सैंपल तो घटे पर बढ़ गई कोरोना संक्रमण की दर, विशेषज्ञ बोले...

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Wed, 18 Nov 2020 02:11 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : sociol media
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क्या लखनऊ में कोरोना मरीजों की संख्या घटी है? जी हां घटी है। पर, इससे संक्रमण को लेकर बेपरवाह न हों। दीपोत्सव के पहले और बाद की संक्रमण की दर में 1.40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यानी वायरस की रफ्तार फिर बढ़ने लगी है। चिंता इसे लेकर है कि संक्रमण तो बढ़ रहा, लेकिन दिवाली के बाद सैंपल पहले के मुकाबले लगभग आधे ही लिए जा रहे हैं।
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चिकित्सा विशेषज्ञ संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को खतरे की घंटी मान रहे हैं। उनका तर्क है कि ऐसे ही लापरवाही जारी रही तो सितंबर जैसे हालात हो सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने त्योहार बाद कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के तहत लिए जाने वाले सैंपल की दर में 50 फीसदी की कमी तब की, जब पहले से चिकित्सा विशेषज्ञ चेतावनी रहे थे कि दीपावली बाद मरीजों की संख्या में इजाफा हो सकता है।


इसे मरीजों की कागज पर संख्या के तौर पर देखा जा रहा है। चौंकिए नहीं, ऐसा पहली बार नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि जब भी मरीजों की संख्या बढ़ने लगती है, दो-चार दिन बाद स्वास्थ्य विभाग कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के तहत लिए जाने वाले सैंपलों की संख्या घटा देता है।

कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के तहत 23 सितंबर को सर्वाधिक 11,925 सैंपल लिए गए थे। इसके बाद पूरे माह रोजाना औसतन 10 हजार सैंपल लिए गए। अक्तूबर में यह औसत 7 से 8 हजार का ही रहा। वहीं, 1 से 7 नवंबर के बीच कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के तहत 58,080 सैंपल लिए गए। 8 से 13 नवंबर के बीच 45,577 नमूने लिए गए। पर, 14 से 17 नवंबर के बीच सिर्फ 20,708 सैंपल लिए गए। यानी लगभग आधे।

विशेषज्ञों ने चेताया

राजधानी में कोरोना हाल देखें तो 25 अक्तूबर के बाद सैंपल लेने की संख्या में उतार-चढ़ाव रहा है। 25 से 31 अक्तूबर के बीच 36,736 सैंपल लिए गए, जिसमें 1805 पॉजिटिव केस मिले। यहां संक्रमण की दर 4.91 प्रतिशत रही। एक से सात नवंबर के बीच यह घटकर 3.10 फीसदी पहुंची और आठ से 13 नवंबर के बीच दर 3.17 प्रतिशत रही।

दीपावली के बाद 14 से 17 नवंबर के बीच 20,708 सैंपल लिए गए, जिसमें 948 पॉजिटिव केस मिले। संक्रमण की यह दर 4.57 प्रतिशत रही। इस तरह से देखा जाए तो महज चार दिनों में संक्रमण की दर में 1.40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई।

एसजीपीजीआई में माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. उज्ज्वला ने कहा, तीन से पांच फीसदी के बीच संक्रमण दर को संतोषजनक नहीं माना जा सकता। इसलिए हर व्यक्ति को सावधान रहना होगा। लोहिया संस्थान में कोरोना हॉस्पिटल के सह नोडल प्रभारी डॉ. केके यादव ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पाने से संक्रमण की दर में इजाफा होगा।

फोकस सैंपलिंग:10,970 सैंपल लिए, 70 पॉजिटिव मिले

दीपावली को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने  विशेष जांच अभियान चलाया। दावा है कि 15 दिन में 10,970 के सैंपल लिए, जिनमें सिर्फ 70 पॉजिटिव आए। 29 अक्तूबर से 12 नवंबर तक अभियान में टेंपो चालकों, दुकानदारों, मिठाई विक्रेताओं, कामगारों के सैंपल लिए थे। रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों से 2128 सैंपल लिए, जिनमें से 23 में कोरोना की पुष्टि हुई। स्ट्रीट वेंडर से कुल 2373 सैंपल लिए गए, लेकिन इनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। अन्य में पांच से सात पॉजिटिव मिले।

हकीकत : सैंपल उनके लिए जिन्हें संक्रमण नहीं था, न आशंका थी
इस आंकड़े से यकीनी तौर पर नहीं माना जा सकता कि संक्रमण घट रहा है। क्योंकि जिनके सैंपल लिए न तो वे संक्रमित के संपर्क में थे, न उनमें लक्षण थे। फिर भी 70 का पॉजिटिव आना साबित करता है कि संक्रमण पर भी उन्हें या तो इसका पता नहीं चला या उन्होंने जांच नहीं कराई। पर, ये कई के संपर्क में जरूर आए होंगे।
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