{"_id":"62bbe3600dfd1b2dae0d6102","slug":"all-india-muslim-personal-law-board-criticizes-muder-in-udaypur","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udaypur Murder: पर्सनल लॉ बोर्ड ने उदयपुर की घटना पर दुख जताया, बोले- कानून हाथ में लेना गैर- इस्लामी कृत्य","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
Udaypur Murder: पर्सनल लॉ बोर्ड ने उदयपुर की घटना पर दुख जताया, बोले- कानून हाथ में लेना गैर- इस्लामी कृत्य
Wed, 29 Jun 2022 02:46 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 29 Jun 2022 02:46 PM IST
सार
उदयपुर में मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा कन्हैयालाल की हत्या पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने दुख जताया है और कहा कि बोर्ड इस घटना की कड़ी निंदा करता है।
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना खालिद सैफ़ुल्लाह रहमानी ने उदयपुर की घटना को निंदनीय और दुखद बताते हुए कहा कि कानून अपने हाथ में लेना गैर इस्लामी कृत्य है। हालांकि उन्होंने पैगम्बर मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी करने वाली नूपुर शर्मा के खिलाफ कार्रवाई न होने पर भी दुख जताया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म के पवित्र व्यक्तित्वों का अपमान करना एक गंभीर अपराध है। भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने इस्लाम के पवित्र पैगम्बर के बारे में जो अपमानजनक शब्द कहे हैं। वह मुसलमानों के लिए अत्यन्त दुखदायी हैं। इसके साथ ही सरकार का उसपर कोई कार्रवाई न करना जख्मों पर नमक रखने जैसा है, लेकिन इसके बावजूद कानून को अपने हाथ में लेना और किसी व्यक्ति को स्वयं अपराधी घोषित करके हत्या कर देना निन्दनीय कृत्य है।
विज्ञापन
मौलाना ने कहा कि न कानून इसकी अनुमति देता है और न इस्लामी शरीयत इसको जायज ठहराती है। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड उदयपुर (राजस्थान) में घटित घटना की कड़ी निन्दा करता है।
विज्ञापन
मौलाना ने कहा कि बोर्ड इस मामले में शुरू से एक ओर मुसलमानों से अपील करता रहा है कि वे धैर्य से काम लें और कानूनी मार्ग अपनाएं। दूसरी ओर सरकार से अपील करता रहा है कि यह मुसलमानों की भावना और आस्था का मामला है इसलिए किसी भी पवित्र व्यक्तित्वों के अपमान के सम्बंध में सख्त बनाए।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जानी चाहिए। मौलाना ने कहा कि बोर्ड एक बार फिर मुसलमानों से अपील करता है कि वे बिल्कुल भी कानून को अपने हाथ में न लें और ऐसे किसी भी कृत्य से बचें जो सामाजिक सद्भाव को प्रभावित करता हो।