कोरोना का असर: एकेटीयू ने 2 लाख छात्रों को प्रमोट करने का भेजा प्रस्ताव, शासन करेगा अंतिम फैसला
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कोरोना संक्रमण के बढ़ते केस व पैदा हुए हालात को देखते हुए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) ने शासन को अपने करीब 2 लाख छात्रों को प्रमोट करने का प्रस्ताव भेजा है। इसमें विद्यार्थियों को प्रमोट करने के कुछ फॉर्मूले भी सुझाये गए हैं। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय शासन ही करेगा।
यूपी में विवि से संबद्ध 750 कॉलेजों में इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फॉर्मेसी व आर्किटेक्चर के करीब 2.25 लाख छात्र हैं। यूजीसी व एआईसीटीई ने स्थानीय स्तर पर कोरोना के हालात को देखते हुए प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष के छात्रों को प्रमोट करने की सहमति दी थी।
इस क्रम में एकेटीयू पहले फाइनल ईयर के छात्रों की परीक्षा की कवायद कर रहा था। हाल के दिनों में कोरोना के केस बढ़ने व विवि से संबद्ध कई बड़े संस्थानों के क्वारंटीन या आइसोलेशन सेंटर बनने से परीक्षा केंद्र बनाने में दिक्कत आ रही थी।
इसे देखते हुए ही विवि ने प्रमोट करने का प्रस्ताव भेजा है। हालांकि कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि प्रमोट करने का प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन हम परीक्षा के लिए भी तैयार हैं। सब कुछ शासन के निर्णय पर निर्भर करेगा।
एक फॉर्मूला 70-30 का
एकेटीयू के प्रस्ताव में एक फॉर्मूला 70-30 का भी है। इसके अनुसार पिछले सेमेस्टर में प्राप्त नंबर का औसत 70 नंबर के आधार पर निकाला जाएगा। वहीं, 30 नंबर सेशनल के होंगे। इसमें कॉलेज से प्राप्त नंबर पूरे के पूरे दिए जाएंगे। दोनों को जोड़कर उसका सीजीपीए या ग्रेड तैयार किया जाएगा। विवि ने अन्य फॉर्मूले भी भेजे हैं।
...तो कैरी ओवर वालों को नहीं मिलेगा लाभ
एकेटीयू ने भले ही छात्रों को प्रमोट करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है, मगर विवि के अनुसार तैयार किये गए फॉर्मूले में कैरी ओवर के विद्यार्थियों को लाभ मिलता नहीं दिख रहा है। इनकी संख्या लगभग 20 से 25 हजार की है। यही वजह है कि 2.25 लाख में से 2 लाख छात्रों को प्रमोट करने का प्रस्ताव भेजा गया है। विश्विद्यालय प्रशासन के अनुसार जब भी स्थिति सामान्य होगी और कॉलेज पूरी तरह से खुलेगा, कैरी ओवर के स्टूडेंट्स की परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके बिना इनको प्रमोट करना ठीक नहीं होगा।
एकेटीयू ने इस फॉर्मूले का प्रयोग विश्विद्यालय के साथ-साथ हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) कानपुर व मदन मोहन मालवीय टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एमएमटीयू) गोरखपुर भी अपने-अपने स्तर से आवश्यक संसोधन के साथ प्रभावी कर सकेंगे। कोरोना संक्रमण के कारण इस बार मार्च से ही पठन-पाठन का काम प्रभावित हुवा। हालांकि एकेटीयू ने इस विपरीत परिस्थितियों में भी अपने यहां ऑनलाइन टीचिंग-लर्निंग के माध्यम से विद्यार्थियों को लेक्चर, ई-कंटेंट उपलब्ध कराकर समय से कोर्स पूरा कराया।
वहीं, पीएचडी व पीजी वाइवा आदि भी ऑनलाइन आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में विश्विद्यालय ने 06 जुलाई से कॉलेज खोलने व 10 दिन के फेस टू फेस इंटरेक्शन के बाद 16 जुलाई से परीक्षा प्रस्तावित की थी। किंतु मौजूदा हालात के कारण परीक्षा केन्द्र बनाने व परीक्षा के लिए विद्यार्थियों को कॉलेज बुलाना सही नहीं लग रहा है। स्टूडेंट्स भी लगातार परीक्षा न कराने व कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रमोट करने की मांग कर रहे हैं। इसे देखते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है।
फाइनल ईयर के विद्यार्थियों को देंगे एक मौका भी
विश्विद्यालय की ओर से की गई तैयारी अगर परवान चढ़ी तो विद्यार्थियों को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा। विश्विद्यालय तय फार्मूले पर विद्यार्थियों को प्रमोट करेगा। इसके बाद भी अगर फ़ाइनल ईयर का कोई स्टूडेंट्स इससे सहमत नहीं होता और परीक्षा देना चाहता है तो विश्विद्यालय उसे एक मौका देगा। किंतु ये मौका उसे अगले सत्र में दिया जाएगा और अगर वह पास होता है तो उसे डिग्री इसी सत्र की ढ़ी जाएगी। बस इसके लिए उसे लगभग एक साल का इंतजार करना होगा।
मामले पर एकेटीयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक का कहना है कि कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़े हैं। इसे लेकर स्टूडेंट्स व कॉलेज काफी चिंतित हैं। इसे देखते हुए एचबीटीयू-एमएमटीयू के कुलपतियों से वार्ता के बाद स्टूडेंट्स को प्रमोट करने का एक प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। परीक्षा को लेकर अभी अनिश्चितता की स्थिति है।