संवैधानिक दायरे में रहकर होगा अयोध्या मामले का समाधान : योगी
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अयोध्या में मंदिर था, मंदिर है, और मंदिर रहेगा, इसमें कोई संदेह किसी को नहीं है। रामलला के दर्शन करने लोग आते हैं। मैं भी अयोध्या आता हूं तो भरसक प्रयास करता हूं कि रामलला के दर्शन कर लूं।
रामलला जहां विराजमान हैं वहां भव्य स्वरूप देने की लोगों की मांग है। उस मुख्य स्वरूप के बारे में सरकार भी अपने स्तर पर प्रयास कर रही है। इसका कोई न कोई सकारात्मक हल बहुत ही शीघ्र निकलेगा।
कहा कि तमाम प्रकार के विकल्प हमारे सामने खुले हैं। भारत की संवैधानिक व्यवस्था पर हम सबका विश्वास है। संवैधानिक दायरे में रहकर इस समस्या का समाधान होकर रहेगा। साधु-संतों की नाराजगी के सवाल पर कहा कि साधु-संत हमारे साथ हैं।
दीपोत्सव समारोह में अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को सरयू तट स्थित राही यात्री निवास में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने अयोध्या के दीपोत्सव कार्यक्रम को देश व दुनिया के सामने सकारात्मक दृष्टि से प्रस्तुत करने के लिए धन्यवाद भी ज्ञापित किया। कहा कि अयोध्या सात पावन नगरियों में एक है।
जो प्रत्येक सनातन हिंदू धर्मावलंबी के लिए परम आदर और श्रद्धा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु है। इसलिए हमारा प्रयास है कि अयोध्या की धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों को एक सकारात्मक तरीके से देश व दुनिया के सामने रख सकें।
दीपोत्सव में कोरिया ने अपना प्राचीन आत्मीय संबंध अयोध्या से जोड़कर जो नया आयाम दिया है, वह अभिभूत करने वाला है। अयोध्या की सकारात्मक तस्वीर देश व दुनिया के सामने लगातार रहे इसके बारे में बहुत सारी योजनाएं बनाई हैं। उन योजनाओं को व्यवहारिक धरातल पर उतारने के लिए कई स्थलों का सर्वे किया जा चुका है, इस पर कई टीम कार्य कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार अयोध्या के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ अयोध्या व देश की भावनाओं का पूरा सम्मान करती है। हमारा प्रयास है कि अयोध्या दुनिया की एक बेहतरीन नगरी के रूप में प्रस्तुत हो। न केवल अयोध्या, बल्कि उसके आसपास के क्षेत्र, पंचकोसी, चौदहकोसी का विकास होगा।
सरयू की अविरलता, निर्मलता के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। राम की पैड़ी की जलधारा अविरल हो इसके लिए सरयू में डैम बनाकर हरिद्वार की तर्ज पर राम की पैड़ी विकसित की जाएगी। जिससे सरयू का पवित्र व निर्मल जल राम की पैड़ी में आ सके, इसके लिए आदेश दिया जा चुका है।
उन्होंने माता कौशल्या के नाम पर अयोध्या में निराश्रित, विधवा महिलाओं और अनाथ बच्चों के लिए एक सदन बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी भूमि की उपलब्धता होगी उतनी जल्दी हम इस पर कार्य प्रारंभ कराएंगे।
दशरथ के नाम पर मेडिकल कॉलेज व भगवान श्रीराम के नाम पर अयोध्या में एयरपोर्ट बनाने का भी एलान किया। इस दौरान महंत सुरेश दास, पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती, डॉ. राघवेश दास वेदांती, सांसद लल्लू सिंह, नगर विधायक वेद गुप्ता, विधायक बाबा गोरखनाथ, विधायक शोभा सिंह चौहान, अपर मुख्य सचिव पर्यटन अवनीश अवस्थी, डीएम डॉ.अनिल पाठक सहित अन्य मौजूद रहे।
पूजनीय मूर्ति मंदिर में होगी, दर्शनीय मूर्ति बनेगी अयोध्या की पहचान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान श्रीराम की एक दर्शनीय मूर्ति स्थापित हो उसकी तैयारी चल रही है। बताया कि एक दो जगह हमने देखी भी है। अयोध्या की पहचान मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम से है। पूजनीय मूर्ति मंदिर में होगी लेकिन दर्शनीय मूर्ति जो यहां की पहचान बन सके, हम वो सारी व्यवस्थाएं करेंगे। ताकि आस्था का भी सम्मान हो सके और अयोध्या की पहचान भी बन सके। इसको अंतिम स्वरूप देने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। अलग-अलग आर्किटेक्ट के द्वारा अलग-अलग डिजाइन भी सुझाई गई है। मुख्यमंत्री ने रामघाट के पास रेलवे पुल के नीचे जमीन का निरीक्षण भी किया।
दीपोत्सव की व्यवस्था का होगा प्रांतीयकरण
मुख्यमंत्री ने अयोध्या के दिवाली महोत्सव की निरंतरता को लेकर कहा कि दीपोत्सव की व्यवस्था का प्रांतीयकरण करने जा रहे हैं। जिससे दिपावली का उत्सव अयोध्या के साथ जुड़ सके। होली का उत्सव बरसाना व वृंदावन के साथ जुड़ सके। जैसे कुंभ का आयोजन प्रयागराज के साथ जुड़ा है वैसे अलग-अलग कार्यक्रमों को विभिन्न स्थलों से जोड़कर सबका प्रांतीयकरण हम लोग करेंगे ताकि किसी भी प्रकार की विघ्न व बाधा इन सब आयोजनों में न आने पाए।
रामलला के किए दर्शन, संतों से लिया आशीर्वाद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को दीपोत्सव समारोह में शामिल होने के बाद सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम किया। बुधवार सुबह 8 बजे वह अयोध्या पहुंच गए। सर्वप्रथम हनुमान जी महाराज के चरणों में श्रद्धा निवेदित की और उसके बाद रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। उन्होंने सुग्रीव किला के महंत ज.गु.पुरूषोत्तमाचार्य, बड़ा भक्तमाल के महंत कौशल किशोर दास व रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास से उनके आश्रम पर जाकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद दिगंबर अखाड़ा पहुंचे, यहां भी हिंदू पक्षकार महंत धर्मदास, महंत कन्हैयादास रामायणी सहित अन्य संत-धर्माचार्यों से भेंट की। यहां से सीधे सरयू तट पहुंचे और रामचंद्रदास परमहंस की समाधिस्थल पर जाकर नमन किया। रामकथा पार्क का भी निरीक्षण किया, विकास को लेकर तमाम दिशा निर्देश अधिकारियों को दिया।