबरेली के बछरावां थाने के गांव सुदौली निवासी झोलाछाप डॉक्टर राकेश रावत व उसके भांजे महेंद्र पर अपनी मां रामश्री (40) की 20 अगस्त की रात हत्या व अपने छोटे भाई सत्यदेव, रवि एवं बहन मनीषा को पांच दिन तक बंधक बनाए रखने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विज्ञापन
राजेंद्र ने 22 अगस्त को बछरावां पुलिस द्वारा विनायकपुर के पास पुलिया के नीचे से बरामद शव की शिनाख्त कपड़े व फोटो के आधार पर अपनी मां रामश्री के रूप में की।
विज्ञापन
तफ्तीश में खुलासा हुआ कि राकेश ने करीब पांच साल पहले गांव समेसी में क्लीनिक खोला था। वहां गांव सुदौली की रामश्री से प्रेमप्रसंग हो गया। विरोध करने पर राजश्री के साथ मिलकर उसके पति रामप्रकाश की हत्या कर दी।
इस मामले में दोनों जेल भी गए थे। जमानत के बाद रामश्री अपने तीन बच्चों सत्यदेव, रवि व मनीषा को साथ लेकर गांव समेसी में राकेश के साथ रहने लगी, जबकि बड़ा बेटा राजेंद्र रमपुरा में रह रहा था।
सत्यदेव, मनीषा व रवि ने पुलिस को बताया कि कुछ दिनों से राकेश मां रामश्री और उन्हें प्रताड़ित कर रहा था। राकेश ने भांजे महेंद्र की मदद से 20 अगस्त की रात रामश्री को डंडे व सरिया से जमकर पीटा।
इसके बाद उसे अस्पताल ले जाने की बात कहकर घर से निकला। जबकि, तीनों बच्चों को घर में बंधक बनाने के साथ महेंद्र को निगरानी के लिए छोड़ दिया।
एक हफ्ते बाद 27 अगस्त को बाइक लेकर इंदिरा नहर में कूद गया। मौके पर पहुंची पुलिस को बताया कि पत्नी के साथ जाते सयम संतुलन बिगड़ने से बाइक समेत नहर में गिर गया।
राकेश को अस्पताल में भर्ती कराने के साथ पुलिस ने नहर खंगाली लेकिन रामश्री का कुछ पता नहीं चला। अगले दिन किसी तरह घर से भागे बच्चों ने थाने में गुहार लगाई लेकिन पुलिसकर्मियों ने टरका दिया।
बछरावां पुलिस द्वारा महिला की लाश बरामद किए जाने की जानकारी पर बच्चों ने फिर गुहार लगाई तो रायबरेली का रास्ता दिखा दिया।
तहसील दिवस में शिकायत पर हुई सुनवाई
मां की हत्या की रिपोर्ट लिखाने के लिए तीनों बच्चे कई दिन से थाने के चक्कर काट रहे थे। कोई नतीजा न निकलने पर उन्होंने रमपुरा में रह रहे अपने बड़े भाई राजेंद्र को जानकारी दी। इस पर राजेंद्र उन्हें लेकर मोहनलालगंज में तहसील दिवस पर पहुंचा।
सीओ के आदेश पर नगराम पुलिस ने रिपोर्ट लिखी। रायबरेली के बछरावां क्षेत्र में बरामद शव की शिनाख्त की कार्रवाई की लेकिन पुलिस की टालमटोल के चलते आरोपी झोलाछाप डॉक्टर राकेश व उसका भांजा महेंद्र फरार हो चुका था।