नए प्रेमी के साथ मिलकर युवती ने किया प्रेमी बॉस का कत्ल
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लखनऊ के गोमतीनगर पुलिस ने साइबर क्राइम सेल की मदद से एक मर्डर मिस्ट्री का सनसनीखेज खुलासा किया। एक हर्बल कंपनी चलाने वाले को उसकी सहकर्मी ने अपने प्रेमी से मरवा दिया। बुधवार सुबह हर्बल कंपनी में काम करने वाली युवती व उसके प्रेमी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार करके गौतम बनर्जी हत्याकांड का खुलासा किया है।
अधेड़ गौतम बनर्जी के अपनी सहकर्मी से अवैध संबंध थे। खुद को अविवाहित बताने वाली सहकर्मी को उसकी शादी की वीडियो क्लिप दिखाकर ब्लैकमेल करता था। त्रस्त युवती ने कंपनी में दवा लेने आने वाले युवक को प्रेमजाल में फंसाया।
उसे दुखड़ा सुनाकर अपने बॉस के खिलाफ इतना भड़काया कि युवक ने दो साथियों की मदद से 20 अगस्त को गौतम बनर्जी को शराब पिलाकर क्रूरता से मार डाला। गुप्तांग के साथ नाक-कान काट डाले थे।
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि गोमतीनगर के विपुल खंड-एक में हर्बल लाइफ नामक कंपनी चलाने वाले गौतम बनर्जी (52) की हत्या के मामले में मड़ियांव के वसंत विहार निवासी निशि उर्फ छवि श्रीवास्तव, श्याम विहार कॉलोनी फैजुल्लागंज निवासी उसके प्रेमी दीपक ओबराय और हरदोई के बघौली थाने के गांव बरवा निवासी अरविंद कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया गया है, चौथा आरोपी दीपक उर्फ दीपू उर्फ लाल सिंह अभी फरार है।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि छवि श्रीवास्तव काफी समय से गौतम बनर्जी की कंपनी में काम करती थी और दोनों में अवैध संबंध थे। छवि की अरसा पहले गौतम ने अपने परिचित से शादी कराई थी। कुछ ही दिनों में छवि ने पति से नाता तोड़ लिया।
वह खुद को अविवाहित बताती थी, जबकि गौतम बनर्जी के पास उसकी शादी की वीडियो क्लिप व अन्य सुबूत थे। छवि को किसी से करीबी बनाते देख वह उसकी शादी का राज उजागर करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता था। छवि अधेड़ बॉस के चंगुल से छूटने का उपाय सोच रही थी।
ऐसे हुई थी मुलाकात
एसओ गोमतीनगर श्यामबाबू शुक्ला ने बताया कि कर्नाटका की एक यूनिवर्सिटी से बीटेक की पढ़ाई कर रहा दीपक ओबराय चार महीने पहले फन रिपब्लिक में टेक्निकल सुपरवाइजर था। वहां हर्बल कंपनी का प्रचार करने आई छवि से मुलाकात हुई। नौकरी के साथ मॉडलिंग करने वाला दीपक वजन कम करने की दवा लेने गौतम बनर्जी के ऑफिस पहुंचा। छवि ने दो-चार मुलाकातों में नजदीकी बनाई और दीपक को प्रेमजाल में फंसा लिया।
दीपक ने शादी का वादा किया। छवि अपने बॉस की नजरें बचाकर दीपक से मिलने लगी। दोनों के अवैध संबंधों का पता चलने पर गौतम बनर्जी ने विरोध जताया। छवि ने दीपक से कोई संबंध न होने की बात करने के साथ गौतम को सिर्फ उसी से मोहब्बत का झांसा देने के साथ ठिकाने लगाने का तानाबाना बुनती रही।
उसने दीपक को गौतम के खिलाफ भड़काना शुरू किया। प्रेमप्रसंग के महीना भर बाद दीपक से कहा कि गौतम ने उसे चंगुल में फंसा रखा है। उसे ब्लैकमेल करके अवैध संबंध बनाता है। गौतम ने उसकी क्लिप बना रखी है। बदनामी की वजह से पुलिस से शिकायत नहीं की। इस तरह छवि ने दीपक को किसी तरह क्लिप हथियाने व गौतम को सबक सिखाने के लिए उकसाया।
प्रेमिका का दुखड़ा सुन काट डाला
