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सिपाही भर्ती 2013 : अंतिम परिणाम से अभ्यर्थी नाखुश, फिर दाखिल करेंगे याचिका

Thu, 13 Jun 2019 09:25 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Thu, 13 Jun 2019 09:25 PM IST
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constable recruitment 2013 : candidates unhappy with results plan to re submit petition
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
पिछले दिनों घोषित सिपाही भर्ती 2013 के अंतिम परिणाम को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती बोर्ड ने न्यायालय के निर्देशों का पालन नहीं किया है। इससे चिकित्सा परीक्षण पास कर चुके करीब 11 हजार अभ्यर्थियों के साथ इंसाफ नहीं हुआ।
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अभ्यर्थी सुभाष चौधरी ने कहा कि बीते 10 जून को जो अंतमि परिणाम घोषित किया गया है वह अपूर्ण है। रिट संख्या 3417/2017 उपेंद्र तोमर बनाम सरकार मामले में न्यायालय ने कहा था कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, होमगार्ड और भूतपूर्व सैनिकों के 2312 पद अभ्यर्थी न मिलने से जो खाली हैं उन्हें मेरिट के आधार पर सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों से भरा जाए। 
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आरोप है कि भर्ती बोर्ड ने 10 अप्रैल 2018 को 13479 अभ्यर्थियों को चिकित्सा परीक्षण और दस्तावेजों के सत्यापन के लिए बुलाया। लेकिन बोर्ड ने तीन दिन बाद ही इसे बदल दिया और सिर्फ उन लोगों की सूची वेबसाइट पर डाल दी जिन अभ्यर्थियों ने न्यायालय में अपील की थी। 
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मामला फिर कोर्ट पहुंचा और कोर्ट ने कहा कि मेरिट के आधार पर रिक्त पद भरे जाएं। 13 अगस्त 2018 को न्यायालय के आदेश के बाद 8678 अभ्यर्थियों की एक और सूची भर्ती बोर्ड की ओर से जारी की गई। अगस्त और सितंबर में इनका चिकित्सा परीक्षण भी पूरा करा लिया गया। 

मनोज कुमार की याचिका के अनुपालन में 2427 सीटों के स्थान पर 2052 महिला सिपाहियों के पद भरे गए हैं। वहीं, उपेंद्र तोमर के मामले में सिर्फ 36 पद भरे गए हैं। सुभाष का कहना है कि वे इस परिणाम को कोर्ट में चुनौती देंगे। 

6 साल से चल रहा है मामला

2013 में सिपाही के 41610 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। भर्ती बोर्ड ने मेरिट के आधार पर 55 हजार अभ्यर्थियों को बुलाया था। 2015 में 38315 पदों का परिणाम जारी किया था और व्हाइटनर का प्रयोग करने वाले अभ्यर्थियों को भर्ती बोर्ड ने रिजेक्ट कर दिया था। 

बाद में कोर्ट के आदेश पर व्हाइटनर का प्रयोग करने वाले 4429 अभ्यर्थियों को भी शामिल कर लिया गया। इसी दौरान क्षैतिज आरक्षण को लेकर भी याचिका दायर हो गई। कोर्ट ने क्षैतिज आरक्षण को दुरुस्त करते हुए परिणाम जारी करने के निर्देश दिए। 

बोर्ड ने कहा, वह पहले ही रिक्तियों के मुकाबले अधिक पदों पर भर्ती कर चुका है। लेकिन कोर्ट ने यह दलील नहीं मानी। अब बोर्ड ने 10 जून को अंतिम परिणाम घोषित कर वर्ष 2013 सिपाही भर्ती की प्रक्रिया पूरी होने की बात कही।

न्यायालय के आदेश पर निर्धारित पदों से ज्यादा पर भर्ती कर चुके हैं। न्यायालय ने जिन बिंदुओं पर जवाब मांगा था, उस पर जवाब भी दिया गया है। ऐसे में वर्ष 2013 की सिपाही भर्ती प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है और इसका कोई प्रकरण भर्ती बोर्ड में लंबित नहीं है।
- राजकुमार विश्वकर्मा, चेयरमैन उप्र. पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड
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