लखनऊः जेठ के बड़े मंगल पर सूना रहेगा हनुमत दरबार, खजाना भी खाली
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लखनऊ में जेठ माह के बड़े मंगल का विशेष महत्व है। जेठ का पहला बड़ा मंगल 12 मई को है। इस दौरान यहां के हनुमान मंदिरों में लाखों श्रद्धालुओं का तांता लगता है।
अकेले अलीगंज कपूरथला स्थित नए हनुमान मंदिर की बात करें तो यहां हर वर्ष जेठ के सभी बड़े मंगल पर छह लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।
पहले बड़े मंगल से पहले ही यहां होने वाले आयोजनों के मद्देनजर तकरीबन 6 से 7 लाख रुपये चंदे के रूप में इकट्ठा हो जाता था। लेकिन इस बार लॉकडाउन के चलते मामूली सी रकम ही अभी तक इकट्ठी हो पाई है।
अलीगंज कपूरथला स्थित नए हनुमान मंदिर प्रशासन के मुताबिक, हर वर्ष प्रत्येक बड़े मंगल को होने वाले भंडारे में औसतन यहां करीब 50 हजार लोग जुटते थे। साथ ही पूरे जेठ माह में तकरीबन 25 लाख रुपये तो चढ़ावा चढ़ता था।
जेठ के बड़े मंगल पर 24 घंटे खुला रहता मंदिर
यही नहीं मंदिर के बाहर मिठाई की दुकान लगाने वालों की माने तो एक दुकान से प्रत्येक माह 25 हजार रुपये तक की कमाई थी। कई दुकानदार तो इससे ज्यादा कमाई कर लेते थे।
मंदिर प्रशासन की माने तो अभी तक केवल 11 हजार रुपये की राशि चंदे के रूप में गूगलपे से मिली है। यही नहीं, इस बार लॉकडाउन के चलते भक्तों को बजरंग बली के दर्शन भी मुख्य द्वार के बाहर से ही करने पड़ेंगे।
मंदिर के कार्यालय अधीक्षक राकेश दीक्षित के मुताबिक जेठ के बड़े मंगल पर मंदिर 24 घंटे खुला रहता है। पहले बड़े मंगल को करीब दो लाख श्रद्धालु इस दौरान दर्शन करते हैं।
आम मंगलवार के दिनों में यह संख्या 35-40 हजार के आसपास रहती है। मंदिर की खुद की एक दुकान है, जहां से 5 क्विंटल प्रसाद बनता बिकता है। इसके अलावा मंदिर प्रशासन खुद सात क्विंटल फूलों से सजावट करवाता है। श्रद्धालु भी फूल मालाएं लेकर आते हैं।
हनुमान सेतु मंदिर में मंगलवार को जुटते हैं 80 हजार से अधिक भक्त
हनुमान सेतु मंदिर के आचार्य चंद्रकांत द्विवेदी ने बताया लॉकडाउन के चलते इस बार मंदिर में पहली बार दर्शन पूजन की व्यवस्था नहीं रहेगी। मंदिर बंद रहेंगे, लेकिन नित्य की भांति आरती पूजन होगा।
उन्होंने बताया हर बड़े मंगल पर मंदिर में 80 हजार से अधिक हनुमान भक्त 24 घंटे तक चलने वाले दर्शनों के लिए जुटते हैं। सामान्य मंगलवार पर यह संख्या 30 से 40 हजार तक रहती है।
बड़े मंगल पर मंदिर आने वाले हर वक्त के लिए 70 हजार से अधिक देसी घी के बड़े लड्डू बनाए जाते हैं, वे उन्हें प्रसाद के रूप में भक्तों में वितरित किया जाता है।चूंकि भोग लगाकर भक्तों को प्रसाद वापस किया जाता है इसलिए कितने क्विंटल भोग लगता है इसका अनुमान मुश्किल है।
मंदिर के बाहर फूलमाला की दुकान लगाने वाले विकास ने बताया, हर दुकानदार की लगभग पांच क्विंटल फूल माला बड़े मंगल पर खपत हो जाती है। मंदिर के आसपास 18-20 दुकानें हैं। ऐसे में 100 क्विंटल से अधिक की फूल मालाएं बिक जाती हैं।
घर पर ही करें सुंदरकांड का पाठ
ठाकुरगंज के मां पूर्वी देवी सिद्ध पीठ मंदिर प्रशासन ने भक्तों से कहा है कि वह हर बड़े मंगल को घर पर ही सुंदरकांड पाठ करें। उधर, ज्योतिषियों का कहना है कि बिना मंदिर जाए भी खास तरीके से पूजा की जा सकती है।
मां पूर्वी देवी बाघमबारी सिद्ध पीठ की मंजू शुक्ला ने बताया, लॉकडाउन चल रहा है ऐसे में हनुमत भक्त मंदिर आने की बजाए घरों में ही रहकर पूजन और पाठ करें।
सभी भक्तों से अपील की गई है कि सुबह 6:30 बजे से लेकर रात 9:00 बजे के बीच किसी भी समय वह हनुमान जी की प्रतिमा मूर्ति या चित्र के सामने धूप, दीप जलाकर सुंदरकांड पाठ कर सकते हैं। इसके बाद आरती कर ले।
अलीगंज के ज्योतिषी एसएस नागपाल ने बताया कि हनुमान जी कलयुग में सर्वाधिक पूजे जाने वाले देवता है। इनकी पूजा तत्काल फल देने वाली है। हनुमान भक्त व्रत रखकर सुंदरकांड का पाठ करें।
लाल वस्त्र, लाल चंदन, लाल फूल, सिंदूर चमेली के तेल का लेप, तुलसी पत्र, बेसन के लड्डू और बूंदी से ये शीघ्र प्रसन्न होते है। जेठ माह में हनुमान जी की विशेष पूजा आराधना से मंगल ग्रह संबंधी दोष दूर होते है।