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यूपी के सबसे कमाऊ जिलों में ही कोरोना का घातक हमला, अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना आसान नहीं
Mon, 27 Apr 2020 01:28 PM IST
शाहरुख खान
महेंद्र तिवारी, अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 27 Apr 2020 01:28 PM IST
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वैश्विक महामारी कोविड-19 से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पहुंची चोट का आकलन तो हालात सामान्य होने के बाद हो सकेगा। लेकिन, 20 से अधिक मरीजों वाले सूबे के 18 संवेदनशील जिलों में से ज्यादातर आर्थिक रूप से ताकतवर व कमाई के लिहाज से अव्वल हैं।
ये सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 41 फीसदी से ज्यादा का योगदान देते हैं। जाहिर है कि इन जिलों में स्थिति सामान्य होने तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना आसान नहीं होगा।
प्रदेश सरकार ने इसी वर्ष जनवरी-फरवरी में वर्ष 2018-19 के प्रचलित भावों पर राज्य की अर्थव्यवस्था का अनंतिम आकलन कराया है, जिसमें प्रदेश की जीएसडीपी 16,68,229.24 करोड़ आंकी गई है। इसमें कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, कानपुर नगर, बुलंदशहर, मुरादाबाद, बिजनौर, सहारनपुर, फिरोजाबाद, अमरोहा, शामली, रायबरेली, सीतापुर, संभाल, औरैया और बस्ती का प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 700033.02 करोड़ रुपये की साझी हिस्सेदारी है।
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यह राज्य की अर्थव्यवस्था का 42 फीसदी से भी ज्यादा है। कानपुर में नगर व देहात दोनों जिले शामिल हैं, क्योंकि देहात के औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कारोबारी व कर्मचारी नगर हैं।
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ये सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 41 फीसदी से ज्यादा का योगदान देते हैं। जाहिर है कि इन जिलों में स्थिति सामान्य होने तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना आसान नहीं होगा।
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प्रदेश सरकार ने इसी वर्ष जनवरी-फरवरी में वर्ष 2018-19 के प्रचलित भावों पर राज्य की अर्थव्यवस्था का अनंतिम आकलन कराया है, जिसमें प्रदेश की जीएसडीपी 16,68,229.24 करोड़ आंकी गई है। इसमें कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, कानपुर नगर, बुलंदशहर, मुरादाबाद, बिजनौर, सहारनपुर, फिरोजाबाद, अमरोहा, शामली, रायबरेली, सीतापुर, संभाल, औरैया और बस्ती का प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 700033.02 करोड़ रुपये की साझी हिस्सेदारी है।
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यह राज्य की अर्थव्यवस्था का 42 फीसदी से भी ज्यादा है। कानपुर में नगर व देहात दोनों जिले शामिल हैं, क्योंकि देहात के औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कारोबारी व कर्मचारी नगर हैं।
खास बात ये है कि इनमें अकेले गौतमबुद्धनगर (नोएडा) 9.19 फीसदी की हिस्सेदारी रखता है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में टॉप-10 जिलों में स्थान रखने वाले सात जिले इन सबसे संवेदनशील 18 जिलों में शामिल हैं।
वित्त विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि इनमें से 12 जिले ऐसे हैं, जिनकी प्रति व्यक्ति औसत आय राज्य की औसत प्रति व्यक्ति आय से ज्यादा है। 2018-19 के अनंतिम अनुमानों के अनुसार राज्य की औसत प्रति व्यक्ति आय 66,511.95 रुपये है
जबकि गौतमबुद्धनगर, मेरठ, लखनऊ, आगरा, अमरोहा, कानपुर नगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मुरादाबाद, सहारनपुर, शामली व बिजनौर की प्रति व्यक्ति औसत आय इससे अधिक है। अंदाजा लगाना कठिन नहीं है कि जब तक इन जिलों में जिंदगी पटरी पर नहीं आएगी, तब तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था की राह मुश्किलों भरी ही रहेगी।
इन जिलों पर सरकार का सबसे ज्यादा फोकस
जानकार बताते हैं कि सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अध्ययन करवा रही है। उसे अर्थव्यवस्था में इन जिलों के योगदान का अंदाजा है। शायद इसीलिए मुख्यमंत्री ने इन जिलों में संक्र्तमण पर तेजी से काबू पाने और व्यवस्था बहाल करने के लिए प्रमुख सचिव व सचिव स्तर के अधिकारियों तथा पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के बड़े अफसरों की टीम उतार दी है।
वित्त विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि इनमें से 12 जिले ऐसे हैं, जिनकी प्रति व्यक्ति औसत आय राज्य की औसत प्रति व्यक्ति आय से ज्यादा है। 2018-19 के अनंतिम अनुमानों के अनुसार राज्य की औसत प्रति व्यक्ति आय 66,511.95 रुपये है
जबकि गौतमबुद्धनगर, मेरठ, लखनऊ, आगरा, अमरोहा, कानपुर नगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मुरादाबाद, सहारनपुर, शामली व बिजनौर की प्रति व्यक्ति औसत आय इससे अधिक है। अंदाजा लगाना कठिन नहीं है कि जब तक इन जिलों में जिंदगी पटरी पर नहीं आएगी, तब तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था की राह मुश्किलों भरी ही रहेगी।
इन जिलों पर सरकार का सबसे ज्यादा फोकस
जानकार बताते हैं कि सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अध्ययन करवा रही है। उसे अर्थव्यवस्था में इन जिलों के योगदान का अंदाजा है। शायद इसीलिए मुख्यमंत्री ने इन जिलों में संक्र्तमण पर तेजी से काबू पाने और व्यवस्था बहाल करने के लिए प्रमुख सचिव व सचिव स्तर के अधिकारियों तथा पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के बड़े अफसरों की टीम उतार दी है।
सकल राज्य घरेलू उत्पाद वर्ष 2018-19 अनंतिम (प्रचलित भावों पर)
16,68,229.24 करोड़ यूपी की जीडीपी
संवेदनशील 18 जिले का सकल जिला घरेलू उत्पाद
संवेदनशील 18 जिले का सकल जिला घरेलू उत्पाद
- गौतमबुद्धनगर 1,53,262.92
- लखनऊ 62,035.69
- आगरा 57,175.42
- मेरठ 53,097.86
- कानपुर (नगर/देहात) 66200.72
- गाजियाबाद 46,191.15
- बुलंदशहर 36,462.00
- बिजनौर 31,630.10
- सहारनपुर 30,992.22
- मुरादाबाद 30,130.32
- सीतापुर। 27076.43
- अमरोहा 22,902.70
- फिरोजाबाद 17,928.49
- रायबरेली 16,164.14
- संभल। 14809.47
- बस्ती 13,989.84
- शामली 10,984.83
- औरैया। 8999.72
- (आंकड़े करोड़ रुपये में)
जिला प्रति व्यक्ति आय
- गौतमबुद्धनगर 671208.60
- मेरठ 128667.07
- लखनऊ 104016.09
- आगरा 99940.77
- अमरोहा 99422.09
- कानपुर नगर 96001.31
- गाजियाबाद 92195.84
- बुलंदशहर 84859.69
- मुरादाबाद 74509.87
- सहारनपुर 72153.15
- शामली 71969.01
- बिजनौर 69933.57
- फिरोजाबाद 55722.09
- बस्ती 45424.03
- रायबरेली 39111.73
- सीतापुर 46590.79
- संभल 53288.98
- औरैया 53439.40