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यूपी में 50 के ऊपर के भ्रष्ट व अक्षम पुलिस वाले होंगे रिटायर
Sun, 20 Sep 2020 11:20 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 20 Sep 2020 11:20 PM IST
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पुलिस भर्ती।
- फोटो : amar ujala
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यूपी पुलिस में 50 साल से अधिक उम्र वाले भ्रष्ट व अक्षम पुलिस कर्मी अनिवार्य सेवानिवृत्त होंगे। पुलिस महानिदेशक मुख्यालय ने इसके लिए सभी जिलों में ऐसे पुलिस कर्मियों की स्क्रीनिंग कर सूची भेजने को कहा है।
डीजीपी मुख्यालय की ओर से भेजे गए पत्र के मुताबिक 50 साल की उम्र की स्क्रीनिंग के लिए 31 मार्च, 2020 की डेडलाइन रखी गई है। मतलब जो पुलिसकर्मी इस तारीख तक 50 साल के हो चुके हैं उनकी स्क्रीनिंग होगी। इनमें सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर स्तर पर के पुलिस कर्मियों को शामिल किया जाएगा।
डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने कहा कि यह पुरानी व्यवस्था है। ऐसी स्क्रीनिंग हर साल की जाती है। पिछले साल भी ऐसी कार्रवाई के लिए सभी जोन के पुलिस प्रमुखों को पत्र भेजा गया था। स्क्रीनिंग की श्रेणियां अलग-अलग हैं। कुछ का जिले व जोन स्तर पर निस्तारण होता है तो कुछ के बारे में शासन की सहमति ली जाती है।
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भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री का वार
यह कवायद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हो रही है। पूर्व में मुख्यमंत्री ने गृह विभाग की एक समीक्षा बैठक में भ्रष्ट और काम न करने वाले पुलिसकर्मियों पर नाराजगी जाहिर की थी। बैठक में उन्होंने कहा था कि प्रदेश को ऐसे पुलिसवालों की जरूरत नहीं है, जो व्यवस्था के प्रति ईमानदार नहीं हैं।
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डीजीपी मुख्यालय की ओर से भेजे गए पत्र के मुताबिक 50 साल की उम्र की स्क्रीनिंग के लिए 31 मार्च, 2020 की डेडलाइन रखी गई है। मतलब जो पुलिसकर्मी इस तारीख तक 50 साल के हो चुके हैं उनकी स्क्रीनिंग होगी। इनमें सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर स्तर पर के पुलिस कर्मियों को शामिल किया जाएगा।
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डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने कहा कि यह पुरानी व्यवस्था है। ऐसी स्क्रीनिंग हर साल की जाती है। पिछले साल भी ऐसी कार्रवाई के लिए सभी जोन के पुलिस प्रमुखों को पत्र भेजा गया था। स्क्रीनिंग की श्रेणियां अलग-अलग हैं। कुछ का जिले व जोन स्तर पर निस्तारण होता है तो कुछ के बारे में शासन की सहमति ली जाती है।
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भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री का वार
यह कवायद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हो रही है। पूर्व में मुख्यमंत्री ने गृह विभाग की एक समीक्षा बैठक में भ्रष्ट और काम न करने वाले पुलिसकर्मियों पर नाराजगी जाहिर की थी। बैठक में उन्होंने कहा था कि प्रदेश को ऐसे पुलिसवालों की जरूरत नहीं है, जो व्यवस्था के प्रति ईमानदार नहीं हैं।