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गरीब पशुपालकों के लिए ग्राम पंचायतों में बनेगी 100 पशुशाला
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गरीब पशुपालकों के लिए ग्राम पंचायतों में बनेंगी 100 पशुशाला
- पशुपालन व दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए शासन की पहल
अमर उजाला ब्यूरो
राजेसुल्तानपुर। जहांगीरगंज ब्लॉक क्षेत्र के गरीब पशुपालकों के लिए खुशखबरी है। पशुपालन को बढ़ावा देने की शासन की मंशा को साकार करने के लिए मनरेगा के तहत गरीब पात्रों के लिए पशुशाला का निर्माण होगा। विकास विभाग सरकार की इस योजना के तहत ब्लॉक क्षेत्र की 100 ग्राम पंचायतों में करीब 68 लाख रुपये खर्च कर 100 पशुशाला का निर्माण कराएगा। खास बात ये कि यह पशुशाला ग्राम पंचायत के सबसे गरीब व इच्छुक पशुपालकों के लिए बनेंगी। तीन नांद की एक पशुशाला पर करीब 68 हजार रुपये खर्च होंगे।
पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक नया प्रयास शुरू किया है। मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों में तीन नांद की पशुशाला निर्माण कराने की योजना तैयार की है। ये पशुशालाएं ग्राम पंचायत के सबसे गरीब इच्छुक पशुपालकों के लिए उसकी भूमि पर तैयार की जाएंगी। पशुशाला का निर्माण विशेष मानक पर होगा, जो शासन से निर्धारित है। छह मीटर लंबे व साढ़े तीन मीटर चौड़े टीनशेड की इस पशुशाला में तीन पशुओं के पालने की व्यवस्था होगी। एक पशुशाला पर सरकार करीब 68 हजार रुपये खर्च करेगी। इस योजना के तहत जहांगीरगंज विकासखंड की 107 ग्राम पंचायतों में से 100 ग्राम पंचायतों में इसके निर्माण को हरी झंडी मिल गई है। ऐसे में इस योजना के तहत विकासखंड में 68 लाख रुपये खर्च होंगे। शासन की मंशा है कि इस योजना से न सिर्फ पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि दुग्ध उत्पादन व गरीब किसानों को जीविकोपार्जन का बेहतर माध्यम मिल जाएगा।
बीडीओ चंद्रप्रकाश दुबे ने बताया कि मनरेगा के तहत विकासखंड की ग्राम पंचायतों में कैटल शेड बनने हैं। इस योजना का लाभ पात्रता के अनुसार दिया जाएगा। पात्र पशुपालक को अपनी निजी भूमि पर इसका निर्माण कराना होगा। पशुओं की व्यवस्था भी पशुपालकों को स्वयं ही करनी होगी। विभाग सिर्फ पशुशाला का निर्माण कराएगा। ग्राम पंचायतों में पात्रों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एक ग्राम पंचायत में अभी एक ही पशुशाला का निर्माण होना है।
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- पशुपालन व दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए शासन की पहल
अमर उजाला ब्यूरो
राजेसुल्तानपुर। जहांगीरगंज ब्लॉक क्षेत्र के गरीब पशुपालकों के लिए खुशखबरी है। पशुपालन को बढ़ावा देने की शासन की मंशा को साकार करने के लिए मनरेगा के तहत गरीब पात्रों के लिए पशुशाला का निर्माण होगा। विकास विभाग सरकार की इस योजना के तहत ब्लॉक क्षेत्र की 100 ग्राम पंचायतों में करीब 68 लाख रुपये खर्च कर 100 पशुशाला का निर्माण कराएगा। खास बात ये कि यह पशुशाला ग्राम पंचायत के सबसे गरीब व इच्छुक पशुपालकों के लिए बनेंगी। तीन नांद की एक पशुशाला पर करीब 68 हजार रुपये खर्च होंगे।
पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक नया प्रयास शुरू किया है। मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों में तीन नांद की पशुशाला निर्माण कराने की योजना तैयार की है। ये पशुशालाएं ग्राम पंचायत के सबसे गरीब इच्छुक पशुपालकों के लिए उसकी भूमि पर तैयार की जाएंगी। पशुशाला का निर्माण विशेष मानक पर होगा, जो शासन से निर्धारित है। छह मीटर लंबे व साढ़े तीन मीटर चौड़े टीनशेड की इस पशुशाला में तीन पशुओं के पालने की व्यवस्था होगी। एक पशुशाला पर सरकार करीब 68 हजार रुपये खर्च करेगी। इस योजना के तहत जहांगीरगंज विकासखंड की 107 ग्राम पंचायतों में से 100 ग्राम पंचायतों में इसके निर्माण को हरी झंडी मिल गई है। ऐसे में इस योजना के तहत विकासखंड में 68 लाख रुपये खर्च होंगे। शासन की मंशा है कि इस योजना से न सिर्फ पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि दुग्ध उत्पादन व गरीब किसानों को जीविकोपार्जन का बेहतर माध्यम मिल जाएगा।
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बीडीओ चंद्रप्रकाश दुबे ने बताया कि मनरेगा के तहत विकासखंड की ग्राम पंचायतों में कैटल शेड बनने हैं। इस योजना का लाभ पात्रता के अनुसार दिया जाएगा। पात्र पशुपालक को अपनी निजी भूमि पर इसका निर्माण कराना होगा। पशुओं की व्यवस्था भी पशुपालकों को स्वयं ही करनी होगी। विभाग सिर्फ पशुशाला का निर्माण कराएगा। ग्राम पंचायतों में पात्रों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एक ग्राम पंचायत में अभी एक ही पशुशाला का निर्माण होना है।
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