गड़बड़ी नेटवर्क की, जेब कटेगी जनता की
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उन्होंने तीन दिन तक लगातार बिल जमा कराने का प्रयास किया पर ऑनलाइन बिलिंग केंद्र का नेटवर्क फेल होने के कारण बिल चुका नहीं सके।
उन्होंने 12 अक्टूबर को 2159 रुपये का बिल चुकाया तो उनको अब नवंबर केबिल में लेट पेमेंट फीस भी जमा करनी होगी।
एलडीए कॉलोनी कानपुर रोड निवासी आरएम शर्मा का हैंड हेल्ड बिलिंग एजेंसी ने तीन अक्टूबर को 890 रुपये का बिल बनाकर थमाया। इस बिल को देय तारीख 10 अक्टूबर तक जमा करना था।
तीन दिन तक केंद्र के चक्कर काटने के बाद भी बिल जमा नहीं हुआ। 12 अक्टूबर को घर से 12 किमी दूर स्थित केंद्र पर बिल जमा किया।
अब इनको अगले बिल में लेट पेमेंट भरना पड़ेगा ऐसे हजारों लोग हैं जो तय तारीख पर बिल चुकाने के लिए ऑनलाइन बिलिंग केंद्र पहुंचे, लेकिन खराब नेटवर्क के चलते उनको बैरंग लौटना पड़ा। ऐसे लोगों को अब बिल चुकाने पर लेट पेमेंट भी देना होगा।
यानी नेटवर्क की गड़बड़ी के कारण उनको कुल जमा की गई रकम पर 1.25 प्रतिशत प्रति महीने की दर से नवंबर के बिल पर सरचार्ज भी भरना होगा।
यह खामियाजा जनता को मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की लापरवाही के चलते भुगतना पड़ेगा।
खासतौर पर गोमतीनगर, इंदिरानगर, अलीगंज, महानगर, चौक, निरालानगर, अलीगंज, चौक, अमीनाबाद, राजाजीपुरम, हजरतगंज, चारबाग इलाके में हैंड हेल्ड कर्मियों के द्वारा तीन एवं चार अक्टूबर को जनरेट हुए बिलों की देय तारीख 10 एवं 11 अक्टूबर खत्म हो चुकी है।
अब ऐसे उपभोक्ता जिस तारीख को बिल भरेंगे तो उनको तय तारीख के डिफरेंस दिवस का लेट पेमेंट चुकाना पड़ेगा।
नेटवर्क की खराबी की यह चपत उन सबको लगेगी जो अक्टूबर में तय तारीख के बाद बिल भरेंगे, जबकि ऐसे अधिकतर उपभोक्ता तय तारीख से पहले बिलिंग केंद्र पर बिल जमा करने पहुंचे थे, लेकिन नेटवर्क न होने के कारण बिल जमा नहीं हो पाया।
यह लेट पेमेंट नवंबर में जो बिल जनरेट होकर आएगा, उसमें लेट पेमेंट सरचार्ज के रूप में अंकित होगी।
सरचार्ज की वसूली
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने बिलिंग एजेंसी के सॉफ्टवेयर में उपभोक्ताओं से बिजली बिल के तय तारीख पर जमा करने पर खुद ही लेट पेमेंट फीस वसूली का प्रावधान कर रखा है।
लेट पेमेंट का सरचार्ज चुकाई गई धनराशि पर 1.25 प्रतिशत प्रति माह के रेट से अगले बिल में जुड़ कर आ जाता है।