बीवी से चैटिंग की फिर कर लिया सुसाइड!
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करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोपी राज इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर रियल एस्टेट कारोबारी जन्मेजय खरवार (38) ने शनिवार को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
उनकी लाश बेडरूम में पंखे से साड़ी के सहारे लटकी मिली। नौकर की सूचना पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
जन्मेजय के खिलाफ जमीन की धोखाधड़ी के करीब दो दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। उसकी कंपनी आर्थिक रूप से बदहाल हो चुकी थी।
कुछ दिन पहले मायके गई थी वाइफ
इंस्पेक्टर गाजीपुर अजित सिंह चौहान ने बताया कि जन्मेजय खरवार ने तीन महीने पहले चौक निवासी मो. शोएब से आम्रपाली अपार्टमेंट में एक फ्लैट किराये पर लिया था।
वहां वह पत्नी निशा उर्फ नमिता बोस के साथ रह रहा था। साथ में एक नौकर राजीव दास भी रहता था, जिसे वह कोलकाता से ही अपने साथ लेकर आया था।
कुछ दिनों पहले निशा मायके चली गई थी। शुक्रवार को जन्मेजय ने फ्लैट पर ही लोगों से मुलाकात की। रात में उनकी पत्नी का फोन आया, इसके बाद वह सोने चला गया।
नहीं मिला कोई सुसाइड नोट
नौकर राजीव दास भी दरवाजे लॉक करके सो गया।
सुबह 10 बजे तक जन्मेजय सोकर नहीं उठा तो नौकर ने बेडरूम का दरवाजा खटखटाया।
फिर भी उसके नहीं उठने पर पड़ोसियों को सूचना दी। उन्होंने बालकनी से खिड़की की कुंडी तोड़कर अंदर झांका तो जन्मेजय की लाश कमरे के पंखे से लटकी दिखी।
इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने जन्मेजय के परिवार वालों की मौजूदगी में दरवाजा खोला। जन्मेजय के कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
उसके मोबाइल से आखिरी बार पत्नी निशा से बात हुई थी।
वाट्सएप पर भी दोनों के बीच देर रात तक चैटिंग हुई थी। इसी के बाद जन्मेजय ने खुदकुशी कर ली।
पहले भी काट चुके थे हाथ की नस
पत्नी निशा ने इंस्पेक्टर गाजीपुर को बताया कि जन्मेजय ने दो माह पहले भी खुदकुशी का प्रयास किया था।
उन्होंने अपने दोनों हाथों की नसें काटकर जान देने की कोशिश की थी।
हालांकि समय रहते परिवारवालों को इसकी जानकारी होने पर परिवार वालों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। कई दिन तक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उनकी जान बचा ली थी।
राज इंफ्राटेक के कस्टमर रिलेशन मैनेजर सुशील चतुर्वेदी ने बताया कि एक साल पहले तक तो कपंनी का कारोबार 13 सौ से 15 सौ करोड़ रुपये तक का था, लेकिन पिछले आठ महीने से कंपनी ने कोई नया बिजनेस नहीं हुआ था।