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यूपी : बिना लक्षण वाले मरीजों को अब 10वें दिन छुट्टी
Sun, 21 Jun 2020 12:03 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
चंद्रभान यादव, लखनऊ
चंद्रभान यादव, लखनऊ
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Sun, 21 Jun 2020 12:03 PM IST
सार
- सात दिन घर में रहने के दौरान दोबारा लक्षण मिले तो माने जाएंगे नए मरीज
- शासन का आदेश मिलते ही बनने लगी 10 दिन का समय पूरा करने वालों की सूची
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फाइल फोटो
- फोटो : PTI
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विस्तार
बिना लक्षण वाले कोरोना मरीजों को अब 10वें दिन डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। इसके बाद वे सात दिनों तक घर में क्वारंटीन रहेंगे। इस दौरान दोबारा लक्षण मिले तो उन्हें नया केस माना जाएगा। शासन ने इस संबंध में सभी डीएम और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, जिला अस्पतालों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को पत्र जारी कर दिया है। पत्र मिलते ही सीएमओ 10 दिन का समय पूरा करने वाले मरीजों की सूची तैयार करने लगे हैं। राजधानी में ऐसे मरीजों की संख्या 255 है।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की ओर से कुछ दिन पहले कोरोना मरीजों के संबंध में नई गाइडलाइन जारी की गई थी। इसमें कहा गया था कि बिना लक्षण वाले मरीजों को ज्यादा दिन तक अस्पताल में रखने की जरूरत नहीं है। यदि उन्हें कोई दिक्कत नहीं है तो घर में क्वारंटीन किया जाए। इसे देखते हुए शासन ने शुक्रवार को पत्र जारी कर दिया।
इसमें कहा गया कि बिना लक्षण वाले मरीजों को 10वें दिन डिस्चार्ज कर दिया जाए। ऐसा करते वक्त देखा जाए कि मरीज को पिछले तीन दिन में बुखार तो नहीं आया है। यदि ऐसा नहीं है तो दोबारा जांच करने की भी जरूरत नहीं है। इसके बाद मरीज 7 दिन तक घर में रहेंगे। इस दौरान कोरोना के लक्षण मिलते हैं तो उन्हें नया केस मानते हुए पंजीकृत किया जाएगा। वहीं, हल्के लक्षणों वाले मरीज, जिन्हें अस्पताल में भर्ती हुए 12 दिन बीत चुके हैं और तीन दिन से कोई लक्षण नहीं है तो उन्हें ट्रूनेट मशीन से जांच के बाद डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
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80 प्रतिशत मरीज बिना लक्षण वाले
राजधानी सहित पूरे प्रदेश में बिना लक्षण वाले मरीजों की संख्या 80 प्रतिशत से अधिक है। अकेले राजधानी में अब तक मिले 780 मरीजों में से सिर्फ 20 फीसदी में लक्षण मिला था। जिन मरीजों में लक्षण नहीं थे पहले उनकी सातवें दिन जांच की जाती थी और जब तक दो बार रिपोर्ट निगेटिव नहीं आ जाती थी, तब तक उन्हें डिस्चार्ज नहीं किया जाता था। इसके बाद भी 14 दिन तक होम क्वारंटीन की सलाह दी जाती थी।
यह होगा फायदा
कोराना नियंत्रण के राज्य नोडल अधिकारी और लोहिया संस्थान के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रम सिंह का कहना है कि मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिनमें लक्षण नहीं है उन्हें घर में क्वारंटीन किया जा सकता है। आईसीएमआर ने भी गाइडलाइन जारी कर दी है। इसे ध्यान में रखते हुए शासन ने नई गाइडलाइन में बिना लक्षण वाले मरीजों को 10वें दिन डिस्चार्ज करने को कहा है। इससे चिकित्सा संस्थानों में गंभीर मरीजों के लिए ज्यादा से ज्यादा बेड और इलाज की व्यवस्था रहेगी।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
शासन की नई गाइडलाइन के तहत 10 दिन पूरा करने वाले मरीजों की सूची तैयार की गई है। 255 मरीज बिना लक्षण वाले हैं, जो एक-दो दिनों में यह समय पूरा कर लेंगे। इसके बाद इन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। हालांकि, ये सात दिनों तक होम क्वारंटीन रहेंगे।
डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ
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इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की ओर से कुछ दिन पहले कोरोना मरीजों के संबंध में नई गाइडलाइन जारी की गई थी। इसमें कहा गया था कि बिना लक्षण वाले मरीजों को ज्यादा दिन तक अस्पताल में रखने की जरूरत नहीं है। यदि उन्हें कोई दिक्कत नहीं है तो घर में क्वारंटीन किया जाए। इसे देखते हुए शासन ने शुक्रवार को पत्र जारी कर दिया।
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इसमें कहा गया कि बिना लक्षण वाले मरीजों को 10वें दिन डिस्चार्ज कर दिया जाए। ऐसा करते वक्त देखा जाए कि मरीज को पिछले तीन दिन में बुखार तो नहीं आया है। यदि ऐसा नहीं है तो दोबारा जांच करने की भी जरूरत नहीं है। इसके बाद मरीज 7 दिन तक घर में रहेंगे। इस दौरान कोरोना के लक्षण मिलते हैं तो उन्हें नया केस मानते हुए पंजीकृत किया जाएगा। वहीं, हल्के लक्षणों वाले मरीज, जिन्हें अस्पताल में भर्ती हुए 12 दिन बीत चुके हैं और तीन दिन से कोई लक्षण नहीं है तो उन्हें ट्रूनेट मशीन से जांच के बाद डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
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80 प्रतिशत मरीज बिना लक्षण वाले
राजधानी सहित पूरे प्रदेश में बिना लक्षण वाले मरीजों की संख्या 80 प्रतिशत से अधिक है। अकेले राजधानी में अब तक मिले 780 मरीजों में से सिर्फ 20 फीसदी में लक्षण मिला था। जिन मरीजों में लक्षण नहीं थे पहले उनकी सातवें दिन जांच की जाती थी और जब तक दो बार रिपोर्ट निगेटिव नहीं आ जाती थी, तब तक उन्हें डिस्चार्ज नहीं किया जाता था। इसके बाद भी 14 दिन तक होम क्वारंटीन की सलाह दी जाती थी।
यह होगा फायदा
कोराना नियंत्रण के राज्य नोडल अधिकारी और लोहिया संस्थान के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रम सिंह का कहना है कि मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिनमें लक्षण नहीं है उन्हें घर में क्वारंटीन किया जा सकता है। आईसीएमआर ने भी गाइडलाइन जारी कर दी है। इसे ध्यान में रखते हुए शासन ने नई गाइडलाइन में बिना लक्षण वाले मरीजों को 10वें दिन डिस्चार्ज करने को कहा है। इससे चिकित्सा संस्थानों में गंभीर मरीजों के लिए ज्यादा से ज्यादा बेड और इलाज की व्यवस्था रहेगी।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
शासन की नई गाइडलाइन के तहत 10 दिन पूरा करने वाले मरीजों की सूची तैयार की गई है। 255 मरीज बिना लक्षण वाले हैं, जो एक-दो दिनों में यह समय पूरा कर लेंगे। इसके बाद इन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। हालांकि, ये सात दिनों तक होम क्वारंटीन रहेंगे।
डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