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विधायक अमनमणि के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, हत्या के लिए अगवा कर रंगदारी मांगने का है मामला
Sat, 30 Jan 2021 02:57 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 30 Jan 2021 02:57 PM IST
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अमनमणि त्रिपाठी
- फोटो : amar ujala
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ठेकेदार की हत्या के लिए अगवा कर रंगदारी मांगने के मामले में कोर्ट में हाजिर न होने पर नौतनवा के निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी के खिलाफ एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इस मामले में अगली सुनवाई 11 फरवरी को होगी।
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गोरखपुर के ठेकेदार ऋषि कुमार पांडेय ने 6 अगस्त 2014 को गौतमपल्ली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अमनमणि ने संदीप त्रिपाठी और रवि शुक्ल के साथ मिलकर उसकी हत्या के लिए अपहरण किया और रंगदारी मांगी।
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कोर्ट ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं और गवाही चल रही है। इस मामले की सुनवाई के समय आरोपी संदीप और रवि कोर्ट में हाजिर थे, लेकिन अमनमणि की ओर से उन्हें बीमार बताते हुए हाजिरी माफी की अर्जी दी गई। कोर्ट ने अर्जी को खारिज करते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।
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बता दें कि उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के नौतनवां के निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी का विवादों से गहरा नाता है। 9 जुलाई 2015 को संदिग्ध हालत में उसकी पत्नी सारा सिंह की मौत हो गई, इस घटना के दौरान अमनमणि त्रिपाठी अपनी कार से उसे लेकर लखनऊ से दिल्ली जा रहा था। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। हत्या का आरोप अमनमणि पर है।
अमनमणि के पिता व पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और माता मधु मणि 2003 में लखनऊ में कवयित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या के लिए दोषी ठहराए जाने के बाद से ही जेल में सजा काट रहे हैं। अमनमणि त्रिपाठी अपना राजनीतिक करियर शुरू करने के दौरान ही विवादों में पड़ गए थे। वर्ष 2012 में नेता बनने चले तो फर्जी एफीडेवट मामले ने इनकी खूब किरकिरी हुई थी। 2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद अमनमणि खुद को भाजपा सरकार का समर्थक बताता रहा है।