{"_id":"61d53f784517921c8d674b1d","slug":"convocation-parade-women-sipahi-in-lucknow","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला रिक्रूट आरक्षियों की दीक्षांत परेड: योगी बोले- खराब कानून व्यवस्था थी यूपी की पहचान, ‘प्रश्न’ प्रदेश को बनाया ‘उत्तर’ प्रदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला रिक्रूट आरक्षियों की दीक्षांत परेड: योगी बोले- खराब कानून व्यवस्था थी यूपी की पहचान, ‘प्रश्न’ प्रदेश को बनाया ‘उत्तर’ प्रदेश
Wed, 05 Jan 2022 09:34 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 05 Jan 2022 09:34 PM IST
सार
सीएम ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार ने पुलिस विभाग में डेढ़ लाख भर्तियां पूरी पारदर्शिता व इमानदारी के साथ की हैं। 2017 से पहले प्रदेश में सिर्फ छह हजार रिक्रूट का प्रशिक्षण दिया जा सकता था, लेकिन आज 15,428 रिक्रूट के सफल प्रशिक्षण के कार्यक्रम को न सिर्फ लखनऊ में बल्कि प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर देख रहे हैं।
विज्ञापन
दीक्षांत परेड में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था व महिला सुरक्षा की स्थिति बदहाल थी। इस पर पूरे देश में सवाल खड़े हुए थे। मार्च 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद ‘प्रश्न’ प्रदेश आज कानून-व्यवस्था व सुरक्षा के मुद्दे पर ‘उत्तर’ प्रदेश है। उन्होंने ये बातें बुधवार को पुलिस लाइंस मैदान में आयोजित 518 महिला रिक्रूट आरक्षियों की दीक्षांत परेड की सलामी लेने के बाद कहीं। उन्होंने आरक्षियों को कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई और बेहतर भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
विज्ञापन
सीएम ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार ने पुलिस विभाग में डेढ़ लाख भर्तियां पूरी पारदर्शिता व इमानदारी के साथ की हैं। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में सिर्फ छह हजार रिक्रूट का प्रशिक्षण दिया जा सकता था, लेकिन आज 15,428 रिक्रूट के सफल प्रशिक्षण के कार्यक्रम को न सिर्फ लखनऊ में बल्कि प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर देख रहे हैं। प्रदेश में रेंज स्तर पर साइबर थाने और फोरेंसिक लैब की स्थापना की गई है। चार जिलों में कमिश्नरेट व्यवस्था लागू की गई है। पुलिस लाइंस के निर्माण, प्रशिक्षण की क्षमता बढ़ाने के साथ ही पुलिस व पीएसी के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा भी उपलब्ध कराई है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट भवन का शिलान्यास और पुलिस महकमे के कई अन्य भवनों का वर्चुअल लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम को डीजीपी मुकुल गोयल और पुलिस कमिश्नर ध्रुवकांत ठाकुर ने भी संबोधित किया। इस मौके पर मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा, अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी, एडीजी प्रशांत कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) पीयूष मोर्डिया व अन्य अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
प्राची सिंह को सर्वांग सर्वोत्तम कैडेट का पुरस्कार
मुख्यमंत्री ने सर्वांग सर्वोत्तम कैडेट प्राची सिंह चौहान को पुरस्कृत किया। निधि सिंह चौहान, काजल यादव और संतोषी कुशवाहा को परेड कमांडर के क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया। आंतरिक विषय प्रशिक्षण में ज्योति राठौर और वाह्य प्रशिक्षण में मोनिका गौतम को सर्वोत्तम कैडेट का पुरस्कार मिला।
वर्दी में बेटियों संग परिवारीजनों ने ली सेल्फी
महिला रिक्रूटों के माता-पिता व परिवार के सदस्य भी दीक्षांत परेड पहुंचे थे। वे परेड के बाद अपनी बेटियां संग सेल्फी लेते दिखे। परेड कमांडर का द्वितीय पुरस्कार पाने वाली औरैया जिले की काजल यादव के पिता व सीआरपीएफ के जवान सतेंद्र यादव, मां सुमनलता व दोनों बहनें भी आईं थीं। सतेंद्र ने कहा कि बेटी को वर्दी में देख फख्र महसूस कर रहा हूं। काजल ने कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था संभालने वाली पुलिस फोर्स का हिस्सा बनकर उत्साहित हूं।