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पुराने पेड़ों का हेरिटेज के रूप में संरक्षण करें: योगी
Fri, 09 Aug 2019 10:28 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 09 Aug 2019 10:28 PM IST
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योगी आदित्यनाथ ने पेड़ लगाया और लोगों को पेड़ बांटे भी
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने शुक्रवार को वृक्षारोपण महाकुंभ के मौके पर प्रदेश में लगे सैकड़ों साल पुराने वृक्षों को ढूंढ़कर उन्हें हेरिटेज के रूप में सरंक्षित करने के निर्देश वन विभाग को अधिकारियों को दिए। बाराबंकी के पांच हजार साल पुराने कल्प वृक्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे पेड़ों का पता लगा उनकी एक स्मारिका बनाई जाए। जिससे देश व प्रदेश के लोगों को इनके बारे में पता चल सके। मुख्यमंत्री भारत छोड़ो आंदोलन की 77वीं वर्षगांठ के मौके पर शुक्रवार को सरोजनी नगर के जैती खेड़ा गांव में आयोजित वृक्षारोपण महाकुंभ की शुरुआत के मौके पर वहां की जनता की संबोधित कर रहे थे।
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क्षेत्रीय जनता से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में 22 करोड़ आबादी है हर व्यक्ति यदि एक वृक्ष लगाए तो यह संख्या 22 करोड़ हो जाएगी। जुलाई से शुरू हुई इस अभियान में हमें प्रयास करना होगा कि 25 से 30 करोड़ वृक्ष लगाए जाएं। इस अभियान को सिर्फ औपचारिकता न बनाएं। सभी वृक्षों की सुरक्षा भी करनी है, क्योंकि इनसे हमारा प्राकृतिक वातावरण अच्छा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन की 77वीं वर्षगांठ हमें नई प्रेरणा देती है। जो लोग देश को आजादी मिलने के बाद पैदा हुए हैं उनका फर्ज है कि वह स्वाधीनता को अक्षुण बनाए रखें। हर व्यक्ति स्वस्थ हो दीर्घायु हो, पर्यावरण सुरक्षित हो। इसके लिए जरूरी है कि अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाए। जिससे आने वाली पीढ़ी को प्राकृतिक वातावरण मिल सके।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में वृक्षों की पूजा की जाती है। बाराबंकी में कल्प वृक्ष है। जिसकी उम्र पांच हजार साल से अधिक बताई जा रही है। इसके अलावा भी बहुत पुराने-पुराने वृक्ष हैं लेकिन जहां देखो पेड़ों का काटा जा रहा है। उन्होंने वन विभाग से पूरे प्रदेश में 500-1000 साल या उससे भी पुराने वृक्षों को हेरिटेज में शामिल करके, एक स्मारिका बनाए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण का सबसे अच्छा माध्यम तालाब है लेकिन प्राकृतिक स्रोत वृक्ष लगाने से बचेंगे। उन्होंने वहां मौजूद लोगों और स्कूली छात्रों से कहा कि पंचवटी, नवग्रह वाटिका, नक्षत्र वाटिका बनाएं। स्वतंत्रा संग्राम सेनानियों और क्रांतिकारियों के नाम से वाटिका बनाएं। भारत माता की रक्षा में शहीद हुए सपूतों के नाम से पौधे लगाएं। जिससे लोगों को प्रेरणा मिल सके। उन्होंने बताया कि पहले इस कार्यक्रम को 15 अगस्त को आयोजित किया जा रहा था लेकिन उसी दिन रक्षाबंधन होने के कारण इसे पहले आयोजित किया गया। ये दिन भी ऐतिहासिक महत्व का है। संबोधन के बाद उन्होंने मंत्रोच्चार के साथ बरगद का पौधा लगाकर वृक्षारोपण महाकुंभ की शुरुआत की। इसके अलावा वृक्षारोपण महाकुंभ का लोगो भी उन्होंने जारी किया।
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पांच महिलाओं को दिए सहजन के पौधे
मुख्यमंत्री ने वृक्षारोपण महाकुंभ के मौके पर पांच महिलाओं को सहजन के पौधे दिए। इसके अलावा जैती खेड़ा वन ब्लॉक में सात हेक्टेचर क्षेत्र में पौधरोपण अभियान की शुरुआत की। उनकेसाथ पूरे क्षेत्र में 10 हजार पौधे रोपित किए गए। इस दौरान पूरे प्रदेश में लगाए गए 22 करोड़ पौधों की जियो टैगिंग भी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को यादगार बनाने केलिए प्रदेश सरकार हर जिले में पौधरोपित करके गांधी उपवन व पंचवटी की स्थापना कर रही है।
विश्व कीर्तिमान बनेगा
वन और पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि अगस्त क्रांति के ऐतिहासिक दिन 22 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य पूरे होते ही विश्व कीर्तिमान बन जाएगा। वर्ष 2022 तक प्रदेश में वन आच्छादन को 15 फीसदी करने का लक्ष्य है। विभिन्न स्कूलों, एनजीओ, बीएसएफ जवानो ने भी इस मौके पर पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में ही वन विभाग को अगले वर्ष 25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य भी दिया। इस मौके पर मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय, प्रधान मुख्य वन संरक्षण पवन कुमार, मंत्री स्वाती सिंह, सांसद कौशल किशोर, भाजपा जिलाध्यक्ष राम निवास यादव भी मंच पर मौजूद थे।