सात साल के बच्चे ने किया तीन साल की बच्ची का रेप, केस दर्ज
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लखनऊ के मड़ियांव स्थित एक स्कूल में रेप का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसके बारे में सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। स्कूल में केजी की पढ़ाई कर रही साढ़े तीन वर्षीय छात्रा के परिवारीजनों ने सात वर्षीय कक्षा एक के छात्र पर रेप का आरोप लगाया है।
सोमवार दोपहर छात्रा के परिवारीजन थाने पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। पुलिस ने परिवारीजनों को समझाने की कोशिश की लेकिन परिवारीजन अड़ गए। हारकर पुलिस ने सात वर्षीय बालक के खिलाफ रेप की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली।
इंस्पेक्टर मड़ियांव संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मामला बीते बुधवार का है। छात्रा की मां उसे लेने स्कूल गई तो उसने निजी अंगों में दर्द होने की बात कही। पूछताछ करने पर छात्रा ने बताया कि स्कूल के टॉयलेट में एक लड़के ने पेंसिल से उसके निजी अंगों से छेड़छाड़ की।
छात्रा की मां ने स्कूल की प्रिंसिपल से शिकायत की तो उन्होंने मामला दबाने की कोशिश की। अगले दिन छात्रा की मां फिर स्कूल गई और शिकायत की। इस बार प्रिंसिपल ने एक टीचर को लड़के की तलाश में लगाया।
टॉयलेट में बच्ची ने लड़के को पहचाना
टीचर छात्रा को लेकर टॉयलेट गई तो आरोपी लड़का वहां नजर आ गया। छात्रा ने उसकी पहचान कर ली। यह बच्चा कक्षा एक का छात्र था। प्रिंसिपल ने उसे बुलाकर डांटा। एक टीचर ने थप्पड़ भी मारे। इसके बाद मामला शांत हो गया।
इंस्पेक्टर का कहना है कि सोमवार को छात्रा की मां उसे स्कूल लेकर गईं तो प्रिंसिपल ने प्रवेश देने से मना कर दिया। महिला का आरोप है कि विरोध करने पर प्रिंसिपल ने उन्हें धमकाया।
इससे नाराज छात्रा के पिता थाना पहुंचे और पुलिस से रेप की एफआईआर दर्ज करने को कहा। समझाने के बाद भी वह अड़े रहे तो सात साल के बच्चे के खिलाफ रेप की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
इंस्पेक्टर ने बताया कि छात्रा के परिवारीजनों की तरफ से दी गई तहरीर में स्कूल की प्रिंसिपल के खिलाफ धमकाने और एक टीचर के खिलाफ बेटी को पीटने का भी आरोप है। छात्रा का मेडिकल कराया जाएगा।
बच्ची को चिढ़ाएंगे, यह कहकर भगाने का आरोप
स्कूल की प्रिंसिपल ने छात्रा को यह कहकर प्रवेश देने से इन्कार कर दिया कि स्कूल के अन्य छात्र-छात्राएं उसे चिढ़ाएंगे।
छात्रा की मां के मुताबिक प्रिंसिपल ने उनसे कहा कि बच्ची के साथ हुई घटना के बारे में सभी छात्र-छात्राओं को जानकारी हो गई है। अब वह बच्ची को स्कूल में चिढ़ाएंगे जिससे माहौल खराब होगा।
इसलिए बच्ची को स्कूल मत लाना। हालांकि, इंस्पेक्टर का कहना है कि प्रिंसिपल ने बच्ची की मां से कहा था कि आरोपी लड़के को स्कूल से निकाल दिया गया है। अब सीसीटीवी कैमरे लगवाए जा रहे हैं।
जब तक कैमरे नहीं लग जाते, बच्ची को स्कूल मत भेजना। वहीं,जिस बच्चे पर रेप का आरोप है, उसकी उम्र सात वर्ष से 12 दिन कम है। अधिवक्ता सुरेश पांडेय कहते हैं यह मामला बाल अपराध की श्रेणी का है। अगर मेडिकल में रेप की पुष्टि होती है तो बच्चे के खिलाफ मुकदमा जुवेनाइल कोर्ट में चलेगा।