हैरान कर रही नौ साल की बच्ची की फांसी लगाने की कहानी
थाना रामजन्मभूमि क्षेत्र में मातगैड़ चौराहे के पास स्थित चंदापुर मंदिर के एक कमरे में गुरुवार को नौ वर्षीय बालिका का शव दीवार की सरिया से फंदे से लटकते मिला। संदेहास्पद परिस्थितियों में बालिका की मौत को लेकर पुलिस आत्महत्या व हत्या को लेकर जांच में जुट गई है। पुलिस कमरे के सामने रहने वाले रिक्शा चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
थानाध्यक्ष रामजन्मभूमि विनेश सिंह यादव ने बताया कि मंदिर के एक कमरे में किराए पर आरती पत्नी बबलू अपने दो बच्चियों नौ वर्षीय चांदनी व तीन वर्षीय छोटू के साथ रहती है। पति साथ नहीं रहता। आरती मजदूरी कर अपना व बच्चों का भरण-पोषण करती है।
बताया कि रोज सुबह वह बच्चों को भोजन कराकर मजदूरी कर शाम सात बजे वापस लौटती थी। गुरुवार को भी वह सुबह मजदूरी के लिए चली गई। दोपहर लगभग साढ़े बारह बजे मंदिर के लोगों ने कमरे में छोटू को रोते हुए सुना तो कमरे में झांका तो चांदनी का शव दीवार की सरिया से फंदे से लटकता मिला।
सूचना पर पुलिस पहुंची और उसकी मां को बुलवाकर शव को उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। बताया कि पूछताछ में जानकारी मिली कि कमरे के सामने रहने वाले रिक्शा चालक देवानंद निवासी गोंडा के घर का पर्दा कुछ बच्चों ने फाड़ दिया था। जिस पर उसने बच्चों को डांटा फटकारा था और रिक्शा लेकर चला गया था।
पैर जमीन पर फिर कैसे फांसी
उसकी पत्नी मधु भी पड़ोस के एक मंदिर में थी। उसे बुलवाकर पूछताछ कर देवानंद को बुलवाकर हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत होता है।
फिलहाल मां ने तहरीर में किसी पर शंका नहीं जाहिर की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। पुलिस आत्महत्या के साथ अन्य सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
घटना चौंकाने वाली है, फोटो में सारे सबूत इशारा कर रहे हैं कि फांसी लगाई, नहीं घटना को मोड़ने के लिए गले में रस्सी का फंसा बाद सरिया से लटकाया गया है। मृतका का पैर जमीन पर उकऊ बैठने की स्थिति में है। लेकिन गरीब मां आखिर नाम ले तो किसका?
उधर किसी को भी इस बात का यकीन नहीं है कि मात्र नौ साल की बच्ची खुद फांसी लगा सकती है। उनका मानना है कि क्या इतनी छोटी बच्ची की मानसिक स्थिति ऐसी होती है कि वो आत्महत्या करने का मन बनाले। पुलिस इस समय पूरे मामले की जांच में जुटी है।