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कोरोना-डेंगू का कॉकटेल बढ़ाएगा खतरा, ... इसलिए चिंतित हैं विशेषज्ञ

Wed, 29 Jul 2020 05:22 PM IST
ishwar ashish चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 29 Jul 2020 05:22 PM IST
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Corona-dengue cocktail will increase risk, speak experts
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
कोरोना के साथ अगर डेंगू-मलेरिया भी हुआ तो क्या होगा? क्या चुनौतियां बढ़ सकती हैं? ऐसे सवालों ने विशेषज्ञों को भी परेशान कर रखा है। उनका कहना है कि एक ही मरीज में डेंगू और कोरोना का मामला अभी सामने नहीं आया। पर, कॉकटेल के मामलों में खतरा बहुत ज्यादा होगा, इससे इनकार भी नहीं किया जा सकता। क्योंकि प्लेटलेट्स का गिरना खतरे को बढ़ाएगा। चाहे डेंगू हो या मलेरिया इनसे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता तेजी से घटती है। ऐसे में चिकित्सकों का मानना है कि कोरोना के साथ कॉकटेल होने पर चुनौतियां बढ़ेंगी।
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विशेषज्ञों का कहना है कि कॉकटेल न भी हो तो भी मिलते-जुलते लक्षणों के कारण भ्रम बढ़ेगा। केजीएमयू तो ये भ्रम दूर करने के लिए सप्ताह भर का प्रशिक्षण दे रहा है। इसके लिए प्रो. विनोद जैन प्रभारी बनाए गए हैं। डॉ. जैन बताते हैं कि कोरोना और डेंगू दोनों में ही रोगी को बुखार आता है। ऐसे में अब स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को कोरोना, मलेरिया और डेंगू के प्रमुख अंतर के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
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क्या चुनौतियां हो सकती हैं कॉकटेल होने पर जानिए विशेषज्ञों से

- एंटीबॉडी की स्थिति जानना मुश्किल होगा
एसजीपीजीआई माइक्रोबायोलॉजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. टीएन ढोल बताते हैं कि यदि कोई डेंगू के साथ कोरोना की चपेट में आता है तो दोनों के एंटीबॉडी आपस में मिल जाएंगे। ऐसे में मरीज पॉजिटिव तो मिलेगा, लेकिन उसकी एंटीबॉडी की स्थिति पता करना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा।

- ...तो क्या कर सकते हैं 
डॉ. टीएन ढोल बताते हैं कि ऐसे हालात में हर मरीज से पूछना होगा कि उसे पहले डेंगू तो नहीं हुआ था। यदि डेंगू पीड़ित है तो उसका एंटीजन टेस्ट के बाद पीसीआर टेस्ट करना होगा। फिर दोनों की रिपोर्ट का मूल्यांकन करना होगा।

- क्या कॉकटेल होने पर रिकवरी रेट पर पड़ेगा असर?
चिकित्सा संस्थानों के मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ इससे इनकार नहीं करते। डॉ. टीएन ढोल भी कहते हैं कि जब डेंगू के मरीज की प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं। डेंगू हो या मलेरिया इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है ऐसे में कोरोना का असर इन मरीजों पर ज्यादा होगा।

- हम इस कॉकटेल से बच कैसे सकते हैं?
कोरोना के स्टेट नोडल प्रभारी एवं लोहिया संस्थान के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रम सिंह कहते हैं कि अभी तक किसी डेंगू के मरीज में कोरोना नहीं मिला है। पर, इसके लिए हमें सावधान तो रहना ही होगा। इसका आसान उपाय है कि जलभराव नहीं होने दें और घर की सही तरीके से सफाई रखें, ताकि मलेरिया-डेंगू फैलाने वाले मच्छर पनपने ही न पाएं।

कंटेनमेंट जोन में चलेगा संयुक्त अभियान

कई जगह डेंगू के लार्वा पाए जाने के बाद लार्वा नष्ट करने के लिए 10 टीमें उतार दी गई हैं। इसमें नगर निगम की टीमें भी शामिल हैं। जागरूकता के लिए भी कोशिशें की जा रही हैं। एसीएमओ डॉ. केपी त्रिपाठी बताते हैं कि खतरे की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया है। बुखार वाले मरीजों से उसके नेचर का पूरा ब्योरा लिया जा रहा है। एक अगस्त से डेंगू व मलेरिया के खिलाफ विशेष अभियान शुरू हो जाएगा।

रहें सतर्क...अब तक डेंगू के 10-12 केस आ चुके
इस साल अभी तक करीब 10-12 केस डेंगू के सामने आए हैं। जबकि केजीएमयू व लोहिया संस्थान में आसपास के जिलों से भी मरीज आने लगे हैं। इसी तरह हर इमरजेंसी में सप्ताहभर से दो तीन मलेरिया के गंभीर केस आ रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक 15 अगस्त के बाद डेंगू और मलेरिया के केस चरम पर पहुंच सकते हैं। वर्ष 2019 में करीब 2400 लोगों को डेंगू हुआ था, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी।
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