'मेरी गर्लफ्रेंड मुझे छुड़वा लेगी, उसका पति बड़ा आदमी है'
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बिहार के डॉक्टर दंपत्ति का अपहरण करने वाले कुख्यात अपराधी बुधवार को गोमती नगर स्थित एक फ्लैट में दबोचे गए। मुख्य अपराधी अजय सिंह के बयान सुनकर पुलिस दंग रह गई।
गोमतीनगर थाना में अपहरणकर्ता गैंग के सरगना अजय सिंह पूछताछ के दौरान मुखबिर पर भड़क उठा। उसने भभकी देते हुए कहा, ‘बहुत जल्दी छूट जाऊंगा। इसके बाद आस्तीन के सांपों से निपटूंगा।’ उसकी बातें सुनकर पुलिसकर्मी हैरत में पड़ गए।
एक दरोगा ने पूछा, ‘कैसे छूटोगे, कौन छुड़ाएगा तुझे?’ अजय ने कहा, ‘सब इंतजाम है। देखना कोई बयान नहीं देगा।’ उसने पुलिस को अपनी 20 साल पुरानी प्रेम कहानी भी सुनाते हुए कहा कि, ‘हर बार गर्लफ्रेंड ही छुड़ाती है। इस बार भी वही सारी व्यवस्था करेगी।’
'पूर्व प्रधानमंत्री से मेरे अच्छे संबंध थे'
रिमांड के दौरान अजय ने जुर्म की दुनिया से लेकर निजी रिश्तों और सामाजिक-राजनीतिक संपर्कों तक तमाम राज खोले। उसने बताया कि एक पूर्व प्रधानमंत्री से उसके परिवार के अच्छे संबंध थे। उसने कई लोगों को लोकसभा और विधानसभा का टिकट दिलवाया। चुनाव जीतकर लोगों ने करोड़ों की दौलत कमाई।
इसके बाद अजय के मन में भी राजनीतिक महत्वाकांक्षा जाग उठी। अजय ने बताया कि वर्ष 1991 में उसने पूर्व प्रधानमंत्री की राजनीतिक पार्टी से लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन हार गया।
आर्थिक रूप से टूटा अजय नौकरी की तलाश में दिल्ली पहुंचा और रिलांयस कंपनी में इंटरव्यू दिया लेकिन बात नहीं बनी। रोजगार की तलाश में भटक ही रहा था कि कुछ लोग मिले जिन्होंने जुर्म की राह पर चलने के लिए प्रेरित किया।
अपनी करोड़पति शादीशुदा प्रेमिका के बारे में किए कई खुलासे
यहीं से अजय ने अपहरण उद्योग शुरू किया। अजय ने बताया कि उसके दोनों बड़े भाई बिहार में बड़े पदों पर है। बहनों की शादी भी अच्छे परिवार में हुई। सिर्फ वही तरक्की नहीं कर सका इसलिए जुर्म के रास्ते पर चल पड़ा।
उसने अपनी प्रेमिका के बारे में भी पुलिस को बताया। अजय ने कहा कि गया की एक युवती से उसे प्रेम हुआ था लेकिन शादी नहीं हो सकी। युवती से आज भी उसके प्रेम संबंध हैं।
बकौल अजय, प्रेमिका करोड़पति परिवार से है। उसका पति भी बड़ा आदमी है। उसने बताया कि जब भी वह गिरफ्तार हुआ, प्रेमिका ने ही उसकी जमानत कराई। अजय का कहना है कि प्रेमिका दो महीना पहले लखनऊ आकर भी उससे मिली थी। पूछताछ के दौरान अजय ने अपनी गिरफ्तारी के बारे में पुलिस से सवाल-जवाब किए।
उसने मुखबिरी करने वाले के बारे में पूछा लेकिन पुलिसकर्मियों ने हंसकर टाल दिया। इस पर अजय की त्योरियां चढ़ गईं। उसने कहा कि, ‘मुखबिरी करने वाले को अच्छी तरह से जानता हूं। वो आस्तीन का सांप है और मैं उसे छोड़ूंगा नहीं।’ उसने कहा कि जेल से बाहर आते ही सबसे पहले मुखबिर से हिसाब-किताब करूंगा।
गवाही देने सामने नहीं आते लोग
कुख्यात अजय और उसके गुर्गों से शनिवार शाम गोमतीनगर एसओ के कमरे में पूछताछ चल ही रही थी कि गया के डॉक्टर पंकज गुप्ता और उसकी पत्नी शुभ्रा के अजय व अन्य अपहरणकर्ताओं का फोटो पहचानने से इन्कार करने की चर्चाएं शुरू हो गईं।
