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कहीं प्रतीकात्मक तो कहीं कोविड प्रोटोकॉल के तहत होगी दुर्गा पूजा
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कहीं प्रतीकात्मक तो कहीं कोविड प्रोटोकॉल के तहत होगी दुर्गा पूजा
शहर की प्रमुख रामलीला व दुर्गा पूजा समितियों ने कोविड प्रोटोकॉल के तहत छोटे आयोजनों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। समितियों का कहना है कि तैयारियां दो से ढाई महीने पहले ही शुरू हो जाती हैं।
अब समय नहीं है। दूसरे सोशल डिस्टेंसिंग भी बनाए रखनी है, इसलिए आयोजन-पूजन तो होंगे, लेकिन कहीं प्रतीकात्मक तो कहीं कोविड प्रोटोकॉल के तहत छोटी मूर्ति का ही पूजन किया जाएगा।
हॉल में पूजन, ऑनलाइन प्रसारण और घर-घर प्रसाद वितरण
ऐशबाग रामलीला समिति के अध्यक्ष हरिश्चन्द्र अग्रवाल कहते हैं कि तैयारी का समय तो बचा नहीं, जितने लोगों की अनुमति मिली है, उससे अधिक तो हमारे कलाकार और कार्यकर्ता हो जाते हैं। समिति ने तय किया है कि हम लोग तुलसी हॉल में कलश स्थापना, कलाकार पूजन करेंगे। दशहरे के दिन शस्त्र पूजा, पुतला दहन, भव्य आतिशबाजी होगी, लेकिन किसी को मैदान में आने की अनुमति नहीं होगी। भरत मिलाप की शोभायात्रा नहीं निकलेगी, हॉल में ही पूजन होगा। भोग वितरण मैदान में नहीं होगा, जहां तक संभव होगा क्षेत्र में हर घर तक प्रसाद पहुंचाया जाएगा।
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ट्रांसगोमती दुर्गा पूजा समिति के तुहिन बनर्जी ने बताया कि आज हमारी पहली मीटिंग हो सकी है। अलीगंज चांदगंज गार्डन के चंद्रशेखर आजाद पार्क में पूजा होगी। पंडाल लगेगा, लेकिन मूर्ति का आकार कम हो गया है। यह सारे आयोजन सीमित संख्या में लोगों के लिए होंगे। इसे आप प्रतीकात्मक पूजन आयोजन कह सकते हैं।
आज ही दिया मूर्ति का ऑर्डर
बंगाली क्लब के अध्यक्ष अरुण बनर्जी कहते हैं कि शहर का एक बड़ा आयोजन बंगाली क्लब करता है। हम मुख्यमंत्री के शुक्रगुजार हैं कि पूजा की अनुमति मिली। आज ही मूर्ति का ऑर्डर दिया है। अभी-अभी ढाकियों से बात हुई, मालदा से उनका आना मुश्किल लग रहा है। हमारा आयोजन निजी जगह पर होता है तो हमारे पास गेट वगैरह हैं और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने का पूरा इंतजाम किया जाएगा। छह दिन पूजा होगी। एक बैच जाएगा तभी दूसरे को प्रवेश मिलेगा।
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शहर की प्रमुख रामलीला व दुर्गा पूजा समितियों ने कोविड प्रोटोकॉल के तहत छोटे आयोजनों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। समितियों का कहना है कि तैयारियां दो से ढाई महीने पहले ही शुरू हो जाती हैं।
अब समय नहीं है। दूसरे सोशल डिस्टेंसिंग भी बनाए रखनी है, इसलिए आयोजन-पूजन तो होंगे, लेकिन कहीं प्रतीकात्मक तो कहीं कोविड प्रोटोकॉल के तहत छोटी मूर्ति का ही पूजन किया जाएगा।
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हॉल में पूजन, ऑनलाइन प्रसारण और घर-घर प्रसाद वितरण
ऐशबाग रामलीला समिति के अध्यक्ष हरिश्चन्द्र अग्रवाल कहते हैं कि तैयारी का समय तो बचा नहीं, जितने लोगों की अनुमति मिली है, उससे अधिक तो हमारे कलाकार और कार्यकर्ता हो जाते हैं। समिति ने तय किया है कि हम लोग तुलसी हॉल में कलश स्थापना, कलाकार पूजन करेंगे। दशहरे के दिन शस्त्र पूजा, पुतला दहन, भव्य आतिशबाजी होगी, लेकिन किसी को मैदान में आने की अनुमति नहीं होगी। भरत मिलाप की शोभायात्रा नहीं निकलेगी, हॉल में ही पूजन होगा। भोग वितरण मैदान में नहीं होगा, जहां तक संभव होगा क्षेत्र में हर घर तक प्रसाद पहुंचाया जाएगा।
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ट्रांसगोमती दुर्गा पूजा समिति के तुहिन बनर्जी ने बताया कि आज हमारी पहली मीटिंग हो सकी है। अलीगंज चांदगंज गार्डन के चंद्रशेखर आजाद पार्क में पूजा होगी। पंडाल लगेगा, लेकिन मूर्ति का आकार कम हो गया है। यह सारे आयोजन सीमित संख्या में लोगों के लिए होंगे। इसे आप प्रतीकात्मक पूजन आयोजन कह सकते हैं।
आज ही दिया मूर्ति का ऑर्डर
बंगाली क्लब के अध्यक्ष अरुण बनर्जी कहते हैं कि शहर का एक बड़ा आयोजन बंगाली क्लब करता है। हम मुख्यमंत्री के शुक्रगुजार हैं कि पूजा की अनुमति मिली। आज ही मूर्ति का ऑर्डर दिया है। अभी-अभी ढाकियों से बात हुई, मालदा से उनका आना मुश्किल लग रहा है। हमारा आयोजन निजी जगह पर होता है तो हमारे पास गेट वगैरह हैं और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने का पूरा इंतजाम किया जाएगा। छह दिन पूजा होगी। एक बैच जाएगा तभी दूसरे को प्रवेश मिलेगा।