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हैवानियत...झाडू-पोछा नहीं किया तो बच्ची को गर्म चाकू से दागा

Sun, 27 Sep 2015 11:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 27 Sep 2015 11:35 AM IST
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A gilrl child tortured by a couple in Lucknow.

झाड़ू-पोंछा नहीं लगाया तो सीआईएसएफ में कांस्टेबल दंपती सुकांतु बिस्वास और लक्ष्मी ने बच्ची को चाकू लाल कर कमर में दाग दिए। रोंगटे खड़ी कर देने वाली यह घटना है सरोजनीनगर के अवध विहार कॉलोनी की।

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चार साल से दंपती की मारपीट झेल रही बच्ची किसी तरह मौका पाकर बृहस्पतिवार को भाग निकली। तब शातिर सुकांतु सरोजनीनगर थाने जा पहुंचा और उसे अपनी बहन बताते हुए गुमशुदगी दर्ज करा दी।
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बहरहाल बच्ची को बाल कल्याण समिति ने रखा है। समिति ने श्रम विभाग के अफसरों से बच्ची का चिकित्सकीय परीक्षण कराने और अवैध मानव व्यापार निवारण इकाई को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
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बच्ची असम के कामरूप जिले की रहने वाली है। सुकांतु और लक्ष्मी चार साल पहले घरेलू कामकाज के लिए उसे लेकर आए थे। सुकांतु ने बृहस्पतिवार रात उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। उसने कहा कि छोटी बहन पोछा लेने के लिए घर से निकली थी और लौटकर नहीं आई।

पुलिस अभी छानबीन कर ही रही थी कि शुक्रवार सुबह चिल्लावां बाजार में बच्ची रोते हुए मिल गई। इलाकाई लोगों से सूचना पाकर पुलिस और चाइल्ड लाइन की अनीता त्रिपाठी और अमरेंद्र यादव मौके पर पहुंचे।

हैवानियत देख कांप गया कलेजा

A gilrl child tortured by a couple in Lucknow.

यहां बच्ची के शरीर पर हैवानियत के निशान देखकर कलेजा मुंह को आ गया। उसे बाल कल्याण समिति के चेयरपर्सन डॉ. अंशुमाली शर्मा और सदस्य ऋषि कुमार के सामने पेश कर बयान दर्ज कराए गए हैं।

समिति ने श्रम विभाग के अफसरों से बच्ची का चिकित्सकीय परीक्षण कराने और अवैध मानव व्यापार निवारण इकाई को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। मेडिकल परीक्षण सोमवार को होगा। बहरहाल बच्ची को साउथ सिटी स्थित नव जागृति आश्रय गृह में रखा गया है।

हैवानियत की दास्तां

मैडम और साहब रोज मारते, जूते से मार मेरे दांत तोड़ दिए
चाइल्ड लाइन में लाड-प्यार मिलते ही बच्ची भावुक होकर रो पड़ी। उसने बताया मैडम और साहब रोज मारते-पीटते थे।

खाना पकाने, कपड़े धोने सहित अन्य काम वह कर लेती है, लेकिन पोंछा  ठीक से नहीं लगा पाती। इसको लेकर मैडम गालियां देती थीं। दो महीना पहले साहब ने धक्का दे दिया था। वह जमीन पर गिरी तो साहब ने अपना पैर गर्दन पर रख दिया।

मुंह पर जूते से मारा जिससे मेरे दांत टूट गए थे। मुझ पर हर वक्त नजर रखी जाती। साहब और मैडम नौकरी पर जाते तो घर के बाहर ताला लगा देते। करीब दो सप्ताह पहले इन लोगों ने चाकू गरम मुझे जला दिया। इससे मैं उठ-बैठ भी नहीं पा रही थी।

बदहवास भागती रही, पान की गुमटी के नीचे गुजारी रात

A gilrl child tortured by a couple in Lucknow.

घर से निकली बच्ची को कुछ पता नहीं था कि वह कहां जाए और क्या करे। वह बदहवास होकर भागती रही। रात गहराई और गलियां-सड़कें सूनी होते ही उसे डर लगने लगा। आखिरकार वह पान की एक गुमटी के नीचे छिप गई। उसने आंखों में सारी रात काट दी।

सुबह होते-होते उसे भूख लगने लगी लेकिन पास में पैसे नहीं थे। वह चिल्लावां बाजार में रोते हुए इधर-उधर भटकने लगी तब लोगों का ध्यान उसकी तरफ गया। बाजार के लोगों ने बच्ची से पूछताछ के बाद उसे गरम दूध और बिस्किट दिए तब वह कुछ सामान्य हुई।

मौसी ने भेजा था, बोली थीं साहब पढ़ाएंगे
अमरेंद्र ने बताया कि सुकांतु पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। बच्ची की मौसी वहीं काम करती है। करीब चार साल पहले सुकांतु और लक्ष्मी घर गए। दोनों को अपनी बच्ची की देखरेख के लिए लड़की की तलाश थी।  बच्ची के माता-पिता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।

लक्ष्मी ने बच्ची की मौसी को अपनी बेटी की तरह रखने और पढ़ाने-लिखाने का वादा किया था। हालांकि, राजधानी आते ही उस पर जुल्म शुरू हो गए। उसकी सेलरी भी नहीं दी जाती थी।

पूछने पर सुकांतु कहता था कि रुपये बैंक अकाउंट में जमा करा दिए गए हैं जो असम में माता-पिता को मिल जाएंगे। दोनों ने कई महीने से बच्ची और उसके माता-पिता के बीच भी बात नहीं कराई थी।

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