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Lucknow News: जमानत मिलने के बाद सजायाफ्ता नहीं लौटा, गिरफ्तारी वारंट जारी
Sun, 05 Oct 2025 01:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 05 Oct 2025 01:50 AM IST
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लखनऊ। उधार चुकाने के लिए दिए गए चेक के बाउंस हो जाने के मामले में कोर्ट ने दोषी सैयद समीर मेहंदी को जनवरी में एक साल की कैद और 20 लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया था। एक साल की सजा होने के चलते कोर्ट ने उसे तुरंत ही सशर्त जमानत भी दे दी। जमानत पर रिहा होने के बाद वह फरार हो गया और जुर्माने की रकम भी जमा नहीं की।
अतिरिक्त न्यायालय के पीठासीन अधिकारी अरुण कुमार गुप्ता लगातार उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, जमानतदारों को नोटिस, कुर्की वारंट और रिकवरी वारंट के साथ ही पुलिस कमिश्नर को पत्र लिख रहे हैं, लेकिन दोषी पुलिस की पकड़ से दूर है। उधर, दोषी के एक जमानतदार ने कोर्ट में हाजिर होकर जमानत की राशि जमा कर दी। कोर्ट ने फिर से दोषी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए मामले की सुनवाई के लिए 18 अक्तूबर की तारीख तय की है।
पत्रावली के अनुसार पेपर मिल काॅलोनी निवासी योगेश मिश्रा ने परिचित कैसरबाग के तालाब गगनी शुक्ल निवासी सैयद समीर मेहंदी को व्यापार के लिए 10 लाख 50 हजार रुपये दिए थे। इसे चुकाने के लिए आरोपी समीर ने योगेश मिश्रा को चेक दिया, जो बाउंस हो गया। इसके बाद योगेश मिश्रा ने कोर्ट के सामने मामला दर्ज कराया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाते हुए 22 जनवरी 2025 को सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को जमानत मिल गई और वह फरार हो गया।
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अतिरिक्त न्यायालय के पीठासीन अधिकारी अरुण कुमार गुप्ता लगातार उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, जमानतदारों को नोटिस, कुर्की वारंट और रिकवरी वारंट के साथ ही पुलिस कमिश्नर को पत्र लिख रहे हैं, लेकिन दोषी पुलिस की पकड़ से दूर है। उधर, दोषी के एक जमानतदार ने कोर्ट में हाजिर होकर जमानत की राशि जमा कर दी। कोर्ट ने फिर से दोषी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए मामले की सुनवाई के लिए 18 अक्तूबर की तारीख तय की है।
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पत्रावली के अनुसार पेपर मिल काॅलोनी निवासी योगेश मिश्रा ने परिचित कैसरबाग के तालाब गगनी शुक्ल निवासी सैयद समीर मेहंदी को व्यापार के लिए 10 लाख 50 हजार रुपये दिए थे। इसे चुकाने के लिए आरोपी समीर ने योगेश मिश्रा को चेक दिया, जो बाउंस हो गया। इसके बाद योगेश मिश्रा ने कोर्ट के सामने मामला दर्ज कराया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाते हुए 22 जनवरी 2025 को सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को जमानत मिल गई और वह फरार हो गया।
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