एक पुलिसकर्मी के मुंह से अचानक ही यह जानकारी निकल गई। इस पर अजय ने कहा, ‘साहब कोई गवाही नहीं देता।’ पुलिस सूत्रों ने बताया कि रवि रंजन ने भी 161 के बयान में किसी का नाम नहीं लिया था जबकि वह गया के न्यायिक अधिकारी का सगा साला है।
अजय ने बताया कि पश्चिम बंगाल में एक्साइज बैटरी के मालिक के अपहरण में उसे गिरफ्तार किया गया था लेकिन किसी ने बयान नहीं दिया। बिहार के कुख्यात अपहरणकर्ता अजय सिंह ने जब करतूतों का कच्चा चिट्ठा खोलना शुरू किया तो एसटीएफ के अफसर भी दंग रह गए। अफसरों का कहना था कि अजय आर्गनाइज्ड तरीके से गैंग चला रहा था।
ऑर्गनाइज्ड तरीके से करता था अपहरण
एसटीएफ अफसरों का कहना है कि हर वारदात में नये मेंबर जोड़ना, फर्जी नंबर प्लेटें बनवाना, सिमकार्ड, लाल-नीली बत्ती व वर्दी खरीदना, पुलिस और कमांडो की वर्दी पहनकर अपहरण करना, फर्जी नाम-पते से फ्लैट किराये पर लेना, अकाउंट खुलवाना और गैंग के सदस्यों के खाने-पीने-रहने का इंतजाम करना और फिरौती वसूलना, यह सब आर्गनाइज्ड तरीके से हो रहा था।
एसटीएफ अफसरों का कहना था कि अजय व उसकी मॉड्स अपरेंडी की स्टडी की जा रही है। उधर, गोमतीनगर पुलिस ने बताया कि अब तक की पूछताछ में अजय के गैंग में बिहार में 50 से अधिक लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली है।
झारखंड, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और कोलकाता में उसके गैंग से जुड़े लोगों के बारे में भी पुलिस जानकारी ले रही है।अजय ने पूछताछ में बताया कि वह हर बार गैंग में नये लड़कों को शामिल कर वारदात करता था। एक सिक्योरिटी गार्ड राजकुमार उसके अंदाज से खासा प्रभावित था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि अजय ने राजकुमार को अपनी सिक्योरिटी में शामिल करने का आश्वासन दिया था। अजय ने कहा था कि, ‘राजकुमार तुम्हें खूब पैसा कमवाऊंगा।’
जेल में रहा तो मर जाऊंगा
अजय ने कहा कि उसे कई बीमारियां हैं। वह दवा खाकर जीता है। घर पर नियमित रूप से एक्सरसाइज करता है। जेल में उसे दिक्कत होगी। समय पर दवा नहीं मिलेगी न अच्छा खाना ही मिलेगा। उसने कहा कि छह महीने से ज्यादा जेल में रहा तो मर जाएगा।
अजय रूम फ्रेशनर से महकते और एसी की हवा से ठंडे कमरे में नर्म बिस्तर पर सोने का आदी था। शुक्रवार रात गोमतीनगर थाना की हवालात में उसे सख्त जमीन पर लेटना पड़ा तो नींद नहीं आई। रात करीब ढाई बजे तक वह करवटें बदलता रहा।
मच्छरों के काटने पर वह बार-बार उठकर बैठ जाता था। एसओ सैय्यद मोहम्मद अब्बास ने बताया कि हवालात में सभी नौ अपहरणकर्ताओं को सुलाया गया था। हवालात में सीसीटीवी कैमरा लगा दिया गया था।
बिहार के डॉक्टर दंपत्ति का किया था अपहरण
कुख्यात अपराधी अजय सिंह ने बिहार के डॉक्टर पंकज गुप्ता और उनकी पत्नी शुभ्रा का अपहरण किया था। अजय सिंह और उसके पूरे गिरोह को बुधवार दोपहर लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार स्थित शारदा अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 906 से दबोच लिया गया।
बुधवार दोपहर डॉक्टर और उनकी पत्नी के घर पहुंचते ही एसटीएफ, बिहार व राजधानी पुलिस की संयुक्त टीम ने अपार्टमेंट की घेराबंदी कर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
अजय ने बिहार के अलावा राजस्थान और कोलकाता में चार बड़े अपहरण करके करोड़ों रुपयों की फिरौती वसूली है।a