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अभिशाप बना प्रेम विवाह, पति के बाद पिता ने भी मुंह फेरा
संजय त्रिपाठी/अमल उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 20 Feb 2014 09:56 AM IST
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बड़ी बहन के घर पर रहकर पढ़ाई कर रही छात्रा को रिश्तेदार से प्यार हुआ। दोनों ने शादी कर ली।
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साल भर बाद दोनों के घरवालों ने एक समारोह कर शादी पर समाज की मुहर लगा दी, लेकिन ससुराल पहुंचते ही उत्पीड़न का सिलसिला शुरू हो गया।
दहेज के लिए सताई जा रही युवती पर ससुर की भी गंदी नजर थी। विरोध करने पर घर से खदेड़ दिया गया।
हालात की मारी युवती मायके लौटी। प्रेम विवाह से खफा पिता व भाई ने सहारा देने से इन्कार कर दिया। हारकर आशियाना क्षेत्र में बहन के घर पनाह ली।
बावजूद इसके मायके और ससुराल वालों की प्रताड़ना जारी रही। पति ने चेहरे पर तेजाब डालने, तो भाई ने गोली मारने की धमकी दे डाली। घबराई युवती ने आशियाना थाने में पति के साथ सास-ससुर, माता-पिता और भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
आशियाना के सेक्टर-जी में रहने वाली बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा ने बताया कि वर्ष 2009 में भदोही के सुरियावां थाने के गांव नागमलपुर निवासी मुकेश कुमार दुबे से दोस्ती हुई थी। मुंबई में रहकर पैनकार्ड आदि बनवाने का काम करने वाला मुकेश उसके बहनोई का रिश्तेदार था और मेहमानी में था।
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चंद दिनों में मुकेश से ऐसी नजदीकी बनी कि दोनों ने जिंदगी भर के साथ का इरादा बनाया। 4 नवंबर 2009 को आलमबाग के श्रृंगारनगर स्थित आर्यसमाज मंदिर में शादी की और मुंबई चली गई। प्रेम विवाह की भनक लगने पर दोनों के परिवारीजन नाराज हो गए।
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वक्त के साथ गुस्सा कम होने पर मुकेश ने अपने पिता सुभाष चंद्र दुबे व परिवार के अन्य लोगों को मनाया।
निशा ने अपनी बहन-बहनोई की नाराजगी दूर की। दोनों की शादी को सामाजिक मान्यता देने के लिए 17 नवंबर 2010 को निशा के बहन-बहनोई ने समारोह आयोजित किया।
ससुराल पहुंचते ही सभी लोगों ने उसके पति को प्रेम विवाह की वजह से दहेज न मिलने की उलाहना दी। इसके साथ कार व नगदी की मांग को लेकर उत्पीड़न शुरू कर दिया। बहन-बहनोई द्वारा दिए डेढ़ लाख रुपये व 2.80 लाख के गहने ससुराल वालों ने ले लिए।
ससुराल पहुंचे एक हफ्ता ही बीता था कि निशा ने मुकेश को अपनी करीबी रिश्तेदार के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा।
विरोध पर पति ने पीटा। शिकायत करने पर सास ने भी चुप रहने की हिदायत दे डाली। परेशानहाल कमरे में लेटी थी कि ससुर आ धमका और गलत इरादे से दबोच लिया।
किसी तरह इज्जत बचाई तो देवर पीछे पड़ गया। शोर मचाने पर ससुराल वालों ने मिलकर पीटा और घर से खदेड़ दिया।
निशा इलाहाबाद के कौड़िहार थाना क्षेत्र स्थित मायके पहुंची। सीआईएसएफ से रिटायर दरोगा पिता अवधेश नारायण दुबे व परिवार के अन्य लोगों ने दरवाजे से ही दुत्कार दिया।
निशा फिर से आशियाना अपनी बड़ी बहन के घर लौटी। कुछ दिनों बाद पति ने फोन कर अफसोस जताया और अपने साथ मुंबई ले जाने का झांसा देने लगा। इस दौरान कभी-कभार निशा से मिलने उसकी बहन के घर आता। दो-चार दिन साथ रहकर चला जाता।
निशा का कहना है कि 29 जनवरी 2014 को मुकेश परिवार के साथ आया। ससुराल वालों ने कहा कि कार व तीन लाख की व्यवस्था हो तो साथ चलो, वरना मुकेश की दूसरी शादी करने जा रहे हैं। विरोध जताने पर पीटा और धमकाते हुए चले गए।
कुछ दिनों बाद पता चला कि मुकेश का कहीं और रिश्ता तय हो गया है। फोन करने पर मुकेश ने चेहरे पर तेजाब फेंकने की धमकी दे डाली। इतना ही नहीं सीआईएसएफ में कांस्टेबल निशा के भाई सुनील व पिता अवधेश नारायण ने गोली मारने की धमकी दी।
उनका कहना है कि प्रेम विवाह का नतीजा खुद भुगतो। कानूनी कार्रवाई से परिवार की बदनामी होने पर मार देंगे। मायके व ससुराल वालों की धमकी से सहमी निशा ने सीओ कैंट बबिता सिंह से गुहार लगाई।
सीओ के आदेश पर आशियाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। खास बात यह है कि इस मुकदमे में युवती की ससुराल वालों के साथ पिता और भाई भी आरोपी हैं।