यूपी चुनाव 2022: छोटे-बड़े दलों पर डोरे डाल रही कांग्रेस, कई राउंड की हो चुकी बातचीत, जल्द सामने आ सकते हैं नतीजे
कांग्रेस यूपी चुनाव में एक बड़े और कई छोटे-छोटे दलों से गठबंधन पर मंथन कर रही है और इस दिशा में बातचीत भी चल रही है। इस पर जल्द ही निर्णय हो सकते हैं।
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चुनावी समर में मजबूती से खड़े होने के लिए कांग्रेस कई छोटे-बड़े दलों पर डोरे डाल रही है। छोटे दलों से लखनऊ में डेरा जमाए उसके रणनीतिकार बातचीत कर रहे हैं। जबकि एक बड़े दल से समझौते की कवायद दिल्ली में हो रही है। इन सभी से कई राउंड की वार्ता हो चुकी है। प्रदेश स्तर के एक बड़े पदाधिकारी दावा करते हैं कि जल्द ही इसके नतीजे भी देखने को मिलेंगे।
विधानसभा सीटों के लिहाज से देखें तो आजादी के बाद कांग्रेस यूपी में सबसे खराब स्थिति में हैं। वर्ष 2017 के चुनाव में उसके खाते में महज सात सीटें आई थीं। इनमें से भी उसके दो विधायक भाजपा के खेमे में चले गए हैं। विधान परिषद में भी कहने के लिए उसके दो सदस्य हैं। एक सदस्य खुला विद्रोह कर चुके हैं और सदन के अंदर सत्ता पक्ष के साथ ही बैठते हैं।
लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने यूपी में अपना संगठन पुन: खड़ा करने की कवायद शुरू की थी। पार्टी के नेताओं का दावा है कि न्याय पंचायत व ग्राम पंचायत स्तर पर उनका संगठन खड़ा हो चुका है, लेकिन बूथ स्तर तक मजबूत संगठन अभी भी कांग्रेस के लिए एक चुनौती है। इन परिस्थितियों में पार्टी रणनीतिकार गठबंधन की ओर बढ़ना ज्यादा ठीक मान रहे हैं, जिससे सीटों के लिहाज से बेहतर स्थिति में आ सकें।
एक बड़ी पार्टी से गठबंधन की तलाशी जा रही संभावनाएं
सूत्र बताते हैं कि यूपी चुनाव के मद्देनजर एक बड़ी पार्टी से गठबंधन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। कांग्रेस नेताओं की ओर से सोशल मीडिया पर वायरल की गई प्रियंका गांधी की एक हालिया तस्वीर भी इस गठबंधन की चर्चाओं को काफी बल दे रही है। कांग्रेस हाईकमान ने यूपी के कुछ कांग्रेस नेताओं से अनौपचारिक वार्ता कर इस मुद्दे पर रायशुमारी भी की है। इन नेताओं का मानना है कि अगर यह गठबंधन हुआ तो दलित और ब्राह्मण मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग साथ आ सकता है।
अपना दल (कमेरावादी) से भी चल रही बातचीत
सूत्रों का कहना है कि अपना दल (कमेरावादी) से भी बातचीत चल रही है। अपना दल (कमेरावादी) की अध्यक्ष कृष्णा पटेल और उनके दामाद पंकज सिंह कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। हालांकि इसके बाद वे कांग्रेस नेताओं के साथ सार्वजनिक मंच पर नजर नहीं आए। कांग्रेस की आजाद समाज पार्टी के साथ वार्ता की चर्चा है।
आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर से प्रियंका गांधी उस समय मिलने जा चुकी हैं, जब वह अस्पताल में भर्ती थे। इसी तरह से पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा की जन अधिकार पार्टी और कश्यप-निषाद जाति के एक राजनीतिक संगठन के नेताओं से भी कांग्रेस संपर्क में हैं। इसके अलावा जिलों में असर रखने वाले कई अन्य छोटे दल भी कांग्रेस के संपर्क में हैं।