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लखनऊ में कोरोना संक्रमित गर्भवती की कराई नॉर्मल डिलीवरी

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Fri, 22 May 2020 04:26 PM IST
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Corona infected pregnency done successfully
लखनऊ। राजधानी के लोकबंधु अस्पताल में पहली बार कोरोना संक्रमित गर्भवती की सफलतापूर्वक नार्मल डिलीवरी कराई गई। बुधवार देर रात डॉक्टरों की टीम ने कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए प्रसव कराया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। डॉक्टरों की टीम दोनों की सेहत पर नजर बनाए हुए है। प्रसव के पहले गर्भवती का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था और पैरों में काफी सूजन भी थी। वहीं नवजात का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है। अयोध्या निवासी गर्भवती निशातगंज में अपने रिश्तेदार के यहां आई थी। लॉकडाउन में घर नहीं जा सकी। प्रसव पीड़ा होने पर उसे महानगर के फातिमा अस्पताल में मंगलवार को भर्ती कराया गया था, जहां कोरोना संक्रमण की पुष्टि के बाद उसे बुधवार को लोकबंधु अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि गर्भवती का बीपी बढ़ा होने के साथ पैरों में काफी सूजन थी। डॉ. सुरभि रानी और उनकी टीम ने ब्लड प्रेशर नॉर्मल करने के लिए कुछ दवाएं दीं। देर रात 12 बजे तक बीपी नार्मल होने पर नार्मल डिलीवरी कराई गई। सीजेरियन में हो सकती थी दिक्कत, जच्चा-बच्चा स्वस्थ कोरोना संक्रमित महिला का प्रसव करवाने वाली डॉ. सुरभि ने बताया कि ऑपरेशन में काफी जटिलता थी। महिला का ब्लड ग्रुप भी निगेटिव है। ऐसे में ऑपरेशन करने में रिस्क था। ब्लड बैंक में आसानी से निगेटिव ग्रुप का खून न मिल पाता। तीमारदार भी खून डोनेट न कर पाते। ऐसे में सामान्य प्रसव करवाने का फैसला लिया गया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं, टीम निगरानी कर रही है। डॉ. सुरभि ने कहा, कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है। मां, नवजात को दूध खुद पिला रही है क्योंकि नवजात को उससे दूर नहीं रखा जा सकता था। उन्होंने कहा कि लोगों में भ्रम है कि कोरोना संक्रमित मां का दूध पीने से नवजात बीमार हो सकता है। गर्भ में पल रहे शिशु को कोरोना का खतरा नहीं डॉ. सुरभि ने बताया कि कोरोना संक्रमित मां का प्रसव करवाना चुनौती थी क्योंकि मां की वजह से बच्चा संक्रमित न हो जाए। इसके लिए विशेष सावधानियां बरती जा रही थीं। वहीं डॉक्टर का कहना है कि अगर कोई संक्रमित मां सावधानी के साथ ब्रेस्ट फीडिंग करा रही है तो बच्चे में संक्रमण का खतरा नहीं होता है। इसके अलावा संक्रमित महिला से गर्भ में पल रहे शिशु में भी संक्रमण नहीं होता है।
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