Corona Virus: तेज बुखार, खांसी के साथ नाक बहे, तभी जाएं अस्पताल, भय के चलते भीड़ न बढ़ाएं
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डॉक्टरों का कहना है कि यदि आपको खांसी, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बह रही हो, गले मे खराश आदि हो तो तत्काल अस्पताल जाएं और इलाज कराएं। अन्य किसी तरह की दिक्कत हो तो परेशान न हों। बस कुछ दिन आराम करें। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीजें खाएं। इससे बुखार व अन्य समस्या दूर हो जाएगी।
केजीएमयू, लोहिया संस्थान और पीजीआई के चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना वायरस से भयभीत होने की जरूरत नहीं है। अगर इसके लक्षण मिल रहे हैं तो अस्पताल जाएं क्योंकि घर में बैठे रहने से यह वायरस दूसरे लोगों में भी फैल सकता है लेकिन अगर इसके लक्षण नहीं है तो अनावश्यक अस्पताल न जाएं।
अस्पताल में भीड़भाड़ बढ़ने से भी समस्या हो सकती है। केजीएमयू के डॉ. डी. हिमांशु ने बताया कि हर व्यक्ति को अपने स्तर पर सावधानी बरतने की जरूरत है। साफ-सफाई पर ध्यान दें। बाहर से आने पर जूते पहनकर घर के अंदर न जाएं।
जानें कोरोना वायरस के बारे में
- कोरोना व्यक्ति से व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलने वाला वायरस है। यह हवा में नहीं फैलता है। कोरोना वायरस आपको तभी होगा जब आप किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आएंगे।
- अपने हाथों को बार-बार अपने मुंह और नाक पर न लगाएं क्योंकि घर से बाहर जाने पर आप कई ऐसी चीजों का स्पर्श करते हैं जिन पर वायरस होने का खतरा रहता है। इसलिए जितना ज्यादा हो सके, हाथों को धुलते रहें।
- जिन कपड़ों को पहनकर बाहर गए हैं उन्हें घर के कपड़ों से अलग कर रखें। बाहर के कपड़ों को धुलकर धूप में डाल दें। हो सके तो नहा लें अथवा हाथ-पैर, मुंह ठीक से साबुन से धो लें।
- कोरोना वायरस का आकार 400 से 500 माइक्रोन होता है इसलिए कोई भी फेस मास्क आसानी से इसे रोक सकता है। महंगा मास्क लेने की आवश्यकता नहीं है।
ये हैं बचने के उपाय
- अगर आपको बुखार है या खांसी आ रही है तो तुरंत मास्क का इस्तेमाल करें और इस तरह के लक्षण वालों से दूूर रहें।
- अगर आप किसी संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति कि देखभाल कर रहे हैं तो आपको विशेष सावधानी बरतें
- पीड़ित व्यक्ति का मास्क बंद डिब्बे में डालें।
कब तक जिंदा रहता है वायरस
इस वायरस के जिंदा रहने को लेकर अलग-अलग तर्क दिए जा रहे हैं। इसका समय इस बार पर निर्भर करता है कि इसकी मात्रा कितनी है। पूर्व में आए कोरोना वायरस के आधार पर कोरोना वायरस की सक्रियता का अंदाजा लगाया जा रहा है।
आमतौर पर कागज पर यह पांच घंटे से लेकर 24 घंटे तक जिंदा रह सकता है। किसी धातु पर यह 12 घंटे तक जिंदा रह सकता है। गाउन पर एक घंटे से लेकर दो दिन तक, काटन गाउन पर पांच मिनट से 24 घंटे तक जिंदा रहता है। ऐसी स्थिति में यदि आपको यह आशंका है कि किसी पीड़ित के संपर्क में आए तो तत्काल कपड़ों को साबुन से धुलकर धूप में सुखाएं। तेज धूप में सुखाना ज्यादा कारगर होगा।