सरकारी व निजी कर्मियों में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना वायरस, सीएम हेल्पलाइन के 104 कर्मचारी भी पॉजिटिव
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कोरोना अब सरकारी विभागों और उससे जुड़े संस्थानों में तेजी से पांव पसार रहा है। अब तक 828 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। इसमें जीआरपी, आरपीएफ और पीएसी को मिलाकर 106 जवान है। दूसरे नंबर पर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के कर्मचारी हैं। इनकी संख्या 104 है और इनके परिवार के 16 लोग संक्रमित पाए गए हैं।
प्रवासियों के लखनऊ लौटने के दौरान 24 मई को पहली बार जीआरपी के चार जवान चपेट में आए। अब तक जीआरपी के 37 और आरपीएफ के 6 जवान पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। इसी तरह 11 जून को पारा में ठहरी पीएसी 10वीं बटालियन के एक जवान में कोरोना के लक्षण पाए गए। फिर पुलिस हेडक्वार्टर और 12वीं बटालियन के एक-एक जवान की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
इसके बाद पॉलिटेक्निक कॉलेज और बंदरिया बाग स्थित गौतमपल्ली में कैंप कर रही 47वीं बटालियन के एक जवान की रिपोर्ट 15 जून को पॉजिटिव आ गई। यह बटालियन पांच से सात जून के बीच गाजियाबाद से लौटी थी। पहले चरण में बटालियन के करीब 60 लोगों के सैंपल लिए गए, जिसमें 43 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद बाकी बचे 41 लोगों को गोमतीनगर स्थित मॉडर्न स्कूल में क्वारंटीन कर दिया गया और सैंपल जांच को भेजे गए। रविवार को इसमें से 18 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
112 डायल के सात पॉजिटिव
एंबुलेंसकर्मी भी पॉजिटिव
पहली बार 17 मई को सीएमओ कार्यालय में लगा 108 एंबुलेंसकर्मी पॉजिटिव पाया गया था। नौ जून को दो पॉजिटिव आए थे। रविवार को भी एंबुलेंस कार्यालय में कार्यरत एक कर्मचारी संक्रमित मिला है। हालांकि वह सप्ताहभर से कार्यालय नहीं आ रहा था। फिर भी स्वास्थ्य विभाग ने 108 एंबुलेंस से जुड़ी कंपनी के अधिकारियों को सीधे संपर्क वालों की सूची मांगी है। कंपनी में 1200 से अधिक लोग कार्यरत हैं।
बढ़ता जा रहा है स्वास्थ्य विभाग का ग्राफ
पहली बार 18 मार्च को केजीएमयू का रेजिडेंट पॉजिटिव आया था। 26 अप्रैल को यहां की नर्स भी पॉजिटिव मिली। इसके बाद दो अन्य कर्मचारी और एक रेजिडेंट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसी तरह लोकबंधु अस्पताल का एक डॉक्टर, चिनहट सीएचसी के दो कर्मचारी, लोहिया संस्थान का एक कर्मचारी, रामसागर मिश्रा अस्पताल के दो डॉक्टर, तीन नर्स और एक टेक्नीशियन पॉजिटिव मिल चुका है।
इसी तरह निजी अस्पतालों के 26 लोग संक्रमित मिल चुके हैं। रविवार को केजीएमयू लारी कार्डियोलॉजी और झलकारी बाई महिला अस्पताल की एक नर्स पॉजिटिव मिली है। पीजीआई के दो कर्मचारी भी पॉजिटिव पाए गए हैं। कोरोना वार्ड में ड्यूटी करने वाले डॉक्टर व कर्मचारियों का आंकड़ा 2000 से अधिक बताया जा रहा है। रेंडम सर्वे में 105 की जांच की गई है।
जल निगम में भी हलचल
घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सरकारी एवं निजी अस्पतालों में कोरोना से बचने को प्रशिक्षण भी कराए गए हैं। जहां भी मरीज मिल रहे हैं उनके सीधे संपर्क में आने वालों के बारे में जानकारी जुटाकर सैंपलिंग की जा रही है। विभिन्न प्रतिष्ठानों में बड़ी संख्या में पॉजिटिव मिलने की वजह यह है कि वह सभी साथ-साथ रहते हैं। टीमें कार्यालयों से लेकर मोहल्लों में जाकर सचेत कर रही हैं। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क को अपनाकर कोरोना से निपटा जा सकता है। - डॉक्टर नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