भाजयुमो नेता की हत्या मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट में सरेंडर करने की कर रहे थे तैयारी
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भारतीय जनता युवा मोर्चा नेता प्रत्यूष मणि त्रिपाठी की हत्या मामले में दो मुख्य आरोपियों अदनान व सलमान को गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों कोर्ट में सरेंडर करने जा रहे थे। इसकी सूचना पर सीओ चौक दुर्गा प्रसाद तिवारी इंस्पेक्टर वजीरगंज पंकज सिंह ने कचहरी के बाहर घेराबंदी कर करीब दोपहर साढ़े तीन बजे गिरफ्तार कर लिया। वहीं, कैसरबाग थाने में तैनात इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुशवाहा को निलंबित कर दिया गया है। धीरेंद्र की जगह सत्यनारायण मिश्रा ने कार्यभार संभाल लिया है। कुशवाहा को 25 नवंबर को हुए विवाद में कार्रवाई न करने का दोषी पाए जाने पर निलंबित किया गया है।
दरअसल, 25 नवंबर को प्रत्यूष का मोहल्ले के कुछ लोगों से विवाद हुआ था। एक युवती ने उन पर छेड़खानी का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्रत्यूष का कहना था कि युवती ने फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी। स्वीकार न करने पर उसने अपने भाइयों से हमला कराया। पुलिस ने प्रत्यूष की भी प्राथमिकी दर्ज की थी। परिजनों का आरोप है कि इस मामले में कार्रवाई न करने से बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया।
उधर, प्रत्यूष के परिवार ने सरकार से एक करोड़ रुपये मुआवजे के साथ ही पत्नी प्रतिमा त्रिपाठी को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। बच्चों को 10-10 लाख रुपये देने के साथ ही उन्हें मुफ्त शिक्षा देने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि हत्या के दोषियों पर एनएसए के तहत 24 घंटे के अंदर कार्रवाई की जाए। लखनऊ में घर देने के अलावा परिवार को आजीवन सुरक्षा दी जाए।
भाजयुमो नेता प्रत्यूषमणि त्रिपाठी का शव लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर से पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उनकी सोमवार देर रात हत्या कर दी गई थी। शहर के महानगर इलाके में हुई इस वारदात से उनके समर्थक भड़क उठे और ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर हंगामा किया।
ट्रॉमा सेंटर में कई भाजपा नेता व उनके समर्थक मौजूद हैं। किसी भी मुश्किल से बचने के लिए कई थानों की पुलिस तैनात की गई है।
पत्नी ने तहरीर देकर की सुरक्षा की मांग
इसके पहले मंगलवार सुबह प्रत्यूषमणि त्रिपाठी की पत्नी प्रतिमा त्रिपाठी ने हत्या के संबंध में एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर दी और परिवार की सुरक्षा के लिए सशस्त्र सुरक्षाकर्मियों की मांग की।
उन्होंने तहरीर में यह भी लिखा कि 25 नवंबर को कुछ लोगों ने उनके घर में घुसकर महिलाओं से गाली गलौज और मारपीट की थी जिसकी प्राथमिकी कैसरबाग कोतवाली में दर्ज है।
भाजयुमो नेता समर्थक लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी को निलंबित किए जाने के साथ ही आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किये जाने व पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
परिजनों ने लगाया रंजिश में हत्या का आरोप
पुलिस के मुताबिक, अमीनाबाद के गगनी तालाब निवासी प्रत्यूषमणि त्रिपाठी सोमवार देर शाम बाइक से बादशाहनगर गए थे। वहां अज्ञात व्यक्तियों ने हमला किया। प्रत्यूष गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गए। एक व्यक्ति ने पुलिस को फोन करके हादसे की सूचना दी।
जेब से मिले परिचयपत्र से प्रत्यूष की पहचान करने के साथ पुलिस ने उन्हें ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ट्रॉमा सेंटर पहुंचे परिवारीजनों ने सीने पर धारदार हथियार की चोट का निशान देखते हुए हफ्ता भर पुरानी रंजिश में हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
भाजयुमो नेता की हत्या का पता चलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने कई थानों की पुलिस के साथ पीएसी को ट्रॉमा सेंटर भेजा। कैसरबाग पुलिस की टीम ने प्रत्यूष के घर पहुंचकर परिवारीजनों से जानकारी की।
क्षेत्राधिकारी कैसरबाग अमित राय ने बताया कि 25 नवंबर को प्रत्यूष मणि त्रिपाठी का मोहल्ले के कुछ लोगों से विवाद हुआ था। एक युवती ने प्रत्यूषमणि पर छेड़खानी का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्रत्यूष का कहना था कि युवती ने फेसबुक पर उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी। उसे स्वीकार न करने पर अपने भाइयों से हमला कराया। पुलिस ने प्रत्यूष की भी प्राथमिकी दर्ज की थी। परिवारीजनों का कहना है कि हफ्ता भर पहले हमला कर चुके युवकों पर ठोस कार्रवाई न किए जाने के कारण वारदात अंजाम दी गई।
मौत की खबर से बिलख उठा परिवार
प्रत्यूष मणि की जेब से भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष के उनके विजिटिंग कार्ड के आधार पर पुलिस ने पहचान की और उनके घर पहुंची। मौत की खबर सुनते ही पत्नी सीमा त्रिपाठी बिलखने लगी। परिवारीजनों ने सीमा के साथ उनकी बेटी रुद्राक्षी, बेटे वंश व दो महीने की बच्ची को किसी तरह संभाला।