फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Court fined Additional Superintendent of Police On 50 rupees

एएसएपी पर 50 रुपये जुर्माना, कोर्ट ने कहा-सर्विस बुक में दर्ज किया जाए

Sat, 14 Dec 2019 11:13 AM IST
शाहरुख खान ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 14 Dec 2019 11:13 AM IST
विज्ञापन
Court fined Additional Superintendent of Police On 50 rupees
फाइल फोटो
भ्रष्टाचार के मामले में अदालती फरमान और कारण बताओ नोटिस को नजरअंदाज करने और गवाही देने के लिए हाजिर नहीं होने पर अदालत ने अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. बीपी अशोक पर 50 रुपये जुर्माना ठोका है। 
विज्ञापन


भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश संदीप गुप्ता ने डीजीपी और प्रमुख सचिव को निर्देश दिया कि एएसपी के वेतन से जुर्माने की रकम की कटौती की जाए और इसे उनकी सर्विस बुक में भी दर्ज किया जाए। 
विज्ञापन


अदालत ने उनकी गिरफ्तारी का वारंट भी जारी किया है। डॉ. बीपी अशोक फिलहाल प्रशिक्षण निदेशालय में तैनात हैं। भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश संदीप गुप्ता ने कहा कि डॉ. बीपी अशोक आदेश के बावजूद हाजिर नहीं हो रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


लिहाजा उनके खिलाफ  गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा रहा है। उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी को होगी। कोर्ट ने आदेश दिया कि प्रमुख सचिव गृह के साथ ही डीजीपी को पत्र लिख कर आदेश की जानकारी दी जाए। 
 

शुक्रवार को मामले में सुनवाई होनी थी और आरोपी गंगाराम हाजिर था लेकिन गवाह डॉ बीपी अशोक कोर्ट में हाजिर नही थे। कोर्ट ने जब इसके बाबत पता किया तो पैरोकार ने बताया कि बीपी अशोक को फरमान मिल चुका है लेकिन न तो वह हाजिर हुए और न ही कोई जानकारी ही दी।

इसपर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि गवाह जानबूझकर कोर्ट में गवाही देने के लिए हाजिर नही हो रहा है। जानबूझकर और सोच-समझ कर कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहा है। 

कारण बताओ नोटिस का भी जवाब नही दिया जिससे लगता है कि बीपी अशोक को इस मामले में कुछ नहीं कहना है लिहाजा उनके ऊपर 50 रुपये का अर्थदंड लगाया जाता है जो उनके वेतन से काटने के बाद उनके सर्विसबुक में दर्ज किया जाए।

ये है मामला

पत्रावली के अनुसार कोर्ट में हजरतगंज से संबंधित गंगा राम के खिलाफ  भ्रष्टाचार का मामला पिछले 10 सालों से लंबित है और डॉ. बीपी अशोक इस मामले में गवाह हैं। कोर्ट उन्हें गवाही के लिए काफी समय से बुला रही है लेकिन समन मिलने के बाद भी वह हाजिर नही हो रहे हैं और न ही कोई सूचना ही कोर्ट को दे रहे हैं। इसपर कोर्ट ने गवाह को कारण बताओ नोटिस जारी किया लेकिन डॉ. बीपी अशोक ने उसका भी कोई उत्तर नही दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed