{"_id":"6a7a950287f79d6e7606e8b8","slug":"conversion-gang-targets-gen-z-in-lucknow-here-is-what-to-say-if-questioned-by-ed-or-cbi-shocking-revelations-2026-08-11","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP News: धर्मांतरण गिरोह ने जेन-जी को बनाया सॉफ्ट टारगेट, 'ED-CBI पूछे तो ये बताना?' हैरान करने वाले खुलासे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News: धर्मांतरण गिरोह ने जेन-जी को बनाया सॉफ्ट टारगेट, 'ED-CBI पूछे तो ये बताना?' हैरान करने वाले खुलासे
Tue, 11 Aug 2026 09:12 AM IST
Bhupendra Singh
ज्ञान बिहारी मिश्र, अमर उजाला, लखनऊ
ज्ञान बिहारी मिश्र, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Bhupendra Singh
Updated Tue, 11 Aug 2026 09:12 AM IST
सार
लखनऊ के मोहनलालगंज में धर्मांतरण करने वाले गिरोह ने जेन-जी को अपना सॉफ्ट टारगेट बनाया। अंग्रेजी पढ़ाने के नाम पर गांवों में जाकर संपर्क करते हैं। ED-CBI की पूछताछ में क्या बताना है, यह भी बताते हैं। क्षेत्र की चर्च में बच्चों और युवाओं की भीड़ बढ़ी है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
लखनऊ के मोहनलालगंज में धर्मांतरण मामला।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी लखनऊ में मोहनलालगंज में धर्मांतरण करने वाले गिरोह के सॉफ्ट टारगेट जेन-जी थे। अमर उजाला की ओर से की गई पड़ताल में यह बात सामने आई है। गरीब परिवारों के बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाने के नाम पर प्रार्थना सभा में बुलाया जाता है। भदेसुवा गांव के मजरा नयाखेड़ा में रविवार को चर्च में आयोजित चंगाई सभा में भी जेन-जी काफी संख्या में थे। हिंदू संगठनों के पूछताछ करने पर इन युवाओं ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें यीशु पर विश्वास है, इसलिए चर्च में आते हैं।
भोला खेड़ा गांव में सोमवार को पहुंचे वरिष्ठ संवाददाता को छानबीन में पता चला कि ईसाई समाज के लोग बच्चों को शिक्षित करने के नाम पर आते हैं। सभी को एक स्थान पर एकत्र कर अंग्रेजी की पढ़ाई के बहाने ईसाई धर्म से जुड़ी प्रचार सामग्री देते हैं। प्रार्थना सभा में बाइबिल पढ़ने के लिए कहा जाता है। ऐसा कई गांवों में होता है। यही वजह है कि कई इलाकों के चर्च में बच्चों की संख्या बढ़ गई है। रविवार को चर्च से मिले दस्तावेज ने गिरोह की पोल खोल दी है।
विज्ञापन
भोला खेड़ा गांव में सोमवार को पहुंचे वरिष्ठ संवाददाता को छानबीन में पता चला कि ईसाई समाज के लोग बच्चों को शिक्षित करने के नाम पर आते हैं। सभी को एक स्थान पर एकत्र कर अंग्रेजी की पढ़ाई के बहाने ईसाई धर्म से जुड़ी प्रचार सामग्री देते हैं। प्रार्थना सभा में बाइबिल पढ़ने के लिए कहा जाता है। ऐसा कई गांवों में होता है। यही वजह है कि कई इलाकों के चर्च में बच्चों की संख्या बढ़ गई है। रविवार को चर्च से मिले दस्तावेज ने गिरोह की पोल खोल दी है।
विज्ञापन
सरगना ने 26 जून को धर्मांतरण से जुड़े लोगों की आकस्मिक बैठक बुलाई थी। इसमें पुलिस से बचने के उपाय बताए गए थे। कहा गया कि पुलिस के बुलाने पर फौरन न जाएं। एक से दो दिन का समय लें और आपस में एक-दूसरे को जानकारी दें। थाने जाना पड़े तो वकील को साथ लेकर ही जाएं।
केंद्रीय एजेंसियों की है नजर, पूछताछ में कम बोलें...
धर्म परिवर्तन कराने वालों को चेताया गया था कि केंद्रीय एजेंसियों की उन पर नजर है। ऐसे में ईडी, सीबीआई, स्थानीय अभिसूचना इकाई या पुलिस वाले कुछ पूछें तो कम बोलें। सभी को यह बताया गया था कि उन्हें क्या और कितना बोलना है। क्या नहीं बोलना है, इसके लिए भी प्रशिक्षित किया गया था। यह भी कहा गया कि रुपये के लेनदेन के बारे में कोई पूछता है तो उसे पारिवारिक उपहार ही बताएं।
विज्ञापन