फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Cops accused in livestock scam declared fugitive, three non-bailable warrants against three

पशुधन घोटाले में आरोपी सिपाही भगोड़ा घोषित, तीन के खिलाफ दोबारा गैरजमानती वारंट

Sat, 10 Oct 2020 12:09 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sat, 10 Oct 2020 12:09 AM IST
विज्ञापन
Cops accused in livestock scam declared fugitive, three non-bailable warrants against three
Corruption - फोटो : सोशल मीडिया
पशुधन विभाग में ठेका दिलाने केनाम पर करोड़ों रुपये ठगी के मामले में शुक्रवार को आरोपी सिपाही सिपाही के खिलाफ भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई की गई है। वहीं तीन आरोपियों के खिलाफ दोबारा गैर जमानती वारंट हासिल किया गया। एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव के मुताबिक पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए प्रयास कर रही है। इस मामले में पशुधन विभाग के मंत्री से भी पूछताछ की गई है। उनका बयान भी दर्ज कराया जा चुका है।
विज्ञापन


एसटीएफ ने हजरतगंज थाने में पशुधन विभाग आटा की आपूर्ति के 292 करोड़ रुपये का ठेका दिलाने के नाम पर ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले की जांच गोमतीनगर एसीपी श्वेता श्रीवास्तव कर रही हैं। विवेचना आगे बढ़ी तो दो डीआईजी भी इस मामले में निलंबित हुए। इसके बाद जांच का दायरा विभागीय मंत्री के दरवाजे तक पहुंच गया था। विभागीय मंत्री को पुलिस ने बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा था। नोटिस के बाद विभागीय मंत्री ने अपना बयान दर्ज कराया था।  
विज्ञापन


एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव के मुताबिक इस मामले में आरोपी सिपाही दिलबहार को पुलिस ने कोर्ट से भगोड़ा घोषित कराने में सफलता हासिल की। शुक्रवार को कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया है। पुलिस जल्द ही उसकी संपत्तियों की कुर्की भी कराएगी। इसके अलावा उमेश मिश्रा, मोंटी गुर्जर और अमित मिश्रा के खिलाफ दोबारा गैरजमानती वारंट जारी किया गया है। आरोपियों पर पुलिस शिकंजा कसती जा रही है। ताकि फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह था मामला:-
पशुधन विभाग के फर्जीवाड़े में इंदौर के व्यापरी मंजीत सिंह भाटिया से ठेका दिलाने के नाम पर नौ करोड़ 72 लाख रुपये हड़प लिये गए थे। इस मामले में मुख्यमंत्री ने एसटीएफ  को जांच सौंपी थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद व्यापारी की तहरीर पर हजरतगंज में 13 जून की रात मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में राज्यमंत्री जय प्रकाश निषाद के निजी प्रधान सचिव रजनीश दीक्षित, निजी सचिव धीरज देव, पत्रकार आशीष राय, अनिल राय, एके राजीव, उमाशंकर और रूपक को गिरफ्तार कर लिया गया था।


बाद में इस मामले में दो और मददगार सचिन वर्मा और त्रिपुरेश पांडेय, होमगार्ड रघुबीर सिंह यादव को पकड़ा गया। इसके अलावा तथाकथित पत्रकार संतोष मिश्रा को भी 20 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में पशुधन राज्यमंत्री से भी पूछताछ की जानी थी, लेकिन तत्कालीन विवेचक संतोष सिंह नहीं कर सकें। इस मामले में 25 अगस्त को डीआईजी अरविंद सेन और दिनेश चंद्र दुबे को निलंबित कर दिया गया। शासन का रूख देखकर विवेचना में तेजी आई। फिर पशुधन राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद को नोटिस जारी किया गया। उनसे पूछताछ किया गया। पुलिस के मुताबिक इस मामले में अभी कई और लोगों से पूछताछ की जानी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed