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गोंडा: जेल में कैदी की मौत होने पर अस्पताल के गेट पर फेंक गए शव, परिजनों को सूचना तक नहीं दी

Tue, 11 May 2021 03:21 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोंडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोंडा Published by: ishwar ashish Updated Tue, 11 May 2021 03:21 PM IST
सार

इस घटना से जेल और जिला प्रशासन की बड़ी लापरवाही और संवेदनहीनता उजागर हुई है। बताया जा रहा है कि कैदी की मौत के बाद उसका शव काफी देर तक लावारिस हालत में गेट पर पड़ा रहा।

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A dead body was thrown in front of hospital in Gonda.
शव - फोटो : amar ujala

विस्तार

गोंडा जिला कारागार में बंद कैदी की मौत हो गई तो उसके शव को अस्पताल के गेट पर लावारिस की तरह फेंक दिया गया। इसकी जानकारी होने पर जिलाधिकारी ने सीएमओ से रिपोर्ट मांगी है। सीएमओ डा. राधेश्याम केसरी ने कहा कि मामले की जांच शुरू करा दी गई है। जेल प्रशासन से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। फिलहाल इस तरह परिवार के लोगों को बिना जानकारी दिए शव को गेट पर फेंके जाने से लोगों में आक्रोश है।

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इस घटना से जेल और जिला प्रशासन की बड़ी लापरवाही और संवेदनहीनता उजागर हुई है। बताया जा रहा है कि कैदी की मौत के बाद उसका शव काफी देर तक लावारिस हालत में गेट पर पड़ा रहा। सूचना पर लोग पहुंचे तो आनन फानन अस्पताल कर्मी शव को उठाकर लाए और मर्चरी की फर्श पर डाल दिया।
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मृतक के पुत्र अंकित पांडेय ने डीएम से जेल और अस्पताल प्रशासन के रवैये की शिकायत करते हुए सूचना न देने का भी आरोप लगाया है। सीएमओ डा. राधेश्याम केसरी ने बताया कि डीएम के निर्देश पर जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी। जेल प्रशासन से भी पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।

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मतदान के बाद हुई हिंसा के बाद जेल में किए गए थे निरुद्ध

बताया जा रहा है कि 19 अप्रैल को तरबगंज के घांचा बीकापुर में पंचायत चुनाव में मतदान के दौरान हुई हिंसा के कारण जेल में निरुद्ध किए गए राजदत्त पांडेय पुत्र अम्बिका प्रसाद पांडेय की 10 मई को जेल में ही मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद जेल पुलिस ने शव को जिला चिकित्सालय भेज दिया। जो कुछ देर तक अस्पताल के गेट पर ही पड़ा रहा। जिसके बाद उस शव को मर्चरी की फर्श पर फेंक दिया गया।

बंदी के परिजनों को रात 10 बजे सूचना मिली तो उन्होंने नगर कोतवाल और जिलाधिकारी को सूचित कर दिया। गंभीर बात यह है कि मृतक के परिजनों को न तो जेल प्रशासन ने और न ही जिला अस्पताल प्रशासन ने सूचना दी।

मृतक के पुत्र अंकित पांडेय ने बताया कि हमारे परिवार को उनकी बीमारी के बारे में सूचना नहीं दी गई। दो बार जेल में मुलाकात करने गया तो मिलने नहीं दिया गया।

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