अपने दोस्त अरविंद तिवारी व लाल सिंह की मदद से गौतम को ठिकाने लगाने की साजिश बनाई। गौतम को 20 अगस्त की दोपहर नए नंबर से कॉल करके मलेशेमऊ बुलाया। कंपनी के फायदे के झांसे में गौतम बनर्जी कार लेकर पहुंचा।
पहले से इंतजार कर रहे दीपक ने अपने दोनों दोस्तों से परिचय कराया और मौजमस्ती के बहाने अर्जुनगंज ले गए। वहां कार में बैठकर बीयर पी। गौतम को नशा चढ़ने पर लाल सिंह ने ड्राइविंग शुरू की। बीयर पीते हुए बांगरमऊ पहुंचे, जहां गौतम व लाल सिंह ने एसबीआई के एटीएम के रकम निकाली।
बांगरमऊ में भी बीयर व शराब खरीदी। जाम लड़ाए। नशा चढ़ने पर गौतम बनर्जी को छवि की वीडियो क्लिप लौटाने के लिए धमकाना शुरू किया। उसे गड़ासा दिखाया। कार में रखा उसका लैपटॉप व पैनड्राइव चेक की। इस बीच रात हो चुकी थी।
बांगरमऊ में सुनसान रोड पर कार रोकी। नशे में धुत गौतम बनर्जी को सड़क किनारे खेत में ले जाकर गड़ासे से काट डाला। उसके नाक-कान काटे। छवि से अवैध संबंध बनाने के गुस्से में उसका गुप्तांग काट डाला। चेहरे पर कई वार करके पहचान मिटाई। लाश खेत में छोड़ गौतम की कार लेकर तीनों लोग भाग निकले।
सहकर्मी के कॉल डिटेल से कसा शिकंजा
एसओ गोमतीनगर श्यामबाबू शुक्ला, एसआई संतोष तिवारी व सत्येंद्र विक्रम सिंह ने गौतम बनर्जी के करीबी लोगों के बारे में छानबीन शुरू। छवि श्रीवास्तव का कॉल डिटेल खंगालने पर दीपक ओबराय शक के घेरे में आया।
पता चला कि 20 अगस्त की दोपहर से देर रात तक उसका मोबाइल बंद रहा था। अरविंद तिवारी से दीपक की बातचीत सामने आई। पुलिस ने छवि व दीपक की निगरानी शुरू की।
गौतम बनर्जी की कार संडीला में लावारिस मिलने और दीपक के तार हरदोई जुड़े होने से तस्वीर साफ होनी शुरू र्हुई। गोमतीनगर पुलिस व साइबर क्राइम सेल ने तहकीकात में मिली जानकारी को साझा किया और छवि, दीपक व अरविंद को गिरफ्तार कर लिया गया।
हत्थे चढ़ी छवि श्रीवास्तव से महिला कांस्टेबल सविता शुक्ला ने पूछताछ की। उसने गौतम बनर्जी व दीपक ओबराय से संबंध स्वीकार करते हुए कहा कि वह अपनी हमउम्र के साथ घर बसाना चाहती थी, लेकिन गौतम बनर्जी पीछा नहीं छोड़ रहा था। उसने साठ हजार रुपये भी अपने पास रोक रखे थे। कई बार तगादा करने पर भी नहीं दिए।
साइबर सेल ने जोड़े तार
आईटीआई पास दीपक ओबराय ने पुलिस की गिरफ्त से बचने की पूरी तैयारी करके वारदात अंजाम दी थी। उसने नया मोबाइल और फर्जी आईडी से सिमकार्ड खरीदा। सर्विलांस से लोकेशन ट्रेस होने की आशंका के चलते अपने व दोनों साथियों के मोबाइल बंद कराए।
मलेशेमऊ पहुंचकर नए नंबर से गौतम बनर्जी को कॉल करके बुलाया। उससे कहा कि फोन खराब होने की वजह से दूसरे के नंबर से कॉल कर रहा है। उन्नाव के बांगरमऊ इलाके में गौतम बनर्जी का शव मिलने पर पुलिस ने जेब टटोली।
परिचयपत्र के आधार पर गोमतीनगर पुलिस को सूचना दी। वहां 21 अगस्त को गौतम बनर्जी की गुमशुदगी दर्ज करा चुके उनके बेटे आकर्षण बनर्जी ने मौके पर जाकर शव की शिनाख्त की। साइबर क्राइम सेल के एसआई विजयवीर सिंह सिरोही, कांस्टेबल फिरोज बदर व अखिल कुमार ने गौतम बनर्जी के कॉल डिटेल के साथ बैंक अकाउंट खंगाला।
बांगरमऊ में एसबीआई के एटीएम से 20 अगस्त को 20 हजार रुपये निकाले जाने की जानकारी हुई। एटीएम के सीसीटीवी फुटेज चेक किए। पता चला कि गौतम के साथ लाल सिंह ने भी रकम निकाली थी।