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टेंडर के नाम पर वसूली से बढ़ी ठेकेदारों की मुश्किल

Wed, 03 Jul 2019 10:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jul 2019 10:45 PM IST
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contractors are in difficulties as name of tander
अंबेडकरनगर। टांडा में सिंचाई विभाग में कर्मचारियों की मनमानी सामने आयी है। आरोप है कि कुछ कर्मचारी खुलेआम टेंडर फार्म की सरकारी कीमत का दस गुना तक वसूली कर रहे हैं। ठेकेदार काम न मिलने के भय से इसका विरोध तो खुलकर नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन वह इस मनमानी से खासे आहत हैं। ठेकेदारों का कहना है कि यहां कोई कार्य कराना हो तो बगैर सुविधा शुल्क के कुछ नहीं होता। काम कराने के बाद भुगतान आदि के लिए काफी चक्कर लगाना पड़ता है।
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सिंचाई विभाग में चल रही मनमानी का खुलासा कुछ ठेकेदारों ने नाम न छापने की शर्त पर किया। कहा कि निविदा फार्म का सरकारी दाम काम के अनुसार 84 रुपया व 53 रुपए निर्धारित है। इसके बावजूद यहां तैनात कर्मचारी ठेकेदारों से 500 रुपए से लेकर एक हजार रुपए तक वसूलते हैं। लिपिकों को यदि मुंह मांगी रकम न ही मिलती है, तो वह निविदा देने में ही हीलाहवाली करने लगते हैं।
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बीते दिनों सिंचाई विभाग में 42 नालों की सफाई का टेंडर निकला था। निविदा जारी होने के बाद से लिपिकों की कमाई बढ़ गई है। ठेकेदारों के मुताबिक यदि विभाग चाहता तो 5-6 कार्यों को मिलाकर ई टेंडर भी कराया जा सकता था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
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उधर, इस बावत जब अधिशाषी अभियंता बृजेशचंद्र लाल से वार्ता किया गया तो उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आयी है। कार्यालय के कर्मचारी किसी तरह की अवैध वसूली नहीं कर रहे हैं। ठेकेदारों से निविदा के नाम पर वही पैसा लिया जा रहा है, जो निर्धारित है।
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