फार्मासिस्टों के तबादले में भ्रष्टाचार में निदेशक पैरामेडिकल निलंबित, सचिव चिकित्सा करेंगे जांच
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फार्मासिस्टों के तबादले में भ्रष्टाचार के आरोप में स्वास्थ्य महानिदेशालय में तैनात निदेशक पैरामेडिकल डॉ. एमके गुप्ता को शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया। सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पंकज कुमार उन पर लगे आरोपों की जांच करेंगे।
डॉ. गुप्ता पर फार्मासिस्ट व अन्य पैरामेडिकल स्टाफ के तबादलों में महानिदेशक का अनुमोदन न लेने, 75 फार्मासिस्टों के तबादले अपने स्तर से निरस्त करने और शासन की स्थानांतरण नीति का अनुपालन न किए जाने का आरोप है। निलंबन अवधि के दौरान वह महानिदेशक परिवार कल्याण कार्यालय से संबद्ध रहेंगे।
स्वास्थ्य महानिदेशालय में फार्मासिस्ट और पैरामेडिकल तबादलों में भ्रष्टाचार के मामले में तीन बाबुओं के निलंबन और चार बाबुओं से स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद निदेशक पैरामेडिकल डॉ. एमके गुप्ता भी कार्रवाई के दायरे में आ गए।
शासन ने शिकायत के बाद इस मामले की जांच तीन सदस्यीय कमेटी से कराई थी। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में निदेशक पैरामेडिकल और स्वास्थ्य महानिदेशालय के फोर डी (2) सेक्शन के प्रशासनिक अधिकारी से लेकर बाबुओं तक को भ्रष्टाचार में लिप्त बताया था। इस रिपोर्ट के आधार पर ही यह कार्रवाई की गई है।
महानिदेशक सहित छह अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण
शासन ने इस मामले में स्वास्थ्य महानिदेशक सहित छह अधिकारियों से उप्र सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के नियम 10(2) के तहत स्पष्टीकरण मांगा है। इनमें महानिदेशक डॉ. पद्माकर सिंह, तत्कालीन अपर निदेशक डॉ. संजीव कुमार, अपर निदेशक डॉ. एनके गुप्ता, संयुक्त निदेशक डॉ. अशोक कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक डॉ. अनिल कुमार वर्मा, संयुक्त निदेशक डॉ. सुनील कुमार रावत शामिल हैं।