दबंगों ने युवक को गोलियों से छलनी कर ईंट से कूंच कर मार डाला
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लखनऊ पीजीआई थाना क्षेत्र में बेखौफ दबंगों ने मंगलवार शाम पत्नी को दवा दिलाने बाइक से निकले युवक जयसिंह यादव पर हमला बोला। जान बचाकर भागते देख ताबड़तोड़ फायरिंग की। गोलियों से दोनों हाथ की गदेली छलनी हो गई। जख्मी हालत में कुछ दूर भागने के बाद गड्ढे में गिरे युवक पर हमलावरों ने ईंट से वार किए और मौत के घाट उतार दिया।
हमले से बुरी तरह घबराई पत्नी मदद के लिए चीखते हुए कुछ दूर तक दौड़ी। गोलियों की तड़तड़ाहट पर पलटी और पति की हत्या का नजारा देख गश खाकर गिर गई। दिनदहाड़े वारदात से इलाके में दहशत फैल गई।
पुलिस के मुताबिक, पीजीआई थाने के गांव चौधरी खेड़ा निवासी जयसिंह यादव (35) शाम 4:30 बजे पत्नी ममता को बाइक पर बैठाकर दवा दिलाने निकला था। घर से सौ मीटर दूर असलहों से लैस दबंगों ने घेरकर गालीगलौज के साथ हमला बोल दिया।
जयसिंह ने पत्नी से जान बचाकर भाग जाने को कहा और खुद हमलावरों से हाथापाई करके बाइक से उतरकर रेलवे लाइन की तरफ भागने लगा। इस पर हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी। जयसिंह ने सीने व सिर को गोली से बचाने के लिए हाथ बढ़ाया। इससे दोनों हाथों की गदेली छलनी हो गई।
ताबड़तोड़ वार करके मार डाला
जख्मी हालत में भागते देख हमलावरों ने उस पर गोलियां दागने के साथ पीछा किया। खून से लथपथ जयसिंह रेलवे लाइन किनारे गड्ढे में गिरा तो हमलावरों ने उस पर ईंट से ताबड़तोड़ वार करके मार डाला।
ममता का कहना है कि पति के कहने पर वह कुछ दूर तक दौड़ी। फायरिंग के साथ जयसिंह की चीख सुनकर पलटी। गांव के लल्लू यादव, राजेश, कल्लू, श्रवण, सुजीत व पांच अन्य लोग जयसिंह पर गोलियां दागने के साथ उसे दौड़ा रहे थे। मदद के लिए शोर मचाया।
इस बीच हमलावरों ने गड्ढे में गिरे जयसिंह की ईंट से कूंचकर हत्या की और असलहे लहराते हुए भाग निकले। हमलावरों की दो बाइक मौके पर छूट गई थीं।
पति की मौत पर बिलख रही ममता ने कहा कि जयसिंह प्राइवेट वाहन चलाने के साथ खेती में पिता बजरंग सिंह, भाई करन व मानसिंह का हाथ बंटाता था। करीब 15 साल पहले शादी हुई थी। बड़ी बेटी मंदाकिनी (13) व एक साल का बेटा पप्पू है।
दो साल से चल रही थी तनातनी
बेटे की हत्या का पता चलते ही बजरंग सिंह यादव परिवारीजनों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को कॉल की। खून से लथपथ पड़े जयसिंह को आननफानन में ट्रॉमा-2 ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बजरंग सिंह ने पुलिस को बताया कि 25 जून 15 को सार्वजनिक हैंडपंप पर पानी पी रहे उसके भांजे से गांव के माता प्रसाद यादव का झगड़ा हुआ था। इस पर मारपीट हुई। माताप्रसाद ने जयसिंह व उसके साथियों पर कातिलाना हमले का केस दर्ज कराया। पुलिस ने जयसिंह को गिरफ्तार किया। कुछ दिनों बाद जमानत पर छूटा था। इसके बाद से माता प्रसाद के बेटे श्रवण व सुजीत हमले की साजिश रच रहे थे।
मौके पर मिले दो खोखे व खून से सनी ईंट
पुलिस की छानबीन में .315 बोर के दो खोखे व खून से सनी दो ईंट मिलीं। इसके अलावा कुछ दूरी पर खड़ी दो बाइक भी कब्जे में ली गई हैं। आशंका है कि दुस्साहसिक वारदात अंजाम देने के दौरान जयसिंह के परिवारीजनों को आते देख हमलावरों को बाइक छोड़कर भागना पड़ा।
वर्चस्व की जंग में हुई वारदात
युवक की दिनदहाड़े हत्या की सूचना पर सीओ तनु उपाध्याय व पीजीआई थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों से तहकीकात में पता चला कि दोनों पक्षों में काफी समय से वर्चस्व की जंग चल रही थी। सीओ ने पीजीआई पुलिस को बजरंग सिंह व ममता द्वारा बताए हमलावरों की तलाश के आदेश दिए।
वारदात से गांव में रोष
जयसिंह की हत्या का पता चलते ही मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने रोष जताने के साथ हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस को दो खोखे दिखाते देख पत्नी ममता ने कहा कि जयसिंह को पांच गोलियां मारी गई थीं।
इसके बाद ईंट से हमला किया गया। बजरंग सिंह ने लल्लू यादव, राजेश यादव, कल्लू, श्रवण, सुजीत यादव व उनके पांच अज्ञात साथियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर लिखी। कहा कि बेटे के शरीर की चोटों को देखने के बाद केस दर्ज कराएंगे।