जिले से गायब हो गए यूपी बोर्ड के कक्षा 9 और 11 के करीब 16000 छात्र

Lucknow Bureauलखनऊ ब्यूरो Updated Sun, 18 Oct 2020 02:00 AM IST
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कोरोना का असर : 9वीं, 11वीं के 16 हजार छात्र गायब
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जिले में यूपी बोर्ड के छात्रों ने छोड़ी पढ़ाई, नहीं कराया पंजीकरण
87,008 छात्रों का ही इस बार हो सका पंजीकरण
1,03,033 ने कराया कक्षा 10 व 12 में रजिस्ट्रेशन
अभिषेक सिंह
कोरोना काल ने शिक्षा के क्षेत्र को भी जबरदस्त तरीके से प्रभावित किया है। एक अनुमान मुताबिक जिले में यूपी बोर्ड के कक्षा 9 और 11 के करीब 16 हजार छात्र गायब हो गए हैं। इस बार पंजीकरण प्रक्रिया में छात्रों की संख्या में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। ऐसा तब है जब इस बार बोर्ड ने छात्रों की कम होती संख्या को देखते हुए पंजीकरण प्रक्रिया की समयावधि चार बार बढ़ाई।
कोरोना काल में नई शिक्षण व्यवस्था व पद्धति से तालमेल न बैठा पाने से 9वीं, 11वीं के करीब 16000 छात्र घट गए हैं। लाख प्रयास के बावजूद इन छात्रों से संपर्क नहीं हो पाया और स्कूल इनका पंजीकरण नहीं करा पाए। हालांकि, 10वीं और 12वीं में छात्रों का पंजीकरण कराने में स्कूल काफी हद तक सफल रहे हैं। इनकी संख्या में ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिली है। शुरुआत में इनके भी छात्र दाखिला लेने नहीं आ रहे थे। इसके बाद बोर्ड ने कड़ी नाराजगी जताते हुए स्कूलों को हर तरह से प्रयास कर छात्रों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया था। बोर्ड इसमें पंजीकरण कराने के लिए अब तक पांच बार अवसर दे चुका है।
पिछले साल एक लाख पार था आंकड़ा
अमूमन हर साल कक्षा 9 और 11 में एक लाख से ज्यादा छात्रों का पंजीकरण हो जाता है। गत वर्ष यह आंकड़ा 1,03,500 से ज्यादा था। वहीं, इस वर्ष लाख कोशिशों के बावजूद 9वीं, 11वीं में 87,008 छात्रों का पंजीकरण हो पाया है। इसमें कक्षा 9 में 45,115 और 11 में 41,893 का पंजीकरण हुआ है, जबकि हर बार दोनों कक्षाओं में यह आंकड़ 50-50 हजार पार कर जाता था। बोर्ड परीक्षा के लिए कक्षा 10 और 12 में कराए गए पंजीकरण काफी हद तक संतोषजनक रहे। यह संख्या 1,03,033 रही। स्कूलों के अनुसार फीस न देनी पड़े, इसलिए अभिभावक छात्रों को पंजीकरण के लिए नहीं भेज रहे थे। ऐसे में जब उन पर दबाव डाला गया और बताया गया कि छात्र इस बार बोर्ड परीक्षा नहीं दे पाएंगे, तब जाकर काफी हद तक पंजीकरण हो पाए।
कोरोना से ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन हुआ है। इस वजह से भी छात्र कम हुए हैं। कई छात्रों व अभिभावकों से संपर्क नहीं हो पाया। कई ऐसे भी थे जिनसे संपर्क तो हुआ, लेकिन वे जिले से बाहर चले गए और अभी तक लौटकर नहीं आए हैं। पढ़ाई भी ऑनलाइन होने से जो छात्र इससे कट गए थे, उनमें से कई बाद में सम्पर्क में ही नहीं आए।
डॉ. वंदना तिवारी, वरिष्ठ प्रवक्ता, जीजीआईसी सरोसा भरोसा
इस बार छात्रों की संख्या में तो कमी आई है। पंजीकरण और बोर्ड के लिए छात्रों का आवेदन कराने को बहुत प्रयास करने पड़े, क्योंकि छात्र स्कूल आते नहीं थे। कई से संपर्क नहीं हो पाया और कई छात्र ऐसे थे जो शिक्षकों के बुलाने पर भी नहीं आए। हमारे यहां इस बार करीब 150 छात्र कम हो गए हैं। हर स्कूल में ऐसा हुआ है।
साहेब लाल मिश्रा, प्रधानाचार्य, अमीनाबाद इंटर कॉलेज
वैश्विक महामारी ने हर किसी को प्रभावित किया है। लोगों के जीवन पर असर पड़ा तो शिक्षा क्षेत्र भी प्रभावित हुआ। इस बार पहले के मुकाबले छात्रों के नामांकन में इतना उत्साह देखने को नहीं मिला। बहुत प्रयास किए, लेकिन पंजीकरण के लिए कम छात्र आए। बहुत से ऐसे छात्र थे जिनसे बाद में किसी प्रकार से संपर्क नहीं हो पाया।
-डॉ. एचएन उपाध्याय, उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद
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