फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Convocation ceremony of Bhatkhande University: Shivam Awasthi got 10 gold medals out of 47 medals, boys remain

भातखंडे विवि का दीक्षांत समारोह: 47 पदकों में शिवम अवस्थी को मिले 10 स्वर्ण पदक, लड़कों का रहा कब्जा

Wed, 21 Aug 2024 10:32 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 21 Aug 2024 10:32 PM IST
सार

Bhatkhande University: भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि बच्चों पर सरकारी नौकरी का दबाव न डालें। 
 

विज्ञापन
Convocation ceremony of Bhatkhande University: Shivam Awasthi got 10 gold medals out of 47 medals, boys remain
भातखंडे का दीक्षांत समारोह। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्य अतिथि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों पर सरकारी नौकरी का अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उनके भीतर छिपे हुनर में ही उनको कॅरिअर बनाने दें।ताकि वे अपने हुनर को विकसित कर उसमें एक मुकाम हासिल कर सकें। उन्होंने कहा कि बच्चोंं को बताइए कि वह संगीत, स्पोर्ट्स और पर्यावरण में भी खुद को स्थापित कर सकते हैं।

विज्ञापन


राज्यपाल ने कहा कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अनुसार, 50 प्रतिशत बच्चों को हायर एजुकेशन तक जाना चाहिए। इसके लिए चाहिए कि हम प्राइमरी स्कूल के बच्चों में आंगनबाड़ी व शिक्षकों के माध्यम से ऐसे हुनरमंद बच्चों को खोजकर उनका कौशल विकास करें। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले हुई एक कहानी प्रतियोगिता के दौरान बच्चों ने कहानी लिखने में कमाल की प्रतिभा दिखाई। मैं फाइलें पढ़ने के लिए अक्सर दूसरों को बुलाती हूं लेकिन यह पढ़ने के लिए मैंने किसी को नहीं बुलाया। इस दौरान स्पिक मैके के संस्थापक डॉ. किरण सेठ, कुलपति प्रो. मांडवी सिंह, कुलसचिव डॉ. सृष्टि धवन और विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्ष व विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।
विज्ञापन


इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत कुलगीत से हुई। राज्यपाल ने मेधावियों को पदक वितरित कर उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान दो पीएचडीधारकों व 157 विद्यार्थियों को स्नातक व स्नातकोत्तर की डिग्रियों सहित कुल 159 उपाधियां वितरित की गईं। इसमें 83 स्नातक व 74 परास्नातक शामिल रहे। इनमें से 22 विद्यार्थियों को सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर कुल 47 पदकों से सम्मानित किया गया। इनमें 29 स्वर्ण पदक, 10 रजत पदक और आठ कांस्य पदक शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बांटीं किट
दीक्षांत समारोह के दौरान 150 आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ताओं को 200 किट देकर सम्मानित किया गया। इनमें से 50 किट विश्वविद्यालय ने तो 150 जिला प्रशासन उन्नाव की ओर से दी गईं। विश्वविद्यालय की ओर से गोद लिए गए काकोरी व मलिहाबाद के प्राइमरी स्कूल के बच्चों के बीच हुई प्रतियोगिताओं के विजेता बच्चों को भी सम्मानित किया गया। नारी शिक्षा निकेतन विद्यालय की 30 छात्राओं को स्कूल बैग, पुस्तकें व फल वितरित किए गए।

इनको मिले इतने पदक
शिवम अवस्थी - एमपीए भरतनाट्ययम, 10 स्वर्ण पदक
सौम्या वर्मा - एमपीए भरतनाट्ययम, 2 रजत पदक
अनुराग मौर्या - एमपीए गायन, 3 स्वर्ण, एक कांस्य
प्रशांत पांडेय - बीपीए गायन, 5 स्वर्ण पदक
स्पर्श कुमार कश्यप - बीपीए गायन, 2 रजत पदक
रोहित शर्मा - बीपीए गायन, 2 कांस्य पदक
कशिश भारद्वाज - एमपीए,गायन, रजत पदक
विदित जोशी - एमपीए गायन, रजत पदक
अंकित कुमार- एमपीए सितार, 3 स्वर्ण पदक
राहुल त्रिपाठी, एमपीए बांसुरी, रजत पदक
नेहा काजी - बीपीए गिटार, 2 स्वर्ण पदक
नीलांचल पांडेय - एमपीए तबला, 2 स्वर्ण पदक
अम्बुज गुप्ता - एमपीए तबला, रजत पदक
आमिर हुसैन खान - एमपीए, तबला, कांस्य पदक
आकांक्षा राय - बीपीए तबला, 3 स्वर्ण पदक
अमन यादव - बीपीए तबला, रजत पदक
रिजुल पांडेय - बीपीए, तबला, कांस्य पदक
प्रेक्षा श्रीवास्तव - एमपीए, कथक, कांस्य पदक
रुनझुन सिंह- बीपीए कथक, स्वर्ण पदक
प्रतिक्षा कश्यप - बीपीए कथक, रजत पदक
प्रख्याति श्रीवास्तव- बीपीए भरतनाट्यम, रजत पदक
रियांशी श्रीवास्तव, बीपीए , कथक, कांस्य पदक

