Lucknow: न्यायिक अधिकारी बन अमीर महिलाओं को फंसाकर करता था शारीरिक शोषण व वसूली, जाल बिछाकर दबोचा गया
जालसाज शादी का विज्ञापन देने वाली तलाकशुदा व विधवा महिलाओं को निशाना बनाता था। साइबर क्राइम सेल की टीम ने विज्ञापन निकाल उसे जाल में फंसाया और फिर दबोच लिया।
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साइबर क्राइम सेल की टीम ने एक ऐसे जालसाज को बुधवार को दबोचा है। जो न्यायिक अधिकारी बनकर महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था। उससे शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करता, फिर अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देकर लाखों रुपये वसूलता था। जालसाज के निशाने पर शादी का विज्ञापन देने वाली तलाकशुदा व विधवा महिलाएं ही रहती थी। साइबर क्राइम सेल की टीम ने आरोपी के पास से चार लाख रुपये के जेवरात, चार मोबाइल और छह सरकारी विभागों की मुहर बरामद की हैं।
साइबर क्राइम सेल के प्रभारी निरीक्षक रणजीत राय के मुताबिक पकड़ा गया जालसाज कानपुर के नवाबगंज का रहने वाला विष्णु शंकर गुप्ता है। वह पेशे से वकील रहा है। आरोपी के खिलाफ हजतरगंज थाने में महिला ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप था कि विष्णु शंकर ने खुद को जज बताकर उसे कॉल किया। शादी करने का प्रस्ताव दिया था। इसके बाद उसके साथ कई महीनों तक होटल व रेस्टोरेंट में मुलाकात करता था। उसके साथ शारीरिक शोषण किया।
इस दौरान उसने अश्लील वीडियो बनाई। आरोप है कि वीडियो वायरल करने की धमकी देकर जालसाज ने पीड़िता से 43.50 लाख रुपये की नकदी, 5 लाख के जेवरात, 3.30 लाख के दो एप्पल के मोबाइल हासिल किए। ठगी करने के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर बदल लिया था।
जज बनकर करता था कॉल, 20 अधिक महिलाओं को ठगा
एडीसीपी क्राइम अखिलेश सिंह के मुताबिक पूछताछ में विष्णु शंकर गुप्ता ने कुबूल किया कि वह कानपुर में वकालत करता था। वकालत अच्छी नहीं चल रही थी। एक-दो केस के बारे में अखबारों में पढ़ा। इसके बाद ठगी करने की योजना बनाई। विष्णु ने कुबूल किया कि अब तक वह 20 से अधिक महिलाओं को ठग चुका है। उसके निशाने पर आर्थिक रूप से संपन्न विधवा, तलाकशुदा और सरकारी नौकरी करने वाली महिलाएं होती थी। जो अखबार में अपनी शादी का विज्ञापन प्रकाशित कराती थी। वह उनसे जज बनकर कॉल करता था। ताकि किसी को संदेह न हो। महिलाओं के नंबर हासिल करने के बाद उनसे बातचीत व चैटिंग शुरू कर देता था। उनको धोखे में रखकर प्रॉपर्टी व महंगी कार खरीदने के लिए रुपये व जेवरात ले लेता था। रुपये मिलने के बाद मोबाइल बंद कर देता। फिर उनसे संपर्क नहीं करता था।
विज्ञापन निकाला, महिला पुलिसकर्मी से बात कर फंसाया
पुलिस के मुताबिक आरोपी को दबोचने के लिए जाल बिछाना पड़ा था। पीड़िता ने जो मोबाइल नंबर दिये थे। वह लगातार बंद आ रहे थे। जिसके कारण पुलिस ने अखबार में एक विज्ञापन निकाला। जिसमें आर्थिक रूप से संपन्न महिला का नाम, पता और मोबाइल नंबर दिया। जालसाज ने विज्ञापन देखने के बाद दिये गये पुलिस के नंबर पर कॉल किया। कॉल आने के बाद महिला पुलिसकर्मी से बातचीत कराई गई। उसे लगातार चैटिंग की गई। रुपये मांगने पर उसे देने के लिए लखनऊ बुलाया गया। लखनऊ आते ही साइबर क्राइम सेल की टीम ने उसे दबोच लिया।
इंस्पेक्टर रणजीत राय के मुताबिक आरोपी के खिलाफ कानपुर के नवाबगंज, कोतवाली नगर, चकेरी में पांच मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अभी आरोपी की कुंडली खंगाल रही है। उसके मोबाइल से कई नंबर मिले है। जिसके जरिए पीड़ित महिलाओं से संपर्क किया जा रहा है।