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72,825 शिक्षकों की भर्ती में शिक्षामित्रों को चुने जाने पर कोर्ट ने यूपी सरकार से मांगा जवाब

Thu, 31 Aug 2017 11:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 31 Aug 2017 11:23 PM IST
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court asks question on recruitment of shikshamitra as trainee teachers.
- फोटो : demo pic

हाईकोर्ट ने 72,825 प्रशिक्षु सहायक अध्यापकों की भर्ती में ऐसे शिक्षामित्रों को नियुक्ति देने के मामले में सरकार से जवाब मांगा है, जो बीएड और टीईटी पास हैं।

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इन शिक्षामित्रों का कहना है कि वे पूर्व में प्रशिक्षु सहायक अध्यापक पद पर चयनित हो चुके थे, मगर मामला कोर्ट में होने और शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक पद पर समायोजन होने के कारण उन्होंने पद पर ज्वाइन नहीं किया था।
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अब शिक्षामित्रों का समायोजन सुप्रीमकोर्ट ने रद्द कर दिया है, इसलिए उनको प्रशिक्षु सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति दी जाए।

अरविंद कुमार और अन्य 27 शिक्षामित्रों की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल ने प्रदेश सरकार से पूछा है कि इन शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद नियुक्ति क्यों नहीं दी जानी चाहिए।

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टीईटी परीक्षा में बैठे और रहे सफल

court asks question on recruitment of shikshamitra as trainee teachers.

याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि याचीगण शिक्षामित्र के तौर पर प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत थे। उनके पास बीएड की डिग्री भी थी, इसलिए टीईटी में बैठे और सफल रहे। उन्होंने 2011 में विज्ञापित 72,825 प्रशिक्षु सहायक अध्यापकों के पद पर आवेदन किया और उनको नियुक्तिपत्र भी मिल गया।

इसमें छह माह के प्रशिक्षण के बाद सहायक अध्यापक के मूल पद पर नियुक्ति मिलनी थी, मगर इसी बीच 2014 में प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर सीधे समायोजित कर दिया। इसलिए याचीगण ने प्रशिक्षु सहायक अध्यापक के पद  पर ज्वाइन नहीं किया।

72825 सहायक अध्यापक भर्ती मामला शिवकुमार पाठक केस में सुप्रीमकोर्ट में विचाराधीन भी था। 25 जुलाई 2017 को सुप्रीमकोर्ट ने शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया है। कोर्ट ने शिवकुमार पाठक केस में 72825 सहायक अध्यापकों का मामला भी निस्तारित कर दिया है, जिसमें स्वयं सुप्रीमकोर्ट ने कहा कि इसमें अभी भी छह हजार पद रिक्त हैं। अधिवक्ता की दलील थी कि चूंकि वह पद की योग्यता रखते हैं, इसलिए उनको प्रशिक्षु सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति दी जाए।

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