भातखंडे दीक्षांत : सबसे ज्यादा पदकों पर लड़कों का कब्जा

Convocation ceremony of Bhatkhande University: Shivam Awasthi got 10 gold medals out of 47 medals, boys remain
प्रशांत पांडेय को मिला स्वर्ण पदक। - फोटो : अमर उजाला
 भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह में इस बाद सबसे ज्यादा पदक लड़कों की झोली में आए हैं। इसमें एमपीए भरतनाट्यम के छात्र शिवम अवस्थी के नाम सबसे अधिक 10 स्वर्ण पदक हैं। सौम्या वर्मा को दो रजत पदक, अनुराग मौर्या को चार पदक, प्रशांत पाण्डेय को पांच पदक हैं। वहीं नेहा काजी को बीपीए गिटार में दो स्वर्ण पदक मिले हैं। 

संगीत की दुनिया ही मेरा लक्ष्य
मेरे परिवार में दूर-दूर तक कोई संगीत व नृत्य की दुनिया से नहीं जुड़ा था। मेरे पिता रमाकांत अवस्थी, माता निशा अवस्थी दोनों ही सरकारी अध्यापक हैं लेकिन मेरा लक्ष्य संगीत की दुनिया में जाना है। मुझे दूरदर्शन से भी इसकी प्रेरणा मिली। मुझे बहुत खुशी है कि विश्वविद्यालय में सबसे अधिक मुझे 10 स्वर्ण पदक मिले हैं। इसमें राय उमानाथ बली मेधा स्वर्ण पदक, लीला वामन राब सडोलीकर स्वर्ण पदक, युवा आदित्य रजत स्वर्ण पदक, डॉ. समर बहादुर सिंह स्वर्ण पदक, मोहन राव कल्याणप्रकर स्वर्ण पदक, श्रीमती सरोजा वैद्यनाथन स्वर्ण पदक, सुभाष चन्द्र द्विवेदी स्वर्ण पदक, श्रीमती सरला श्रीवास्तव स्वर्ण पदक, स्व. बासन्ती सुब्रहमणियम स्वर्ण पदक, के गुत्तुकुमारन पिल्लैई स्वर्ण पदक शामिल हैं। आगे मुझे पीएचडी करके संगीत व नृत्य में ही शिक्षण कार्य करना है। अपने गृह जनपद सीतापुर में एक म्यूजिक व डांस इंस्टीट्यूट भी खोलने का इरादा है जिसमें गरीब बच्चों को संगीत की दुनिया से जोड़ने का लक्ष्य है।-शिवम अवस्थी, एमपीए- भरतनाट्यम, 10 स्वर्ण पदक

इंसान को अवसाद से दूर करता संगीत
मैने बीपीए (गायन) में पांच स्वर्ण पदक प्राप्त किए हैं। इसमें पुतली बाई स्वर्ण पदक, पं. श्रीकृष्ण नारायण रात्तजनकर एवं इंदिरा बाई रातंजनकर स्वर्ण पदक, धनारंग प्रकाश स्वर्ण पदक, श्री शिशिर कुमार स्वर्ण पदक, श्रीमती कुसुम वर्मा स्वर्ण पदक मिले हैं। मैंने यह महसूस किया है कि संगीत व नृत्य ही एक ऐसा माध्यम है जो इंसान को अवसाद से दूर रखता है। मेरा प्रयास होगा कि मैं इस दिशा में एक शिक्षक के रूप में अधिक से अधिक युवाओं को इससे जोड़ने का प्रयास करूं।- प्रशान्त पांडेय, बीपीए (गायन) पांच स्वर्ण पदक

बच्चों को संगीत से जोड़ूंगा
एमपीए गायन में मैंने चार स्वर्ण पदक प्राप्त किए हैं। इसमें पं. बामन राव सडोलीकर स्वर्ण पदक, श्रीमती शीला सक्सेना स्वर्ण पदक, डाॅ. सुरेन्द्र कुमार सक्सेना स्वर्ण पदक, श्रीकृष्णा नारायण रातजनकर पदक शामिल है। मैं यहां तक पहुंचा इसके लिए मैं विश्वविद्यालय के गुरुजनों को धन्यवाद देना चाहता हूं कि। मेरा सपना है कि पीएचडी करके में विश्वविद्यालय में ही शिक्षण कार्य कंरू। मैं राज्यपाल की प्रेरणा से अधिक से अधिक गरीब बच्चों को भी संगीत से जोड़ने का प्रयास करूंगा।- अनुराग मौर्या - एमपीए गायन चार स्वर्ण पदक

