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रामनवमी मेले पर अघोषित प्रतिबंध, दो अप्रैल तक अयोध्या में प्रवेश नहीं कर सकते बाहरी लोग
Sun, 22 Mar 2020 04:43 AM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sun, 22 Mar 2020 04:43 AM IST
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रामनवमी (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
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कोरोना वायरस से बढ़ते असर को देखते हुए अयोध्या में आयोजित होने वाले रामनवमी मेले पर अघोषित प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिला प्रशासन ने शनिवार को एडवाइजरी जारी कर जानकारी दी।
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एडवाइजरी के मुताबिक दो अप्रैल तक अयोध्या में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। रामनवमी मेले में शामिल होने के लिए बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों को अयोध्या जनपद के बॉर्डर पर ही रोक कर वापस भेज दिया जाएगा।
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इसके साथ ही दो अप्रैल तक सरयू नदी में सामूहिक स्नान पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। अयोध्या जनपद के सभी होटलों, धर्मशालाओं और लॉज में दो अप्रैल तक किसी तरह की बुकिंग नहीं होगी।
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इसके साथ ही जनपद के सभी मंदिर और धार्मिक स्थलों पर कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए भीड़ इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लग गया है। मालूम हो कि आगामी 25 मार्च से ही अयोध्या में रामनवमी मेला शुरू हो रहा है। 9 दिनों तक तलने वाले इस पर्व के अंतिम दिन दो अप्रैल को राम जन्मोत्सव है।
इसके साथ ही जिला प्रशासन ने लोगों से 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का समर्थन करने की भी अपील की है। लोगों से यह भी आग्रह किया गया है कि वो अति आवश्यक कामों के अलावा दूसरे किसी कारण से घर से बाहर न निकलें।
सरकारी रोडवेज बसों के परिचालन को भी कल सुबह 6 से रात के 10 बजे तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथी ही निजी बसों के परिचालन को भी बंद रखने का आह्वाहन किया गया है। इसके साथ ही अयोध्या के प्रमुख मंदिरों के व्यवस्थापकों ने भी श्रद्धालुओं से भीड़ में अयोध्या न आने की अपील की है।
व्यवस्थापकों का कहना है कि कुछ ही दिन की समस्या है, इसके बाद फिर से सब कुछ सामान्य हो जाएगा। इसलिए अपने घरों पर ही भगवान की पूजा अर्चना करें, क्योंकि भगवान हर जगह मौजूद हैं, बस भाव होना चाहिए।
हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन महंत प्रेमदास ने कहा कि कोरोना वायरस के खतरे को लेकर सभी भीड़ से बचें। राष्ट्र व समाज हित में कोरोना से शुरू हुए जंग में शासन-प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। पूजा-पाठ भाव की बात हैं, घर पर भी रहकर की जा सकती है।
नागेश्वरनाथ मंदिर के व्यवस्थापक सभापति तिवारी ने भी अपील की है कि श्रद्धालु अधिक संख्या में अयोध्या न आएं। मंदिरों में भी भीड़ भाड़ से बचने की जरूरत है। रामनवमी मेले में अयोध्या न आना ही उचित होगा क्योंकि भारी भीड़ में यह वायरस तेजी से संक्रमित हो सकता है।
कनकभवन मंदिर के मैनेजर अजय छाछरिया ने कहा कि वायरस से बचना जरूरी है। थोड़े दिन में खतरा भी खत्म हो जाएगा। अनावश्यक भीड़ न करें, पूजा-पाठ घर पर करें। तबीयत ठीक रहेगी तभी दर्शन-पूजन हो पाएगा। रामनवमी की भीड़ में न आना ही बेहतर है।
नागेश्वरनाथ मंदिर के व्यवस्थापक सभापति तिवारी ने भी अपील की है कि श्रद्धालु अधिक संख्या में अयोध्या न आएं। मंदिरों में भी भीड़ भाड़ से बचने की जरूरत है। रामनवमी मेले में अयोध्या न आना ही उचित होगा क्योंकि भारी भीड़ में यह वायरस तेजी से संक्रमित हो सकता है।
कनकभवन मंदिर के मैनेजर अजय छाछरिया ने कहा कि वायरस से बचना जरूरी है। थोड़े दिन में खतरा भी खत्म हो जाएगा। अनावश्यक भीड़ न करें, पूजा-पाठ घर पर करें। तबीयत ठीक रहेगी तभी दर्शन-पूजन हो पाएगा। रामनवमी की भीड़ में न आना ही बेहतर है।