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108 एबुंलेंस संचालन के लिए कंपनी से अनुबंध, पहली बार प्रदेश को क्लस्टरों में बांटा गया
Wed, 24 Apr 2019 07:26 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Wed, 24 Apr 2019 07:26 PM IST
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108 एंबुलेंस
- फोटो : amar ujala
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108 एंबुलेंस सेवा के संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग और सेवा प्रदाता कंपनी के बीच अनुबंध हो गया है। अनुबंधित कंपनी जीवीके ईएमआर को प्रदेश कें पूर्वी व पश्चिमी क्लस्टर दोनों में एंबुलेंस संचालन की जिम्मेदारी मिली है।
इस बार 108 के बेड़े से पुरानी एंबुलेंस को हटाकर नई एंबुलेंस चलाने और संख्या बढ़ाकर 2200 करने का फैसला किया गया है। फिलहाल 108 सेवा में 1488 और 102 सेवा की 2200 और 105 एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस का संचालन हो रहा है।
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इस बार 108 के बेड़े से पुरानी एंबुलेंस को हटाकर नई एंबुलेंस चलाने और संख्या बढ़ाकर 2200 करने का फैसला किया गया है। फिलहाल 108 सेवा में 1488 और 102 सेवा की 2200 और 105 एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस का संचालन हो रहा है।
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पहली बार प्रदेश को दो क्लस्टर में बांटकर एंबुलेंस संचालन का फैसला किया गया है। सभी मानक पूरे करने पर जीवीके को 108 एंबुलेंस सेवा के संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। इस बार नए कॉल सेंटर से लेकर संचालन के तरीके में भी बदलाव किया गया है।
रिस्पांस सेंटर पर कॉल रिसीव करने और एंबुलेंस को भेजने के लिए जरूरी उपकरणों व मानव संसाधन में आनुपातिक वृद्धि का फैसला किया गया है। सेवा प्रदाता से कॉल का जवाब न देने पर पांच हजार का जुर्माना भी वसूला जाएगा।
गौरतलब है कि जीवीके पहले से ही प्रदेश में 108, 102 और एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस का संचालन कर रही है। नए टेंडर में भी उसने अपने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ दिया।
रिस्पांस सेंटर पर कॉल रिसीव करने और एंबुलेंस को भेजने के लिए जरूरी उपकरणों व मानव संसाधन में आनुपातिक वृद्धि का फैसला किया गया है। सेवा प्रदाता से कॉल का जवाब न देने पर पांच हजार का जुर्माना भी वसूला जाएगा।
गौरतलब है कि जीवीके पहले से ही प्रदेश में 108, 102 और एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस का संचालन कर रही है। नए टेंडर में भी उसने अपने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ दिया।