संगीत गुरु बनना है लक्ष्य
मैंने संगीत और नृत्य का टीचर बनने का लक्ष्य रखा है। मैंने यहां एमपीए में सफलता प्राप्त करते हुए दो सिल्वर मेडल श्रीकृष्ण नारायण रातजनकर रजत पदक और पं. भातखंडे रजत पदक हासिल किया है। मेरे पापा मनोज वर्मा का भी सपना था कि मैं एक संगीत और नृत्य की दुनिया में अपना कॅरिअर बनाऊं। इसके अलावा मैंने मैने बीकॉम लखनऊ विश्वविद्यालय और एमकॉम कानपुर विश्वविद्यालय से किया है।-सौम्या वर्मा, एमपीए, भरतनाट्यम

भारत में क्लासिकल म्यूजिक को बढ़ावा दूंगी
मैंने बीपीए गिटार से किया है। मुझे दो गोल्ड मेडल मिले हैं। पहला श्रीमती मोनिका घोष स्वर्ण पदक और दूसरा श्री कृष्ण चन्द्र पना स्वर्ण पदक। मुझे इस बात की खुशी है कि अभी तक इस विश्वविद्यालय में बीपीए गिटार में इससे पहले किसी को भी गोल्ड मेडल नहीं मिला है। लेकिन आज मेरी मां होती तो वह यह देखकर बेहद खुश होतीं। मेरा लक्ष्य म्यूजिक प्रोड्यूसर बनना है। इसके लिए मुझे जितनी भी मेहनत करनी पड़ेगी मैं करूंगी। भारत में क्लासिकल म्यूजिक को बढ़ावा दूंगी।- नेहा काजी बीपीए (गिटार), दो स्वर्ण पदक

संगीत में भी है बेहतर कॅरिअर
मैंने विश्वविद्यालय में एमपीए (बांसुरी) से पास किया है। मुझे प. भातखण्डे रजत पदक मिला है। मेरा लक्ष्य है कि मैं आगे चलकर इंडियन क्लासिकल म्यूजिक इंस्टीट्यूट बड़े स्तर पर खोलूं। मैं सभी युवाओं को भी यह संदेश देना चाहता हूं कि आज लोग सरकारी नौकरी की तैयारियों में अपना समय काफी बर्बाद कर देते हैं कि लेकिन नृत्य व संगीत की दुनिया में भी बेहतर कॅरिअर है, बस इच्छाशक्ति होनी चाहिए। राहुल त्रिपाठी - एमपीए (बांसुरी) रजत पदक

मां से मिली संगीत के प्रेरणा
मुझे बीपीए भरतनाट्यम में एक रजत पदक मिला है। मैं यहां इंदिरानगर में एक इंस्टीट्यूट में बच्चों को डांस सिखाती हूं। अब भातखंडे से डिग्री मिलने के बाद बच्चों को नृत्य व म्यूजिक ही सिखाने का लक्ष्य है। मेरे पापा रवि प्रकाश बिजनेसमैन हैं लेकिन मेरी मां शालिनी श्रीवास्तव एक म्यूजिक टीचर हैं और वह अच्छी गायिका भी हैं। मैंने उन्हीं से प्रेरणा लेकर इस ओर कदम बढ़ाया है। मुझे संगीत और नृत्य बहुत अच्छा भी लगता है।-प्रख्याति श्रीवास्तव- बीपीए, रजत पदक

इंटरनेट के युग में संगीत में बेहतर विकल्प
मैंने बीपीए गायन में दो रजत पदक हासिल किए हैं। पहला बीकृष्ण नारायण रातंजनकर रजत पदक है और दूसरा पं. भातखांडे रजत पदक शामिल है। मेरा प्रयास है कि मैं अब आगे चलकर संगीत और नृत्य में ही अपना कॅरिअर बनाऊं और अपने परिवार का नाम रोशन करूं। मेरा मानना है कि संगीत और नृत्य ऐसे विषय हैं जो सभी लगभग सभी को पसंद होते हैं। अब इंटरनेट के दौर में युवाओं के लिए भी बेहतर विकल्प भी हैं। स्पर्श कुमार कश्यप- बीपीए गायन, दो रजत पदक






 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed