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आरटीओ के बाहर 100 रुपये से दलाली करते-करते बन गया करोड़पति, पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 25 Aug 2017 06:03 PM IST
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गिरफ्तार दलाल
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लखनऊ में आरटीओ में बाबुओं के लिए दलाली करने वाले इटौंजा के कमलापुरी निवासी कुशल कुमार को बृहस्पतिवार दोपहर भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टास्क फोर्स ने रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कुशल कुमार आरटीओ के प्रधान लेखा लिपिक अजय मिश्रा और सहायक लेखा लिपिक राजीव सक्सेना के लिए काम करता था।
उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही दोनों बाबू ऑफिस छोड़कर भाग गए। तीनों के खिलाफ सरोजनीनगर थाने में भ्रष्टाचार के तहत केस दर्ज किया गया है।
सरोजनीनगर इंस्पेक्टर धर्मेश शाही ने बताया कि विकासनगर के टेढ़ी पुलिया निवासी राजेश कुमार सिंह की शिकायत पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टास्क फोर्स ने आरटीओ में घूसखोरों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया था। राजेश किराए पर वाहन चलवाते थे। उन्होंने लंबे समय से अपने वाहन का टैक्स नहीं चुकाया था।
टैक्स की रकम 66 हजार रुपये हो गई तो आरटीओ ने उनका वाहन सीज कर दिया। इसके बाद भी उन्होंने टैक्स नहीं जमा किया तो नोटिस जारी करके वाहन की नीलामी कर दी गई। नीलामी में वाहन 1.16 लाख रुपये का बिका था। इसमें से आरटीओ ने टैक्स के 66 हजार रुपये काट लिए। बाकी रकम लेने के लिए राजेश कुमार आरटीओ गए तो बाबू उन्हें टरकाते रहे।
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उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही दोनों बाबू ऑफिस छोड़कर भाग गए। तीनों के खिलाफ सरोजनीनगर थाने में भ्रष्टाचार के तहत केस दर्ज किया गया है।
सरोजनीनगर इंस्पेक्टर धर्मेश शाही ने बताया कि विकासनगर के टेढ़ी पुलिया निवासी राजेश कुमार सिंह की शिकायत पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टास्क फोर्स ने आरटीओ में घूसखोरों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया था। राजेश किराए पर वाहन चलवाते थे। उन्होंने लंबे समय से अपने वाहन का टैक्स नहीं चुकाया था।
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टैक्स की रकम 66 हजार रुपये हो गई तो आरटीओ ने उनका वाहन सीज कर दिया। इसके बाद भी उन्होंने टैक्स नहीं जमा किया तो नोटिस जारी करके वाहन की नीलामी कर दी गई। नीलामी में वाहन 1.16 लाख रुपये का बिका था। इसमें से आरटीओ ने टैक्स के 66 हजार रुपये काट लिए। बाकी रकम लेने के लिए राजेश कुमार आरटीओ गए तो बाबू उन्हें टरकाते रहे।
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घूसखोर को पकड़ने के लिए बिछाया गया जाल
डेमो पिक
इसी बीच प्रधान लेखा लिपिक अजय मिश्रा और सहायक लेखा लिपिक राजीव सक्सेना के साथ उठने-बैठने वाला कुशल कुमार उससे मिला और पांच हजार रुपये देने पर रकम जारी कराने का ऑफर दिया। राजेश ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से रिश्वतखोरी की शिकायत की। इसके बाद घूसखोरों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। राजेश ने कुशल से बातचीत करके तीन हजार रुपये की लेन-देन की बात तय की।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टास्क फोर्स ने बृहस्पतिवार को राजेश को तीन हजार रुपये देकर कुशल के पास भेजा। दोपहर को राजेश आरटीओ ऑफिस पहुंचा तो इंस्पेक्टर निरीक्षक सुंदर सिंह सोलंकी, अशोक कुमार बुद्धप्रिय, रमेश कुमार, जगदीश तिवारी, सतीश द्विवेदी, रवि शुक्ला, देव प्रकाश मिश्रा, विजय चौबे, संतोष द्विवेदी साधारण कपड़ों में उसके आसपास ही थे।
राजेश ने कुशल से मिलकर बातचीत की और उसे रुपये दे दिए। रुपये हाथ में लेते ही टास्क फोर्स के लोगों ने कुशल को दबोच लिया। उसकी गिरफ्तारी से आरटीओ में हड़कंप मच गया। पूछताछ में उसने प्रधान लेखा लिपिक अजय मिश्रा और सहायक लेखा लिपिक राजीव सक्सेना के लिए काम करने की जानकारी दी। टास्क फोर्स दोनों बाबुओं की मेज पर पहुंची, लेकिन वह भाग चुके थे। सरोजनीनगर इंस्पेक्टर धर्मेश शाही ने बताया कि कुशल को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि दोनों बाबू की तलाश की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक आरोपी दलाल आरटीओ कार्यलय में लंबे समय से दलाली कर रहा है। 100-50 रुपये कमाकर उसने देखते ही देखते लखनऊ में आलीशान कोठी खड़ी कर ली है। दलाती करते-करते वह करोड़पति बन चुका है।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टास्क फोर्स ने बृहस्पतिवार को राजेश को तीन हजार रुपये देकर कुशल के पास भेजा। दोपहर को राजेश आरटीओ ऑफिस पहुंचा तो इंस्पेक्टर निरीक्षक सुंदर सिंह सोलंकी, अशोक कुमार बुद्धप्रिय, रमेश कुमार, जगदीश तिवारी, सतीश द्विवेदी, रवि शुक्ला, देव प्रकाश मिश्रा, विजय चौबे, संतोष द्विवेदी साधारण कपड़ों में उसके आसपास ही थे।
राजेश ने कुशल से मिलकर बातचीत की और उसे रुपये दे दिए। रुपये हाथ में लेते ही टास्क फोर्स के लोगों ने कुशल को दबोच लिया। उसकी गिरफ्तारी से आरटीओ में हड़कंप मच गया। पूछताछ में उसने प्रधान लेखा लिपिक अजय मिश्रा और सहायक लेखा लिपिक राजीव सक्सेना के लिए काम करने की जानकारी दी। टास्क फोर्स दोनों बाबुओं की मेज पर पहुंची, लेकिन वह भाग चुके थे। सरोजनीनगर इंस्पेक्टर धर्मेश शाही ने बताया कि कुशल को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि दोनों बाबू की तलाश की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक आरोपी दलाल आरटीओ कार्यलय में लंबे समय से दलाली कर रहा है। 100-50 रुपये कमाकर उसने देखते ही देखते लखनऊ में आलीशान कोठी खड़ी कर ली है। दलाती करते-करते वह करोड़पति बन चुका है।